आज की अभिव्यक्ति

दिंनाक: 17 Apr 2019 13:42:49


मनुष्य के लिए कदाचित अशोभनीय है कि वह मनुष्य - निर्मित संकटों से भयभीत रहे |

- माधव सदाशिवराव गोलवलकर (गुरूजी)