बोरी में मिली शैलेन्द्र की लाश, मोहन को जिन्दा जलाया : 15 घटनाएं जब मुस्लिम लड़की से दोस्ती के बदले हिन्दू लड़के को मिली मौत

दिंनाक: 15 Oct 2020 17:00:16

 


     - सौरभ कुमार     

नई दिल्ली. तनिष्क के ऐड का विरोध क्या हुआ तमाम सेक्युलर एक साथ उठ खड़े हुए. शोर मचा-मचा कर पूरी दुनिया को बता रहे हैं कि देखो! भारत का हिन्दू कितना असहिष्णु हो गया है, रेडिकल हो गया है. अरे भाई, प्रेम तो प्रेम होता है उसमें क्या हिन्दू-मुसलमान. प्रेम तो दो आत्माओं का मिलन है वो जाती धर्म देखकर थोड़े ही होता है. लेफ्ट लिबरल की सबसे बड़ी ताकत यही है कि वो आपको जानकारी आधी अधूरी देते हैं, मगर इस तरह चासनी में लपेटकर की एक बार दिल हो जाता है कि इनकी बात मान ली जाए.

 

लेकिन एक बार जरा पूरी तस्वीर देखिये. ये जो आज प्यार को दो आत्माओं का मिलन बता रहे वो उन दर्जनों मौतों पर मुंह में दही जमाए बैठे रहे, जब हिन्दू लड़कों को सिर्फ इसलिए मार दिया गया क्योंकि वो किसी मुस्लिम लड़की से प्यार (दोस्ती) कर बैठे थे. किसी को जिन्दा जला दिया गया, तो किसी की लाश इतने टुकड़ों में मिली की घरवाले पहचान नहीं पाए. फैसला कीजिये कि आज जो लोकतांत्रिक विरोध के अपने अधिकार का प्रयोग करने वाले हिन्दुओं को मिलिटेंट बता रहे हैं, वो इन हत्याओं को क्या कहेंगे? जो आज ये बांग लगा रहे हैं कि प्यार में धर्म नहीं होता, क्या वो बताएंगे इन लड़कों को क्यों मार दिया गया? क्यों इन लड़कों की मौत पर किसी ने प्राइम टाइम नहीं किया? क्यों इन लड़कों की मौत पर सोशल मीडिया में कोई ट्रेंड नहीं लिया गया?

  • पहला मामला 18 साल के राहुल का है, जिसे सिर्फ इस लिए पीट-पीट कर मार डाला गया क्योंकि उसने एक मुस्लिम लड़की से दोस्ती करने की गलती की थी. राहुल के एक दोस्त के अनुसार उसकी हत्या योजनापूर्वक की गयी. 7 अक्टूबर को लड़की के रिश्तेदारों द्वारा राहुल को बेरहमी से पीटा गया.

 

  • सोनू और धनिष्टा दोनों पड़ोसी थे. दोनों परिवार ईद और दीवाली की मिठाईयों को मिल बांट कर खाते और खिलाते थे. लेकिन उस समय सब कुछ बदल गया जब सोनू और धनिष्टा एक दूसरे से प्यार कर बैठे. इस बात पर धनिष्टा के भाई ने अपनी ही बहन का गला रेत दिया और सोनू की गर्दन काट डाली. सारी गंगा – जमुनी तहजीब रखी की रखी रह गई और एक दलित युवक प्यार करने के कारण अपनी जान गँवा बैठा.

 

  • तीसरी घटना दिसम्बर2017 की है. नवीं क्लास में पढ़ने वाले मुकेश कुमार और नूर खातून की गलती सिर्फ इतनी थी कि दोनों एक दूसरे से प्यार कर बैठे. नूर जहां के परिवार ने दोनों को मारकर उनकी लाश को गन्ने के खेत में लावारिसों की तरह फेंक दिया.

 

  • चौथी घटना अप्रैल2017 की है. के. नागराज और रेशमा बानो एक दूसरे से प्यार कर बैठे. कर्नाटक के बेल्लारी के इन दो युवाओं को प्यार की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी. लड़की के पिता और चार भाइयों ने मिलकर नागराज को पीट-पीट कर उसकी जान ले ली और रेशमा का गला तकिये से घोंट दिया.

 

  • शंकर यादव और सूफिया अबरार अपना शादीशुदा जीवन ख़ुशी से बिता रहे थे. सूफिया नौ महीने की गर्भवती थी. सूफिया का पूरा परिवार उसके हिन्दू लड़के से शादी करने से नाराज़ था. उन दोनों का प्यार सूफिया के भाई शफीक को बर्दाश्त नहीं हुआ. उसने उन दोनों और आजन्मे मासूम की हत्या कर दी.

 

  • यह घटना मई2018 की है. केरल के कासरगोड में बालकृष्ण को एक मुस्लिम महिला से शादी रचाने के जुर्म में मार डाला गया. शादी के तीन महीने बाद उसकी हत्या कर दी गई, और बालकृष्ण कोई हिंदूवादी या भाजपा का व्यक्ति नहीं था. वो तो लिबरल, सेक्युलर राजनीतिक दल कांग्रेस का नेता था.

 

  • तिरुवनंतपुरम के जीतू मोहन मुस्लिम लड़की से प्यार करने के जुर्म में जिन्दा जला दिया गया. मात्र23 वर्ष की उम्र में जीतू ने प्यार करने के जुर्म में ऐसी सजा भुगती. लड़की के भाई ने एक कांस्टेबल और कुछ साथियों के साथ मिलकर जीतू को उसके घर में जिन्दा जला दिया.

 

  • यह घटना सितम्बर2018 की है. एक मुस्लिम महिला को उसके अपने ही परिवार वालों ने सिर्फ इसलिए मार दिया क्योंकि उसके हिन्दू लड़के से संबंध थे. जब युवती की लाश मिली तो उसके चेहरे को इतनी बुरी तरह से बिगाड़ा जा चुका था कि उसकी पहचान संभव नहीं हो रही थी. पश्चिम बंगाल पुलिस ने लड़की के पिता और भाई को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया. इस मामले में एनडीटीवी ने अपनी हेडलाइन में महिला और उसके परिवार का धर्म भी उल्लेखित किया था जो चौंकाने वाला था.

 

  • जम्मू के रजनीश शर्मा ने मुस्लिम महिला से शादी की मगर लड़की के परिवार वाले इससे खुश नहीं थे. उन्होंने पुलिस के साथ मिलकर साजिश रची और रजनीश को पुलिस कस्टडी में इतना प्रताड़ित किया गया कि उसकी कस्टडी में ही मौत हो गई.

 

  • शैलेन्द्र प्रसाद और मुनीर बीबी ने एक दूसरे से शादी की और उनका एक दस महीने का बच्चा भी था. सब ठीक चल रहा था और फिर मुनीर अपने गांव गई. गांव में सभा बैठी, लड़के का धर्म पता किया गया और उसके हिन्दू होने के कारण उसका सर धड़ से अलग कर दिया गया. शैलेन्द्र की लाश एक बोरे में बंद, खेत में पड़ी मिली.

 

  • घटना अक्तूबर, 2018 की है. बिहार के नवादा में एक18 वर्ष की मुस्लिम युवती को पंचायत ने पूरे गांव के सामने पेड़ से बाँध कर अधमरा होने तक मारा. लड़की एक हिन्दू लड़के से प्यार करती थी, उसका परिवार उसे पंचायत के पास लेकर आया और उसे ये सजा मिली. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था.

 

  • मंजूनाथ ने मुस्लिम लड़की से शादी की मगर लड़की के घर वाले इसके खिलाफ थे. शादी के एक साल बाद मंजूनाथ को लड़की के घरवालों ने न केवल पीटा, बल्कि उसकी जाति को लेकर भी अपशब्द कहे. मुस्लिम-दलित एकता की बात करने वाले इस मामले में दूर-दूर तक कहीं नहीं दिखे, दलित युवक मंजुनाथ ने अपने बयान में साफ़ साफ़ बताया कि उस पर जातिगत टिप्पणी की और डंडों से उसे बेरहमी से मारा.

 

  • उत्तर प्रदेश में 20 वर्ष की एक मुस्लिम युवती पर उसके भाई ने गोली चला दी. प्रयास तो उसकी हत्या का था, लेकिन युवती किसी तरह बच गयी. हत्या के इस प्रयास में युवती का पिता भी शामिल था. और यहाँ तो मामला प्यार का भी नहीं था, ये गोली बस इसलिए चली क्योंकि लड़की के परिवार वालों ने उसे एक हिन्दू लड़के से बात करते हुए सुन लिया था.

 

  • घटना फरवरी2018 की है. अंकित और शहज़ादी तीन साल से एक दूसरे से प्यार करते थे. जब ये बात शहजादी के घर वालों को पता चली तो अंकित को पीट-पीट कर मार डाला. पुलिस ने जब परिवार वालों को पूछताछ के लिए बुलाया तो शहजादी के पिता और चाचा ने अपना गुनाह कबूल किया, लेकिन उन्हें इसका बिलकुल भी पछतावा नहीं था.

 

  • खेतराम भीम के एक मुस्लिम लड़की से सम्बन्ध थे, लेकिन लड़की के परिवार वालों को यह रिश्ता रास नहीं आया. उन्होंने कई बार युवक को धमकाया भी और एक दिन सद्दाम और हयात ने खेतराम को मैदान में बुलाया. जहां उन्होंने उसे बांध कर इतना मारा कि उसकी मौत हो गई.

तो अगली बार जब कोई लिबरल ये लिखता हुआ दिख जाए कि प्यार में धर्म नहीं होता तो ये घटनाएं उसके सामने रख कर पूछें कि इन लड़कों की क्या गलती थी? इन लड़कों की मौत पर उनका खून क्यों नहीं खौला? वो इन मामलों में प्यार करने वालों की वकालत क्यों नहीं करते?