मंदिरों में घंटियां बजा रहे हैं वंशवादी चोर - नरेन्द्र सहगल

दिंनाक: 20 Mar 2019 16:29:36

मैं भी चौकीदार हूं - (भाग-1)

 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मैं भी चौकीदार हूं’ के चुनावी अभियान की हुंकार भर के वंशवादी चोरों, भ्रष्टाचारियों, घोटालेबाजों और गबन के आरोपों में जमानत पर छूटे नेताओं की नींद हराम कर दी है। प्रधानमंत्री ने देश की जनता को जनार्दन बनाकर 130 करोड़ चौकीदारों को चैकन्ना कर दिया है।


 

वास्तव में देश के चौकीदार प्रधानमंत्री ने अपने पद पर आसीन होते ही चोरों को पकड़ने का काम युद्धस्तर पर प्रारम्भ कर दिया था। चौकीदार की दहाड़ सुनकर कुछ ऐसे चोर विदेशों में भाग खड़े हुए जो पिछली सरकारों की नाक के नीचे और उनकी मदद से अपनी तिजोरियां भर रहे थे। अब इन भगोड़े चोरों को धीरे-धीरे वापस लाया जा रहा है। यह चौकीदार की चौकसी का ही परिणाम है।

 

देश के चौकीदार की ‘पकड़ो-पकड़ो’ की गगनभेदी आवाज सुनकर कुछ चोरों ने ‘बचाओ-बचाओ’ का शोर मचाकर मिलावटी गठबंधन को सहारा बनाकर चुनावी युद्ध में कूदने की मुशक्क्त करनी चाही। परन्तु यह गठबंधन अपनी मिलावट को छिपा नहीं सका और बनने से पहले ही बिखरना शुरु हो गया। ‘मैं चौकीदार हूं’ के आंदोलन से पहले ही इन लोगों ने ‘मैं प्रधानमंत्री हूं’ का रोना शुरु कर दिया।

 

चौकीदार प्रधानमंत्री की सजगता और और हिम्मत से घबराकर कई चोरों ने मंदिरों की घंट्टियां बजानी शुरु कर दीं। धोतियां पहनकर तिलकधारी बन गए। जब इनके परिवार के नई और बनावटी धर्मपरायणता की पोल खुलने लगी तो इनके ही वंश की एक कथित तारणहार ने गंगा माता की शरण लेकर गंगा यात्रा प्रारम्भ कर दी। परन्तु इस परिवार के जवांई राजा राबर्ट वाड्रा के घोटालों के भार से इनकी नैय्या डूबेगी या तैरेगी इसका पता 23 मई को प्रातः से ही लगना शुरु हो जाएगा।

 

देश के सशक्त चौकीदार से घबराकर वंशवादी राजनीतिक दल के युवराज ने अपना गोत्र भी चोरी करके कहना शुरु कर दिया था कि ‘मैं सारस्वत ब्रह्मण हूं और मेरा गोत्र कौल है’। सारी दुनिया जानती है कि युवराज का वंश फिरोज खान से जुड़ता है और गांधी नाम इन्हें महात्मा गांधी जी ने दान में दिया था। इस परिवार ने खानदान की भी चोरी की है। पंडित जवाहर लाल नेहरू का कोई पुत्र नहीं था। अतः उनका नेहरू वंश वहीं समाप्त हो गया था और उनकी बेटी का निकाह फिरोज खान से हो गया था।

 

इस वंशवादी दल को बचाने की कोशिश में युवराज जब सफल नहीं हुए तो राजकुमारी साहिबा को बुलाया गया। यह राजकुमारी स्वयं भी शिमला में एक आलीशान महल बनवाने से सम्बन्धित आरोपित घोटाले में फंस चुकी हैं। इस वंशवादी पार्टी की संरक्षक स्वयं भी नेशनल हेराल्ड के घोटाले में जमानत पर है। इसी केस में युवराज भी जमानत पर ही है। यानि तुरुप के सारे पत्ते कानून के शिकंजे में हैं।

 

इस वंशवादी दल ने देश के चौकीदार को चोर कहकर मधुमक्खियों के एक ऐसे छत्ते पर पत्थर मार दिया है, जिसकी मक्खियां इन्हें ही काट खाएंगी और इस छत्ते से टपकने वाले मधु को देश की 130 करोड़ जनता खाएगी।

 

देश के कोने-कोने में चौकीदार की ‘जागते रहो’ की रणभेरी सुनाई दे रही है और उधर चोरों की बचाओ-बचाओ की चीखें सुनाई दे रही हैं। वर्तमान राजनीतिक माहौल चोर बनाम चौकीदार बनता जा रहा है। देखते हैं कि इस दौड़ में कौन बाजी मारता है, चोर या फिर चौकीदार? ------ क्रमशः जारी