विपक्ष की याचिका ख़ारिज, चुनाव आयोग ने कहा नहीं हुआ आचार संहिता का उल्लंघन .

दिंनाक: 30 Mar 2019 13:42:26

 


27 मार्च की सुबह पूरा देश प्रधानमंत्री के ट्वीट के बाद उनके टीवी पर आने का इंतज़ार कर रहा था, एक्सपर्ट्स के साथ देश भर के लोग अलग-अलग तरह के कयास लगा रहे थे. जैसे हीं प्रधानमंत्री ने अपनी बात देश के सामने रखी पूरा देश ख़ुशी से झूम उठा और हमारा देश दुनिया के उन देशों की पंक्ति में खड़ा हो गया जो अन्तरिक्ष में भी उपग्रहों को निशाना बना सकते हैं, इससे पहले यह क्षमता सिर्फ तीन देशों के पास थी अमेरिका, रूस और चाइना. मिशन शक्ति के साथ भारत इस पंक्ति में खड़ा होने वाला चौथा देश बन गया.

जहाँ एक तरफ पूरा देश इस खबर पर जश्न मना रहा था, अपने भारतीय होने पर गर्व कर रहा था वहीँ दूसरी तरफ माकपा नेता सीताराम येचुरी ने सरकारी प्रसारण सेवा का इस्तेमाल करने के कारण इसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन होने का दावा करते हुए आयोग से इसकी शिकायत की थी.

चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन से चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत को खारिज कर दिया है. आयोग ने शुक्रवार को इस मामले की विस्तृत जांच के बाद कहा कि पीएम के संबोधन से आचार संहिता का उल्लंघन नहीं हुआ है.  

इस मामले में आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच के लिए गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर आयोग ने येचुरी की शिकायत को नामंजूर किया है.

आयोग ने येचुरी को शुक्रवार रात भेजे अपने जवाब में कहा कि मोदी के संबोधन से आचार संहिता में सत्तारूढ़ दल से जुड़े नियमों का उल्लंघन नहीं हुआ है. आयोग ने कहा कि समिति इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि इस मामले में आचार संहिता के तहत सरकारी मीडिया के दुरुपयोग संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन नहीं हुआ है.

समिति ने इस मामले की जांच के लिए सार्वजनिक प्रसारण सेवा से जुड़े दूरदर्शन और आकाशवाणी से प्रधानमंत्री के संबोधन के प्रसारण की फीड का स्रोत एवं अन्य जानकारियां मांगी थीं. फीड के स्रोत की जांच के आधार पर समिति ने पीएम के प्रसारण को आचार संहिता के उल्लंघन के दायरे से बाहर बताया.