मेजर जनरल जीडी बक्शी व्याख्यानमाला

दिंनाक: 11 Mar 2019 17:23:29


"मेरा यह प्रश्न कौन सभी बुद्धिजीवियों से है  कि आज एक आम नागरिक की कीमत क्या बची है आज हमारे देश में जो राजनैतिक लोग हैं उन्हें तो सुरक्षा प्रदान कर दी जाती है किंतु क्या हमारी जान की कोई कीमत नहीं है 30 सालों से लगातार हम पाकिस्तान के द्वारा भेजे गए आतंकवादियों से अपनी जान गवाते जा रहे हैं | किंतु आगे क्या होगा आप कितने दिनों तक इसी तरह चुपचाप बैठे रहेंगे पाकिस्तान बार बार हमारे देश में घुसकर हमारे सैनिकों को आम नागरिकों को मार रहा है किंतु शायद 1972 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि हमारी सेना मैं भी उसकी इस कोशिश का मुंहतोड़ जवाब दिया है पहली बार सेना को कुछ भी करने की खुली छूट प्राप्त हुई है और यह हम सभी आम नागरिकों के सुरक्षित रहने के लिए बहुत आवश्यक है मैं एक बात और कहना चाहता हूं कि यह कार्यवाही लगातार होनी चाहिए यदि वह हम पर एक बार बार करते हैं तो हमें उन पर 4 बार वार करना चाहिए क्योंकि वह जिस भाषा को समझते हैं हमें उसी भाषा में उन्हें समझाना चाहिए सर्जिकल स्ट्राइक एवं एयर स्ट्राइक हमारे लिए गौरव का विषय है निश्चित रूप से जिस सरकार के कार्यकाल में यह कार्यवाही की गई है उसका श्रेय भी उसी को जाएगा सिपाही राजनीति नहीं जानता वह सरहद में अपने फर्ज को पूरा करने के लिए अपनी जान तक लगा देता है आज हम सभी का यह उत्तर दायित्व है कि सरहद में जो सिपाही आपकी रक्षा के लिए लड़ रहा है उसके मरने के बाद उसके परिवार की और उसमें रहने वाले सदस्यों की चिंता करना हम सभी का कर्तव्य है हमारे देश के वीर सिपाही अभिनंदन में पाकिस्तान की धरती पर जाकर अपने शौर्य का परिचय दिया है और 1960 मैं जिस तकनीक से विमान बना था उससे आज की आधुनिक तकनीक के विमान को मार गिराया यह हमारे लिए गौरव का विषय है आज हमारे देश में जब इस तरह संकटों के बादल छा रहे हैं तब इन परिस्थितियों में सारे देश को एकजुट रहना चाहिए सारी राजनीतिक पार्टियों को एकजुट रहना चाहिए क्योंकि हमारी आपसी विरोध दुश्मन देशों को आतंक बढ़ाने में बल देती है आज देश के युवाओं को अधिक से अधिक फौज में जाकर अपने देश के लिए समर्पण देने का भाव आना चाहिए धारा 370 हर हाल में समाप्त होनी चाहिए इसका जम्मू कश्मीर में अब लगाने का कोई औचित्य नहीं है जम्मू एवं कश्मीर में रहने वाले सभी नागरिक भारत से विशेष लगाव रखते हैं और वह भारत में रहना चाहते हैं आज भारत पाकिस्तान से लड़ने के लिए हर तरह से सक्षम है और हमारे सेना के जवानों के शौर्य एवं वीरता पर हमें विश्वास होना चाहिए उक्त उद्गार वर्तमान परिदृश्य में भारत के समक्ष आंतरिक एवं बाह्य चुनौती व्याख्यानमाला में रिटायर्ड मेजर जनरल डॉक्टर जी डी बख्शी ने व्यक्त किए"

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में पधारे ब्रिगेडियर विजय सक्सेना जी ने अपने उद्गार में कहा कि मैंने अपने सेना के जीवन काल में हमेशा अपने मातृभूमि की सेवा के लिए अपना पूर्ण समर्पण दिया है और प्रत्येक सैनिक इस देश की सेवा में अपना सर्वस्व निछावर करने के लिए आज तैयार बैठा है हमें उन सैनिकों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए क्योंकि यदि हमारा देश सुरक्षित नहीं होगा तो हम कभी सुरक्षित नहीं हो पाएंगे

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारें पीएससी के पूर्व चेयरमैन डॉ विपिन बिहारी ब्यौहार ने अपने उद्गार में कहा कि आज हमारे देश में वाह चुनौतियों से अधिक आंतरिक चुनौतियां है और पूरा देश आज इस आंतरिक चुनौतियों से जूझ रहा है हमें अपने सैनिकों पर पूर्ण विश्वास है कि वह हमारे देश की सीमाओं की रक्षा निश्चित रूप से करेंगे किंतु हम सबको मिलकर अपने देश की रक्षा आंतरिक रूप से करनी है जिससे कि यह देश अखंड व पूर्ण वैभव को प्राप्त कर सकें|