आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 12 Feb 2019 12:58:21

 


सेवा करने का वास्तविक अर्थ है – हृदय की शुद्धि; अहंभावना का विनाश; सर्वत्र ईश्वरत्व की अनुभूति तथा शांति की प्राप्ति।

- माधव सदाशिव गोलवलकर (श्री गुरुजी)