उत्सव/त्यौहार

16 अक्टूबर, 1905 - बंग भंग विरोधी आंदोलन

भारतीय स्वतन्त्रता के इतिहास में बंग भंग विरोधी आन्दोलन का बहुत महत्व है। इसमें न केवल बंगाल, अपितु पूरे भारत के देशभक्त नागरिकों ने एकजुट होकर अंग्रेजों को झुकने पर मजबूर कर दिया था। उन दिनों देश के मुसलमान भी हिन्दुओं के साथ मिलकर स्वतन्त्रता के लिए संघ..

पितर पक्ष - पूर्वजों के स्मरण के दिन

सनातन कैलंडर के सातवें महीने आश्विन महीने का कृष्ण पक्ष पितरों को समर्पित है और पितृ पक्ष के नाम से जाना जाता है। सनातन धर्म में मान्यता है कि पितर लोक से पितर इन दिनों में धरती पर आते हैं वह अपनी संतान से श्राद्ध की आशा लेकर आते हैं । पितर ऋण चुकाने का य..

23 सितम्बर – 1918 - हैफा (इजरायल) के युद्ध में भारतीय सैनिकों की वीरता / इस युद्ध में भारतीय सैनिकों की वीरता की कहानी इस्राइली किताबों में पढाई जाती है –

अपने देश मे अनजान रहे कुछ भारतीय सैनिको को इजरायल मे सम्मान के साथ याद किया जाता है और उनकी वीरता की कहानी इस्राइली किताबों में पढाई जाती है. हैफा शहर को 1918 के प्रथम विश्व युद्ध में भारतीय शूरवीरों ने जर्मन सेना की मशीनगनों का मुकाबला करते हुए महज एक घं..

12 सितम्बर, 1897 सारगढ़ी के रणबाँकुरे जब 21 भारतीय जवानो ने 10 हजार अफगानों को रोक लिया

भोपाल(विसंके). यह विश्व के सैनिक इतिहास की एक अनुपम गाथा है. भारतीय जवानों के शौर्य और पराक्रम का अनुपम उदाहरण है. मात्र 21 सिख सैनिको ने दस हजार अफगानों से जमकर मोर्चा लिया और अपने से कई गुना अधिक दुश्मनों को एक इंच भी आगे नहीं बढ़ने दिया. यह घटना 1..

शिकागो संभाषण – भारत के विश्वगुरु बनने का मार्ग – प्रवीण गुगनानी

भोपाल(विसंके). स्वामी विवेकानंद जी ने भारत को व भारतत्व को कितना आत्मसात कर लिया था, यह कविवर रविन्द्रनाथ टैगोर के इस कथन से समझा जा सकता है – “यदि आप भारत को समझना चाहते हैं तो स्वामी विवेकानंद को संपूर्णतः पढ़ लीजिये”. नोबेल स..

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी / जेल की कोठरी से युद्ध के मैदान तक – नरेन्द्र सहगल

भोपाल(विसंके). अधर्मियों, आतंकवादियों, समाजघातकों, देशद्रोहियों और भ्रष्टाचारियों को समाप्त करने के उद्देश्य से धराधाम पर अवतरित हुए योगेश्वर श्रीकृष्ण जन्म से लेकर अंत तक अपने निर्धारित उद्देश्य के लिए सक्रिय रहे। वे एक आदर्श क्रांतिकारी थ..

31 - अगस्त विमुक्ति दिवस - आज स्वतंत्र हुए थे पारधी और अन्य घुमंतू जातियां – प्रवीण गुगनानी

भोपाल(विसंके). यह आश्चर्य ही है कि हमारा देश और हम सभी नागरिक 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुए किंतु देश की घुमंतू जातियों के चार करोड़ लोगों का  दर्जा तब भी कानूनी रूप से गुलाम का ही बना रहा. घुमंतू जातियों के इन गुलामों हेतु भारत सरकार ने 31 अगस्त 1952..

28 अगस्त, 1965 - भारतीय जवानों ने हाजी पीर दर्रे पर तिरंगा लहराया

उनके पास खाने के लिए सीले हुए शकरपारे और बिस्कुट थे. तेज़ बारिश हो रही थी और मेजर रंजीत सिंह दयाल एक (1) पैरा के सैनिकों को लीड करते हुए हैदराबाद नाले की तरफ़ बढ़ रहे थे. उनका अंतिम लक्ष्य था हाजी पीर पास, जिसको पाकिस्तान और भारत दोनों एक अभेद्य लक्ष्य मा..

भुजरिया और जवारे में छिपा है, उत्तम कृषि का वैज्ञानिक महत्व

भोपाल(विसंके). आजकल तो अन्न के बीज को सुरक्षित रखने तथा उसके परीक्षण के अनेक तरीके विकसित हो गए हैं | किन्तु प्राचीन काल से भारत में अगले एक वर्ष तक बीज को सुरक्षित रखने के भी तरीके थे | पहले घरों में भिन्न-भिन्न प्रकार की मिट्टी की कोठियाँ बनती थी, जिसमे..

विश्व मूल निवासी दिवस और इतिहास में दबा दर्द

भोपाल(विसंके). सन 1492 में भारत की खोज में कोलंबस निकला और पश्चिमी द्वीप समूह में पंहुचा। स्पेनिश यात्रियों को सोने की खोज में भारत (India) पहुचने का भ्रम हुआ इसलिए उस नई दुनिया को उसने प्दकपं नाम दे दिया तथा उनके निवासियों को इंडियन कहना प्रारं..

4 जुलाई--स्थापना-दिवस / आजाद हिन्द फ़ौज

भोपाल(विसंके). सामान्य धारणा यह है कि आजाद हिन्द फौज और आजाद हिन्द सरकार की स्थापना नेताजी सुभाषचन्द्र बोस ने जापान में की थी; पर इससे पहले प्रथम विश्व युद्ध के बाद अफगानिस्तान में महान क्रान्तिकारी राजा महेन्द्र प्रताप ने आजाद हिन्द सरकार और फौज बनायी थी..

संथालो का बलिदान / इतिहास स्मृति – 30 जून

स्वाधीनता संग्राम में 1857 ई. एक मील का पत्थर है; पर वस्तुतः यह समर इससे भी पहले प्रारम्भ हो गया था। वर्तमान झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र में हुआ ‘संथाल हूल’ या ‘संथाल विद्रोह’ इसका प्रत्यक्..

पराभव की छाया में आत्मविश्वास का सूर्योदय – हिन्दू साम्राज्य दिवस

भोपाल(विसंके). १६७४ ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी अर्थात आज ही के दिन रायगढ़ के विशाल प्रांगण में राजे रजबाडों की सहभागिता तथा जीजा माता एवं शम्भाजी की उपस्थिति में शिवराज का राज्याभिषेक हुआ ! इसके पीछे के पराभव की सुदीर्घ एतिहासिक प्रष्ठभूमि में यह एक गौरवपूर्ण ..

“आपातकाल” भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय – 25 जून 1975

भोपाल(विसंके). 25 जून, यानी वह दिन जब भारतीय इतिहास के सर्वाधिक विवादास्पद फैसले का ऐलान किया गया था। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाधी की सलाह पर राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने 25 जून, 1975 अर्धरात्री में भारतीय संविधान की धारा 352 के तहत..

21 जून / अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस - योग दर्शन के प्रणेता : महर्षि पतंजलि

भोपाल(विसंके). प्राचीन भारत ने हमें गणित बीजगणित, ज्यामिति, त्रिकोणमिति,शून्य दशमलव खगोल विज्ञान ज्योतिष, आयुर्वेद, शल्य चिकित्सा, व्याकरण व दर्शन इत्यादि का महत्वपूर्ण ज्ञान प्रदान किया है। आज भी विश्व भारत प्रदत्त संस्कृत भगवत्गीता और योग से लाभ उठा रहा..

नलिनीकान्त बागची / बलिदान दिवस – 16 जून, 1918

भोपाल(विसंके).भारतीय स्वतन्त्रता के इतिहास में यद्यपि क्रान्तिकारियों की चर्चा कम ही हुई है; पर सच यह है कि उनका योगदान अहिंसक आन्दोलन से बहुत अधिक था। बंगाल क्रान्तिकारियों का गढ़ था। इसी से घबराकर अंग्रेजों ने राजधानी कोलकाता से हटाकर दिल्ली में स्..

अखिल भारतीय काँग्रेस ने माउण्टबेटन की भारत विभाजन की योजना स्वीकारी / 15 जून, 1947

भोपाल(विसंके). जनवरी 1946 को दस सदस्यीय ब्रिटिश सांसदों का प्रतिनिधि मंडल भारत आया और प्रमुख नेताओं से मिला। जनवरी 25 को वह महात्मा गांधी से मिला और फरवरी 10 को इंग्लैण्ड लौट गया। 17 फरवरी महात्मा गांधी मुम्बई लौटे। उन दिनों भारत में ब्रिटिश विरोधी भावनाए..

लोकमान्य बालगंगाधर तिलक द्वारा लिखित “गीतारहस्य” का प्रकाशन / 8 जून, 1915

गीता रहस्य नामक पुस्तक की रचना लोकमान्य बालगंगाधर तिलक ने माण्डला जेल (म्यांमार) में की थी। इसमें उन्होने श्रीमदभगवद्गीता के कर्मयोग की वृहद व्याख्या की। गांधीजी तो गीता के जबर्दस्त प्रशंसक थे। उसे वह अपनी माता..

गंगा दशहरे का महत्व

भोपाल(विसंके). हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है. ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को दशहरा कहते हैं इसमें स्नान, दान, रूपात्मक व्रत होता है स्कन्दपुराण में लिखा हुआ है कि ज्येष्ठ शुक्ल दशमी संवत्सरमुखी मानी गयी है इसमें स्नान ओर दान तो विशेष करके करें. किसी भी नदी पर जाकर..

भारत का पहला परमाणु परीक्षण / 18 मई, 1974

18 मई, 1974 को, पोखरण में भारत ने पहला परमाणु परीक्षण किया, जिसका कूट था ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा Smiling Buddha.  उस समय भारत की प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी थी।  इस परीक्षण के साथ भारत छठा परमाणु क्षमता संपन्न देश बन गय..

जब क्रान्ति का बिगुल बज उठा (प्रथम स्वतंत्रता संग्राम) / 10 मई -1857

इतिहास इस बात का साक्षी है कि भारतवासियों ने एक दिन के लिए भी पराधीनता स्वीकार नहीं की। आक्रमणकारी चाहे जो हो; भारतीय वीरों ने संघर्ष की ज्योति को सदा प्रदीप्त रखा। कभी वे सफल हुए, तो कभी अहंकार, अनुशासनहीनता या जातीय दुरभिमान के कारण विफलता हाथ लगी। अंग..

6 मई रायसेन का जौहर दिवस।

भोपाल(विसंके). 1531 ईस्वी मे गुजरात के शासक वहादुर शाह द्वितीय ने मालवा पर आक्रमण किया । तब तक रायसेन के शासक शिलादित्य से उसकी संधि हो चुकी थी और उधर दिल्ली में बाबर की मृत्यु के बाद हुमायूं गद्दी पर बैठ चुका था । इस आक्रमण में मालवा के शासक महमूद खिलज..

पहली भारतीय फिल्म “राजा हरिश्चन्द्र” का प्रदर्शन / 3 मई, 1913

दादा साहेब फाल्के द्वारा निर्मित तथा सन् 1913 में प्रदर्शित फिल्म “राजा हरिश्चन्द्र” को भारत की पहली फीचर फिल्म होने का श्रेय प्राप्त है। “राजा हरिश्चन्द्र” चार रीलों की लम्बाई वाली एक मूक फिल्म है। इस फिल्म की कहानी हिन्दू पौराण..

रामकृष्ण मिशन / स्थापना दिवस – 1 मई, 1897

भोपाल(विसंके). भारत मे ब्रिटिश राज के समय , ब्रिटिश ईसाई हिन्दू धर्म की कटु निंदा करके हिन्दुओं को ईसाई मत में मतांतरित करने के अभियान में जुटे थे। हिन्दू संतों की निंदा के लिए उन्होंने तर्क दिया कि ये सिर्फ आत्ममोक्ष के लिए तपस्या करते हैं, स..

माता सीता जन्मदिवस /वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को सीता नवमी

भोपाल(विसंके). वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी इस तिथि को सीता नवमी या जानकी नवमी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन देवी सीता महाराज राजा जनक को एक कलश में मिलीं थी। देवी सीता कलश में कैसे आईं और कैसे उनका नाम सीता पड़ा इसकी एक रोचक ..

आर्य समाज स्थापना दिवस / 10 अप्रैल

भोपाल(विसंके). भारत में एक समय वह भी था, जब लोग कर्मकाण्ड को ही हिन्दू धर्म का पर्याय मानने लगे थे। वे धर्म के सही अर्थ से दूर हट गये थे। इसका लाभ उठाकर मिशनरी संस्थाएँ हिन्दुओं के धर्मान्तरण में सक्रिय हो गयीं। भारत पर अनाधिकृत कब्जा किये अंग्रेज उन्हे..

होली मनाने से पहले जाने उसका महत्व

भोपाल(विसंके). मौज और मस्ती, रंगीनी और अलमस्ती, आनंद और उल्लास की एक सम्मोहक स्मृति का नाम होली है. यह उल्लास और यौवन का त्यौहार है. यह बीते वर्ष के दुःखो, निराशाओं आदि के स्थान पर नए वर्ष के सुख एवं समृद्धि का मंगल पर्व है. इसका प्रारंभ माघ शुक्ल पंचमी स..

शिवालय हमारे प्रदेश के - महाशिवरात्री

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् भोपाल(विसंके). प्रतिवर्ष माघ बहुल चतुर्दशी के दिन शिवरात्री मनाया जाता है. कहा जाता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव हर मंदिर में लिंग रूप में प्रत्यक्ष होते हैं..

26 जनवरी / 69वाँ गणतंत्र दिवस

भोपाल(विसंके). यह भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है. 26 जनवरी, 1950 को देश का संविधान लागू हुआ था. आजादी मिलने के बाद तत्कालीन सरकार ने देश की संविधान सभा का गठन किया जिसकी अध्यक्षता डॉ. भीमराव अम्बेडकर को मिली. 25 नवम्बर, 1949 को 211 विद्वानों  द्वारा 2 ..

गणतंत्र दिवस का बच्‍चों को समर्पित होना : डॉ. निवेदिता शर्मा

भोपाल(विसंके). भारत अपने गण का 69 वां दिवस मना रहा है।  इसी दिन सन् 1950 को भारत सरकार अधिनियम (एक्ट 1935) को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था। वस्‍तुत: यह सर्वविदित है कि एक स्वतंत्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए..

नेताजी सुभाषचन्द्र बोस / जन्म दिन – 23 जनवरी

स्वतन्त्रता आन्दोलन के दिनों में जिनकी एक पुकार पर हजारों महिलाओं ने अपने कीमती गहने अर्पित कर दिये, जिनके आह्नान पर हजारों युवक और युवतियाँ आजाद हिन्द फौज में भर्ती हो गये, उन नेताजी सुभाषचन्द्र बोस का जन्म उड़ीसा की राजधानी कटक के एक मध्यमवर्गीय परिवार ..

ऋतुराज के स्वागत का पर्व है बसंतोत्सव - डॉ. सूर्यकांत मिश्रा

भोपाल(विसंके). बसंत पंचमी का पर्व जीवन में सकारात्मक पतिवर्तन लाने का परिचायक है. यह परिवर्तन आनंद, उल्लास और नई उमंग प्रसारित करता है. बसंत ऋतु अति विशिष्ट है, इसलिए इसे ऋतुराज कहा जाता है. इस ऋतु का आगमन मन में नए जीवन का संचार करता है. इसी दिन माँ सरस्..

प्रवासी दिवस (9 जनवरी) पर विशेष -विश्व बंधुत्व: हिंदुत्व

पश्चिम की तरफ नजर डालें या दक्षिण एशिया की तरफ, सऊदी अरब को देखें या रूस को, हर तरफ हिन्दू संस्कृति की छाप दिखाई देती है।  प्रवासी भारतीय इस संस्कृति के राजदूत हैं  उनकी  अगुवाई में कुछ लोग टाइम्स स्क्वयार पर कृष्ण भक्त हरि नाम संकीर्तन करत..

आज है कार्तिक पूर्णिमा, जानिए कार्तिक पूर्णिमा का महत्व

साल में कुल 12 पूर्णिमा होती है जिनमें कार्तिक महीने की पूर्णिमा का सबसे अधिक महत्व है। माना जाता है कि इस दिन गंगा, यमुना, गोदावरी, कृष्ण, नर्मदा इन पवित्र नदियों में स्नान करके जप, तप, ध्यान योग और दान करने से अन्य तिथियों में किए गए दान पुण्य से अधिक..

शरद पूर्णिमा आज

शरद पूर्णिमा- हिन्दू पंचांग के अनुसार अश्विन मास की पूर्णिमा को कहते हैं। ज्‍योतिष के अनुसार, पूरे साल में केवल इसी दिन चन्द्रमा सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है। हिन्दू धर्म में इस दिन कोजागर व्रत माना गया है। इसी दिन श्रीकृष..

आज है नवरात्रि का प्रथम दिन/ माँ शैलपुत्री का दिन

दुर्गा के पहले स्वरूप में शैलपुत्री मानव के मन पर अधिपत्य रखती हैं। चंद्रमा पर आधिपत्य रखने वाली शैलपुत्री जीव की उस नवजात शिशु की अवस्था को संबोधित करतीं हैं जो अबोध, निष्पाप व निर्मल है। देवी शैलपुत्री मूलतः महादेव कि अर्धांगिनी पार्वती ही है। देवी पार्वती पूर्वजन्म में दक्ष प्रजापति की पुत्री सती थीं तथा उस जन्म में भी वे महादेव की ही पत्नी थीं। सती ने अपने पिता दक्ष के यज्ञ में, महादेव का अपमान न सह पाने के कारण, स्वयं को योगाग्नि में भस्म कर दिया था तथा हिमनरेश हिमावन के घर पार्वती बन कर अवतरित ..

आज है नागपंचमी

प्रत्येक वर्ष सावन महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन नागपंचमी मनाई जाती है, और इस साल सावन महीने की 27 जुलाई याने आज नागपंचमी है । नागपंचमी के दिन नाग देवता की पूजा की जाती है। ऐसी मान्यता है और कहा जाता है कि इस दिन सांपों की पूजा करने से नाग देवता प..

आर्य समाज स्थापना दिवस / 10 अप्रैल

भारत में एक समय वह भी था, जब लोग कर्मकाण्ड को ही हिन्दू धर्म का पर्याय मानने लगे थे। वे धर्म के सही अर्थ से दूर हट गये थे। इसका लाभ उठाकर मिशनरी संस्थाएँ हिन्दुओं के धर्मान्तरण में सक्रिय हो गयीं। भारत पर अनाधिकृत कब्जा किये अंग्रेज उन्हें पूरा सहयोग दे रहे थे। यह देखकर स्वामी दयानन्द सरस्वती ने 10 अप्रैल, 1875 (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, नव संवत्सर) के  शुभ अवसर पर मुम्बई में ‘आर्य समाज’ की स्थापना की। आर्य समाज ने धर्मान्तरण की गति को रोककर परावर्तन की लहर चलायी। इसके साथ ..