हिन्दू समाज को कमजोर कर रहा है लव जिहाद, कानून बनाये केंद्र सरकार

दिंनाक: 17 Nov 2020 17:43:32

 


 

     - रजनीश कुमार    

पिछले दिनों  कैथोलिक बिशप की सर्वोच्च संस्था ‘द सायनाड ऑफ़ सायरो’ मालाबार चर्च ने केरल में योजनाबद्ध तरीके से इसाई युवतियों के मतान्तरण का मुद्दा उठाया, लगभग उसी समय में सिंध प्रान्त से भी एक खबर सामने आई जहाँ तीन दलित नाबालिग लड़कियों का अपहरण और उनके मतान्तरण के बाद जबरन निकाह कर दिया गया. हाल में दिल्ली के किरोड़ी निवासी मोहित के साथ भी कुछ ऐसी ही घटना घटित हुई जब मोहित का जबरन धर्मान्तरण करा दिया गया.

कहने को तो तो ये सभी घटनाएँ भारतीय उपमहाद्वीप के ही अलग- अलग क्षेत्रों में घटी लेकिन इनके बीच एक गहरा संबंध है और वह है एक जहरीली विचारधारा. एक ऐसी विचारधारा जो व्यक्ति को न सिर्फ परिवर्तित करने की मंशा रखती है बल्कि उसे बलपूर्वक बदल देने की कोशिश भी करती है.

मुस्लिम युवक के द्वारा गैर मुस्लिम महिलाओं से प्रेम का ढोंग करके इस्लामिक विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए धर्म परिवर्तन कराने की साजिश लम्बे समय से की जा रही है, लेकिन इस बार दिल्ली से जिहाद का एक ऐसा चेहरा सामने आया है, जो लव जिहाद के कट्टर प्रारूप को प्रदर्शित कर रहा है.

दिल्ली के किराड़ी निवासी मोहित ने रोहिणी जिला के पुलिस उपायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है.  इस शिकायत ने यह साबित किया है कि अब सिर्फ हिन्दू युवतियां ही नहीं बल्कि हिंदु युवकों को भी निशाना बनाया जा रहा है. यह साजिश न सिर्फ किसी को शारीरिक,  मानसिक तौर पर प्रताड़ित किए जाने का है बल्कि यह एक ऐसा जाल है जिसका शिकार पूरा हिन्दू समाज हो रहा है.

मोहित कुमार ने उक्त शिकायत में यह आरोप लगाया है कि "उत्तर प्रदेश के गोंडा जिला निवासी मुस्लिम युवती नाजरीन ने पहले धर्म छिपाकर शादी की फिर उसके परिवार के द्वारा मुझे मेरी मां के साथ कैद करके, जबरन मेरा धर्मांतरण करा दिया गया। अब नाजरीन के परिवार वाले मुझे प्रताड़ित कर रहे है।"  मोहित के अनुसार, एक पुलिस वाले ने भी उन्हें झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। आरोप है कि इसके बाद मोहित और उसकी मां को गोंडा के एक होटल के कमरे में बंद कर दिया गया। वहां मोहित का धर्म परिवर्तन कर निकाह कराया गया। मोहित ने यह भी आरोप लगाया कि पास के एक अस्पताल में उसका जबरन खतना भी करा दिया गया।  महिला (नाजरीन) के परिजनों ने मोहित से कहा कि यदि उसने यह बात किसी से बताई तो उसकी मां को जान से मार देंगे।

यह एक ऐसी घटना है जो उसी आतंकी विचार के सिधान्तों को प्रतिफलित करती है जिसकी जड़ में सिर्फ जिहाद है. अब तक जिहाद के जिस जाल में सिर्फ गैर मुस्लिम युवतियां आ रही थी  वहीं अब धर्मांतरण के उद्देश्य से प्रतिभाशाली हिन्दू युवकों का शोषण और धर्मान्तरण किया जा रहा है. इसकी जड़ में जो विचार कार्य कर रहा है वह स्पष्ट तौर पर मजहबी विचारधारा का ही एक स्वरुप है जिसे जिहाद कहा जाता है . यह जिहादी सोच किसी गैर मुस्लिम युवक/युवतियों में कोई भेदभाव नहीं करता है बल्कि यह समान घृणित भाव से सबको अपना शिकार बनाता है.

तकनीक आधारित आभासी दुनिया में झूठ और फरेब के साथ शुरू किये जाने वाले इस साजिश में पहले तो नकली नाम/पहचान के साथ संबंध शुरू किये जाते है फिर हिन्दुओ को शिकार बनाया जाता है जहाँ शिकारी के रुप में एक ऐसा चरित्र सामने आता है जो कुकृत्य (जिहाद) को भी पवित्र मानते है .

स्पष्ट रूप से कुछ मुसलमानों के बीच एक हिंदू-विरोधी मानसिकता है. इस मानसिकता को हिन्दू हमेशा  से अनदेखा करने की कोशिश कर रहे हैं. देश में जिस प्रकार की साजिशों के जाल बिछाए जा रहे है उसको देखकर भी हिन्दू हिंसा या टकराव से भले बचने की कोशिश कर रहे लेकिन यह कब तक रुकेगा ? यह स्पष्ट नहीं नहीं कहा जा सकता.

पिछले दिनों हरियाणा के वल्लभगढ़ में एक कॉलेज के सामने हिन्दू युवती को सरेआम गोली मार दी गई . इस घटना ने उसी जिहादी मानसिकता का पर्दाफाश किया जहां किसी गैर मुस्लिम युवती की हत्या सिर्फ इस वजह से कर दी गई क्यूंकि उसने जिहाद के जाल को पहचान लिया था और धर्मान्तरण से मना कर दिया था. आप एक बार अख़बारों को पलट के देखें तो ऐसी दर्ज़नों और मामले आपको मिल जायेंगे.

लव जिहाद को लेकर मध्यप्रदेश सरकार बनाएगी कानून, 5 साल की सजा गैर जमानती होगा अपराध

लव जिहाद कोई मिथक नहीं बल्कि एक कटु सत्य है जो धीरे धीरे हमारे समाज को खोखला कर रहा है. केरल के मोहम्मद शफी जिसने एनआरआई डॉक्टर के रूप में वैवाहिक वेबसाइटों पर फर्जी प्रोफाइल खोल रखी थी. इसने 30 से ज्यादा हिन्दू लड़कियों का शारीरिक शोषण किया. लम्बे समय तक इन लड़कियों को ब्लैकमेल किया और लड़कियों का धर्मांतरण कराया, धमकी भी दी. गिरफ्तारी के बाद मोहम्मद शफी ने कबूला कि वह सिर्फ मुस्लिम लड़कियों का बलात्कार करना ही पाप मानता है, बाकी किसी हिंदू महिलाओं के बलात्कार को वह पाप नहीं मानता है.

रांची के राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज तारा शाहदेव ने एक हिंदू नाम के व्यक्ति से शादी की, जो असल में मुस्लिम था. जब तारा ने धर्मपरिवर्तन से इनकार कर दिया तो उसे अमानवीय यातनाएं दी गयीं । (यह मामला भी व्यापक रूप से भारतीय मीडिया द्वारा कवर किया गया था)

नासिक ट्रिपल मर्डर - संगीता देवर, उसकी बेटी प्रीति और पोती सिद्धि को उसके मुस्लिम प्रेमी जलालुद्दीन खान के द्वारा जिंदा जला दिया गया .

अभी कुछ दिनों पहले की ही एक घटना है जब मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने लव जिहाद को लेकर कानून बनाने की घोषणा की ही थी कि राजधानी भोपाल से ही लव जिहाद का एक और डराने वाला मामला सामने आया. कोलार इलाके के ताहिर ने पिछले वर्ष से ही 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को बंधक बना कर रखे हुए था. इस दौरान ताहिर ने उस बच्ची का धर्मान्तरण कराकर उसे नुसरत बन दिया था. संदिग्ध परिस्थितियों में उस बच्ची की मौत हो गई.

मध्यप्रदेश के गृहमंत्री ने आज यह  स्पष्ट कर दिया है कि सरकार प्रदेश में धर्मांतरण के लिए विवाह पर रोक लगाने वाला विधेयक विधानसभा के अगले सत्र में लाने की तैयारी कर रही है. इसे गैर जमानती अपराध घोषित कर मुख्य आरोपी और इसमें सहभागियों को 5 साल की कठोर सजा का प्रावधान किया जा रहा है.

सिर्फ मध्यप्रदेश में ही नहीं बल्कि भारत में ऐसे कई संगठन है जो सुनियोजित तरीके से धर्म परिवर्तन करवा रहे हैं. यह दुर्भावना से भरा हुआ एक ऐसा विचार है जहाँ गैर मुस्लिम युवक / युवतियों को झांसे में रखते हुए पहले उलझाया जाता है, फिर ब्रेनवाश करने का प्रयास किया जाता है. इन घटनाओं के मूल में धर्मान्तरण का उद्देश्य रहता है लिहाजा धर्मान्तरण का विरोध या प्रतिकार करने पर नृशंस हत्या तो सामान्य बात है. यह देश के अलग अलग हिस्सों में बड़े पैमाने पर साजिशन किया जा रहा है. चूँकि किसी भी व्यक्ति को लालच देकर या धमकाकर धर्म परिवर्तन कराना कानूनी रूप से भी गलत है और सामाजिक दृष्टि से भी, लिहाजा लव जिहाद का यह यह ढोंग धतुरा ही जारी है.

हाल फिलहाल के समय में जिहाद के कई प्रारूप नए नए तरीके से सामने आ रहे है , इन मामलों को देखते हुए पुरे देश से कानून बनाने की मांग उठ रही है. केंद्र सरकार इस मुद्दे को सिर्फ यह कहकर नहीं टाल सकती कि ‘ऐसा कोई मामला केन्द्रीय एजेंसियों के संज्ञान में नहीं आया है.’ सरकार को स्वतः मामलों को संज्ञान में लेकर कड़ा कानून बनाना चाहिए. हालाँकि  मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और हरियाणा सरकार से जिस प्रकार से संकेत मिल रहे है वह आनेवाले दिनों में सुरक्षा व सम्मान के दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहने वाले है .