आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 12 Mar 2019 11:43:41


ब्राह्मणों से चाण्डाल तक सारे-के-सारे हिन्दू समाज की हड्डियों में प्रवेश कर यह जाति-अहंकार उसे चूस रहा है और पूरा हिन्दू समाज इस जाति–अहंकारगत द्वेष के कारण जाति कलह के यक्ष्मा की प्रबलता से जीर्ण–शीर्ण हो गया है ।

 

 - वीर सावरकर