आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 28 Mar 2019 18:09:10


धर्म और व्यावहारिक जीवन अलग नहीं हैं | सन्यास लेना जीवन का परित्याग करना नहीं है | असली भावना सिर्फ अपने लिए काम करने की बजाय देश को अपना परिवार बना मिलजुल कर काम करना है | इसके बाद का कदम मानवता की सेवा करना है और अगला कदम ईश्वर की सेवा करना है |

 - बाल गंगाधर तिलक