मताधिकार का सही उपयोग, हम सबका कर्तव्य : सरकार्यवाह, भय्याजी जोशी

दिंनाक: 09 Apr 2019 18:50:29

 

 


11 अप्रैल से भारत के लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव लोकसभा चुनावों की शुरुआत होने वाली है, 7 चरणों में होने वाले इन चुनावों में भारत की जनता देश के लिए प्रधानमंत्री का चुनाव करेगी। इन चुनावों में मतदाताओं को सौ प्रतिशत मतदान हेतु प्रेरित करने के लिए संघ ने अपने अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में देशवासिओं भी अपील की थी।

 

अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री भय्याजी जोशी ने एक विडियो सन्देश जारी करके देशवासिओं से मतदान करने की अपील की है। माननीय सरकार्यवाह ने कहा कि “ निकट भविष्य में भारत में एक बहुत बड़ा लोकतंत्र का प्रयोग होने जा रहा है। लोकतंत्र में हर एक व्यक्ति का अपना एक महत्व रहता है। संविधान ने अपनी सरकार चुनने का स्वातंत्र्य जनता के हाथ में रखा है और इसीलिए हर 5 वर्षों में होने वाले चुनाव अपने समाज की दृष्टि से, देश के दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इसलिए एक मतदाता के नाते, एक देश के नागरिक के नाते हम सब का कर्तव्य बनता है कि हम उस अधिकार का पूर्ण और सही उपयोग करें।”

 

राष्ट्रहित में काम करने वाली सरकार चुनें.

अपनी इस अपील में माननीय सरकार्यवाह ने देश के नागरिकों से एक मजबूत और राष्ट्र के विकास में सही निर्णय लेने वाली सरकार चुनने की बात कही, उन्होंने कहा “ देश के संविधान की संरक्षा हो, देश का विकास हो, जनसामान्य शासन की सब प्रकार की सुविधाओं से लाभान्वित होते रहें, विश्व के मंच पर भारत की प्रतिमा गौरवान्वित होती रहे, इस प्रकार के समूह सत्ता में आना यह देश के लिए अत्यंत आवश्यक है। राष्ट्रीय हित में सोचने वाले कौन है, राष्ट्र विरोधी ताकतें कौन सी हैं, यह एक सामान्य जानकार मतदाता के नाते हम सब लोग समझते हैं और इसलिए एक आपका मत देश की दिशा तय करने वाला सिद्ध होने वाला है।”

 

100 प्रतिशत हो मतदान.

संघ इन चुनावों में मतप्रतिशत बढाने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को मतदान केन्द्रों तक लेकर आने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि भारत का लोकतंत्र और ज्यादा मजबूत हो। अपनी इसी प्रतिबध्दता को दुहराते हुए माननीय भय्याजी जोशी ने कहा कि “ हम सभी बंधुओं से, सभी मतदाताओं से निवेदन करते हैं कि वह चुनाव के दिन अपने स्वयं का और अपने परिवार का, अपने साथियों का 100 प्रतिशत मतदान हो, उस दिशा में हम सब लोगों ने मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है। हमारे मतों के आधार पर निर्वाचित होने वाली सरकार देश के हित में श्रेष्ठ कार्य करेगी, इस प्रकार की अपेक्षा भविष्य में आने वाली सरकार से भी हम रखेंगे, विश्वास भी रखेंगे. इस प्रकार एक लोकतंत्र के प्रयोग में हम सब अंतःकरण से सहभागी हों, इसकी आवश्यकता है।”

 

राजनैतिक मतभिन्नता का स्वागत है.

संघ ने हमेशा यह कहा है की मतभेद हो सकते हैं, मतभेद नहीं होने चाहियें। अपने इसी विचार को सबके सामने रखते हुए माननीय सरकार्यवाह ने कहा कि “राजनैतिक मत भिन्नता होती है, लोकतंत्र में इसका भी स्वागत है। लेकिन मत भिन्नता यह विद्वेष का, संघर्ष का कारण न बने, इसका भी हम सब लोगों ने ध्यान रखने की आवश्यकता है”।

 

इसके साथ ही माननीय भय्याजी जोशी ने यह कामना की कि यह चुनाव शांत और सौहार्दपूर्ण वातावरण में पूरा हो, और लोकतंत्र के इस पर्व में सभी अपना योगदान दें।