भारत में तो अवतरित होते हैं चौकीदार - नरेन्द्र सहगल

दिंनाक: 23 Mar 2019 15:18:06

मैं भी चौकीदार हूं - (भाग-2)


इस सच्चाई को नकारा नहीं जा सकता कि एक जन्म लेने वाले दुधमुंहें बच्चे से लेकर जीवन की अंतिम श्वास लेने वाले वृद्ध तक सभी जीवन भर चौकीदारी करते हैं। बच्चा जब अपनी माँ का स्तनपान करता है तो अपने पास किसी दूसरे बच्चे को फटकने भी नहीं देता। जब वह निप्पल लगी बोतल से दूध पीता है तो अपनी बोतल को किसी को हाथ भी नहीं लगाने देता। यही चौकीदारी जीवनपर्यन्त चलती है। चौकीदार शब्द स्वधर्म, संस्कृति, स्वाभिमान, सम्मान और सुख-समृद्धि की सुरक्षा का प्रतीक है।
 

गहराई से देखने पर चौकीदार शब्द की आवश्यकता और गरिमा का आभास होता है। हमारे देश में जितने भी ईश्वरीय अवतारों ने मानव के रूप में अवतार धारण किया वे सभी चौकीदार बनकर ही धरती पर आए थे। हमारे तो धर्मग्रंथों में भी स्पष्ट लिखा है कि जब भी धर्म अर्थात सत्य पर संकट आता है तो कोई चौकीदार जन्म लेता है। वर्तमान संदर्भ में इसका अर्थ है कि जब चोरों का वर्चस्व बढ़ने का खतरा मंडराने लगता है तो उनका सर्वनाश किसी चौकीदार के हाथों ही होता है।

 भगवान राम ने भी देवालयों, यज्ञशालाओं और संस्कृति-आश्रमों की चौकीदारी की और आगे चलकर राक्षसों का विनाश करके धरा को आतंकवाद से मुक्त करवाया। भगवान श्रीकृष्ण ने भी असत्य के खतरे के मध्य सत्य की चौकीदारी ही की थी और इसी हेतु उन्होंने अवतार धारण किया था। इस संदर्भ में देखें तो चौकीदारों के बिना समाज जीवन सुरक्षित नहीं रह सकता।

चिर सनातन काल से आज तक चौकीदार ही साक्षात ब्रह्मस्वरूप होते चले आए हैं। आधुनिक युग में महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, धर्मरक्षक श्री गुरुगोविंद सिंह, स्वामी विवेकानन्द, स्वामी दयानन्द, महात्मा गांधी, सुभाष चन्द्र बोस, सरदार भगत सिंह, वीर सावरकर और डॉ. हेडगेवार इत्यादि सभी चौकीदार ही तो थे।

 अतः वंशवादी राजनीतिक दल के शहजादे ने भारत के चौकीदार प्रधानमंत्री को चोर कहकर समस्त भारतवासियों का घोर अपमान किया है और अपनी ही कुंठित बौद्धिक क्षमता और पप्पू राजनीति का रीबन स्वयं अपने हाथों ही काट डाला है। अपने वंशवादी परिवार के काले कारनामों पर परदा डालने के लिए शहजादे को जब न्यायालय का भी साथ नहीं मिला तो राफेल-राफेल का शोर मचाकर चौकीदार को ही चोर कहना शुरु कर दिया।

अपने चौकीदार प्रधानमंत्री को फिर से चौकीदार बनाने के लिए अब सारा देश चौकीदार के रूप में खड़ा हो गया है। मतदान का ब्रह्मास्त्र जनता-चौकीदार के हाथ में है। असत्य, अधर्म और वंशवाद का पर्दाफाश ही नहीं होगा, उसका सर्वनाश भी होगा।

 ------ क्रमशः जारी