और आज प्रभाकर जी भी चले गये.....

दिंनाक: 31 Oct 2020 15:33:35


 

  श्रीराम जी आरावकर  

और आज प्रभाकर जी भी चले गये। प्रभाकर जी याने प्रभाकर जी केलकर(मूलतः केळकर)


वे सदैव ही मुझसे दो कदम आगे ही चलते रहे।


शिशु मंदिर का का कखग मैने प्रभाकर जी से ही सीखा। 1974 मे जब मैने सरस्वती शिशु मंदिर शिवाजी नगर भोपाल मे आचार्य के रूप मे काम प्रारंभ किया तब वे वहाँ पाली प्रमुख का दायित्व निर्वहन कर रहे थे । उसी वर्ष कानपुर मे उन्होने और अरुण कुलकर्णी जी ने संघ शिक्षा वर्ग द्वितीय वर्ष और मैने विलास जी गोळे तथा भोपाल विभाग से 3 अन्य बन्धुओं ने प्रथम वर्ष का शिक्षण किया। आपातकाल मे उन्हे सत्यनारायण जी तथा उनके छोटे भाई शिव नारायण शर्मा प्रदीप खाण्डेकर आदी को गिरफ्तार किया और बाद मे मै अरुण कुलकर्णी अभय देव लालचंद जी दांदवानी बहन सविता वाजपेयी जी( कुल 11 कार्यकर्ता) के साथ सत्याग्रह कर जेल गये। जेल से छूटने के पश्चात साथ-साथ ही प्रचारक निकले। बाद मे जब मै धार जिला प्रचारक बना तो पहिले वर्ष अण्णाजी मुकादम तथा दूसरे वर्ष प्रभाकर जी हमारे (मंदसौर )विभाग प्रचारक रहे। उसके बाद धार स्वतंत्र विभाग बना। मेरा केन्द्र दिल्ली बने उसके पूर्व ही किसान संघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री व बाद मे महामंत्री के रूप मे दिल्ली रहे।

इस प्रकार वे सदैव ही मेरा मार्गदर्शन करते रहे। प्रसन्न व उत्साही व्यक्तित्व, सुमधुर पंरतु घन-गंभीर स्वर, उत्कृष्ट खिलाडी, जीवन की पवित्रता सहजता व सरलता, कुशल नेतृत्व कुल मिलाकर एक सर्वांगीण व्यक्तित्व यानी प्रभाकर केलकर। एक सर्वांगीण विकसित पुष्प जोआज भारत माता के चरणों मे पूर्णतः विसर्जित हो गया। अब शेष रहेंगी केवल और केवल उनकी प्रेरणादायक स्मृतियाँ।
परमघन परमात्मा से प्रार्थना करता हूँ कि वह दिवंगतात्मा को शांति व सद्गति तथा उनके परिजनों व सभी सहयोगियों व मित्रजनों को इस दु:ख को सहने करने का धैर्य भी प्रदान करे।