आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 17 Feb 2019 10:33:20


यदि मैं एक तानाशाह होता तो धर्म और राष्ट्र अलग-अलग होते। मैं धर्म के लिए जान तक दे दूंगा लेकिन यह मेरा निजी मामला है ।
राज्य का इससे कोई लेना देना नहीं है। राष्ट्र धर्मनिरपेक्ष कल्याण, स्वास्थ्य, संचार, विदेशी संबंधों , मुद्रा इत्यादि का ध्यान रखेगा, लेकिन मेरे या आपके धर्म का नहीं। वो सबका निजी मामला है।

लाल बहादुर शास्त्री