आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 01 Feb 2019 11:46:19

 

 


उठो मेरे शेरो, इस भ्रम को मिटा दो कि तुम
निर्बल हो, तुम एक अमर आत्मा हो, स्वच्छंद
जीव हो, धन्य हो, सनातन हो, तुम तत्व नहीं
हो, ना ही शरीर हो, तत्व तुम्हारा सेवक है तुम
तत्व के सेवक नहीं हो।
                            - स्वामी विवेकानंद