आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 16 Mar 2019 12:13:51

 


 

दोहा – करम बंधन में बन्ध रहियो, फल की ना तज्जियो      आस

         कर्म मानुष का धर्म है, सत् भाखै रविदास ।।

 

हिन्दी अर्थ – रविदास जी कहते हैं कि हमें हमेशा अपने कर्म में लगे रहना चाहिए और कभी भी कर्म के बदले मिलने वाले फल की आशा नहीं करनी चाहिए क्युंकि कर्म करना हमारा धर्म है तो फल पाना हमारा सौभाग्य है ।