हमारी सक्रियता समाज तक पहुंचाने का माध्यम-प्रचार - डॉ. गोविन्द शर्मा

दिंनाक: 04 Feb 2019 12:52:07


सोशल मीडिया विज्ञान की चमत्कारिक देन


भोपाल - हमारी सक्रियता समाज तक पहुंचाने का माध्यम प्रचार है आज हम विभिन्न प्रकार के गुणवत्ता पूर्ण कार्य कर रहे है जिसके परिणाम भी चमत्कारिक आ रहे है, लेकिन यह बात हम समाज तक नहीं पहुंचा पाते। जंगल में मोर नाचा किसने देखा की स्थिति है, जबकि विज्ञान की चमत्कारिक देन सोशल मीडिया हर तीसरे व्यक्ति के हाथ में है जो उसका उपयोग भी करता है। आज प्रचार समाज की सोच पर प्रभाव डालने का बडा माध्यम है। उक्त विचार विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. गोविन्द प्रसाद शर्मा ने भोपाल में आयोजित दो दिवसीय विद्या भारती की प्रचार विभाग की अखिल भारतीय बैठक के उद्घाटन सत्र में कही।


उक्त बैठक में देशभर से प्रचार विभाग का काम देखने वाले 28 प्रान्तों से 69 कार्यकर्ता सम्मिलित हुए। यह बैठक 9 सत्रों में सम्पन्न हुई, जिसमें इलेक्टानिक मीडिया, प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया का किस प्रकार  उपयोग करना चाहिए, इसका तकनीकि कौशल क्या है, यह जानकारी श्री अरूण कुमार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दी। उन्होंने बताया कि प्रचार तंत्र समाज में किस प्रकार कार्य कर रहा है और लोगों पर किस प्रकार मनोवैज्ञानिक प्रभाव बना रहा है यह कम लोग जानते है। जबकि आज मीडिया की स्पीड काफी तेज हो गई है। सन् 2000 के बाद संचार क्रांति में परिवर्तन आया और सोशल मीडिया के आने से तो जन जन को अपनी बात कहने और लोगों तक पहुंचाने का माध्यम बन गया है। 2020 तक 60 प्रतिशत से अधिक लोग सोशल मीडिया पर होंगे।


   केंद्रीय प्रचार टोली सदस्य विद्या भारती श्री रवि कुमार जी ने बताया कि हम शिक्षा क्षेत्र के काम करने वाले संगठन में काम कर रहे है, शिक्षा क्षेत्र की चुनौतियों का सामना हम सीधा करते है, इन चुनौतियों का प्रचार के माध्यम से हम किस प्रकार सामना कर सकते है। इसके लिए हमें अपनी अवधारणा को समाज के सामने स्पष्ट करने का माध्यम प्रचार तंत्र है।


इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया से संवाद विषय पर दीपक मित्र, माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय, लोकेन्द्र सिंह प्रो. पत्रकारिता विश्वविद्यालय, रवि कुमार जी ने तकनीकि उपयोग के प्रकारों से कार्यशाला में अपनी बात रखी।
बैठक का समापन करते हुए विद्या भारती के राष्ट्रीय मंत्री श्री अवनीश जी भटनागर ने कहा कि अपना विचार समाज तक पहुंचाना और सावधानी से पहुंचाना। क्योंकि सोशल मीडिया वरदान भी है, और अभिशाप भी। बिना विचार किये कोई बात डालना या फारवर्ड करना आपकी प्रतिष्ठा को धूमिल करती है। इसलिए संगठन तंत्र को ध्यान में रख इसका उपयोग करें।


    यह बैठक सरस्वती विद्या मंदिर शारदा विहार भोपाल में सम्पन्न हुई। इसमें राष्ट्रीय संगठन मंत्री जे.एम. काशीपति, सह संगठन मंत्री श्री यतीन्द्र शर्मा जी व श्रीराम अरावकर जी,राष्ट्रीय मंत्री अवनीश भटनागर, राष्ट्रीय प्रभारी प्रचार विभाग सुधाकर रेड्डी, सदस्य रवि कुमार, अक्षी अग्रवाल उपस्थित रहे।