शिमला में संघ की शाखा पर हमला, एक दर्जन से अधिक स्वयंसेवक घायल

दिंनाक: 29 Mar 2019 14:32:41

मैदार में दराट, रौड लेकर क्रिकेट खेलने आए थे वामपंथी गुंडे


शिमला. रविवार सुबह समरहिल शिमला में लगने वाली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा पर कम्युनिस्ट गुंडों ने हथियारों से हमला कर दिया. जिसमें विभाग प्रचारक सहित संघ व विद्यार्थी अन्य कार्यकर्ता घायल हुए हैं. इतने से मन नहीं भरा तो कम्युनिस्ट गुंडों ने हिप्र विवि के छात्रावास में सो रहे विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं पर भी हथियारों से हमला किया. घायल छात्रों का शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में चिकित्सकों के दल की देखरेख में उपचार चल रहा है.


दराट और रौड के साथ क्रिकेट खेलने आए तथाकथित मासूम और भटके हुए नौजवानों ने शाखा में खेल रहे स्वयंसेवकों पर अचानक हमला कर अपनी नकारात्मक विषाक्त विचारधारा का उदाहरण दिया. साथ ही यह भी स्पष्ट है कि शाखा पर हमला सुनियोजित था, पहले से पूर्ण योजना के साथ 50 से अधिक लोग दराट व रौड लेकर सुबह पांच बजे ही क्रिकेट खेलने आ गए थे. हमले में एक दर्जन से अधिक स्वयंसेवक घायल हुए हैं. घायलों का IGMC में उपचार चल रहा है.

कम्युनिस्ट व SFI का इतिहास रक्तरंजित रहा है. और इसकी पुनरावृत्ति समय-समय पर देखने को मिलती है. वामपंथी दूसरी विचारधारा के लोगों को जान से मार कर अपना प्रभुत्व स्थापित करते आए हैं. और जब उन्हें अपनी धरती खिसकती दिखती है तो रक्तपात पर उतर आते हैं.


हि.प्र. विश्वविद्यालय में आम छात्र वामपंथियों के इस चेहरे से भली-भांति परिचित हैं. विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय में अपने आंदोलनों और रचनात्मक कार्यों से छात्रों में राष्ट्रवाद की भावना को मजबूत किया है. छात्रों का विद्यार्थी परिषद् पर बढ़ता विश्वास और उनका विद्यार्थी परिषद् से जुड़ना शहरी नक्सलियों को हजम नहीं हो रहा. संघ के प्रति छात्रों में बढ़ते आकर्षण से भी वामपंथी कहां खुश होने वाले. इसीलिए तो सुबह सवेरे पांच बजे क्रिकेट खेलने आए थे, लेकिन रौड, दराट, लेकर.


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा और उसके बाद छात्रावासों में विद्यार्थी परिषद् के कार्यकर्ताओं पर कायराना हमला कर तथाकथित बुद्धिजीवियों ने अपनी विचारधारा के साथ-साथ इस बात का भी प्रमाण दिया है कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का छात्र अब वामपंथ को नकार रहा है. वे भूल गए कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का स्वयंसेवक और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् का कार्यकर्ता अपने देश और समाज के लिए किसी भी प्रकार का बलिदान करने से पीछे नहीं हटता.

 


पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है. दूसरी ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि ये पश्चिम बंगाल या केरल नहीं है. प्रदेश में ऐसी किसी भी आपराधिक हरकत को सहन नहीं किया जाएगा. पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी.