11वें पं. बृजलाल द्विवेदी साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित होंगे श्री अरुण तिवारी

दिंनाक: 02 Feb 2019 12:42:39

मोहनिया हॉल, गांधी भवन में 3 फरवरी को आयोजित होगा मीडिया विमर्श का सम्मान समारोह


भोपाल। मीडिया विमर्श के सारस्वत आयोजन में 3 फरवरी को 'प्रेरणा' के संपादक श्री अरुण तिवारी को प्रतिष्ठित साहित्यक पत्रकारिता सम्मान 'पं. बृजलाल द्विवेदी अखिलभारतीय साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान' से सम्मानित किया जाएगा। सम्मान समारोह का आयोजन मोहनिया हॉल, गांधी भवन में सुबह 11 बजे से होगा। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रख्यात कथाकार श्री मुकेश वर्मा, मुख्य अतिथि कवि एवं पत्रकार डॉ. सुधीर सक्सेना, विशिष्ट अतिथि व्यंग्यकार श्री गिरीश पंकज, एटीजी मीडिया के प्रबंध निदेशक श्री अरविंद तिवारी होंगे। वहीं, अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. विजय बहादुर सिंह करेंगे।


            उल्लेखनीय है कि 11वें पं. बृजलाल द्विवेदी स्मृति सम्मान से सम्मानित श्री अरुण तिवारी साहित्यिक पत्रकारिता के एक महत्वपूर्ण हस्ताक्षर होने के साथ-साथ संस्कृतिकर्मी, कवि एवं लेखक भी हैं। 21 वर्षों से वे समकालीन लेखन को समर्पित साहित्यिक पत्रिका'प्रेरणा' का संपादन कर रहे हैं। मीडिया विमर्श पत्रिका के कार्यकारी संपादक प्रो. संजय द्विवेदी ने बताया कि आयोजन में अनेक साहित्यकार, बुद्धिजीवी और पत्रकार हिस्सा लेंगे। पुरस्कार के निर्णायक मंडल में सर्वश्री विश्वनाथ सचदेव(पूर्व संपादक: नवभारत टाइम्स,मुंबई),  रमेश नैयर (पूर्व निदेशक: छत्तीसगढ़ हिंदी ग्रंथ अकादमी, रायपुर), तथा डॉ. सच्चिदानंद जोशी (सदस्य सचिव: इंदिरा गांधी कला केंद्र,दिल्ली) शामिल हैं।

        इसके पूर्व यह सम्मान वीणा (इंदौर) के संपादक स्व. श्यामसुंदर व्यास, दस्तावेज (गोरखपुर) के संपादक विश्वनाथ प्रसाद तिवारी, कथादेश (दिल्ली) के संपादक हरिनारायण, अक्सर (जयपुर) के संपादक डॉ. हेतु भारद्वाज, सद्भावना दर्पण (रायपुर) के संपादक गिरीश पंकज, व्यंग्य यात्रा (दिल्ली) के संपादक डॉ. प्रेम जनमेजय, कला समय (भोपाल) के संपादक विनय उपाध्याय, संवेद (दिल्ली) के संपादक किशन कालजयी, अक्षरा (भोपाल) के संपादक कैलाशचंद्र पंत, अलाव (दिल्ली) के संपादक रामकुमार कृषक को दिया जा चुका है। त्रैमासिक पत्रिका 'मीडिया विमर्श' द्वारा प्रारंभ किए गए इस अखिल भारतीय सम्मान के तहत साहित्यिक पत्रकारिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान करने वाले संपादक को ग्यारह हजार रुपये, शाल, श्रीफल, प्रतीक चिह्न और सम्मान पत्र से अलंकृत किया जाता है।