आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 04 Feb 2019 12:31:16

 

 

स्वतन्त्रता तो उसी को कहेंगे जिसके अस्तित्व
में आने पर हम अपनी आत्मा का, राष्ट्रीय आत्मा
का दर्शन करने में तथा स्वयं को व्यक्त करने में
सामर्थ्यवान हों .
- माधव सदाशिव गोलवलकर(गुरुजी)