जयंती/पुण्यतिथि

प्रमुख स्वामी महाराज / जन्म दिवस – 7 दिसंबर, 1922

बोचासणवासाी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) के प्रमुखस्वामी महाराज का आज जन्मदिन है। हालांकि उनका जन्म तो 7 दिसम्बर 1922 को हुआ था, लेकिन तिथि के अनुसार यानी की मागशर सूद आठम को ही उनके जन्म दिन के रूप में मनाया जाता है। प्रमुख स्वामी महा..

3 दिसंबर - जन्म दिवस-खुदीराम बोस

खुदीराम का जन्म 3 दिसंबर, 1889 को पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले के बहुवैनी नमक गाँव में बाबु त्रैलोक्यनाथ बोस के यहाँ हुआ था | उनकी माता का नाम लक्ष्मीप्रिया देवी था | बालक खुदीराम के मन में देश को आजाद कराने की ऐसी लगन लगी कि नौवीं कक्षा के बाद ही पढाई छोड़ दी और स्वदेशी आन्दोलन में कूद पड़े | छात्र जीवन से ही ऐसी लगन मन में लिए इस नौजवान ने हिन्दुस्तान पर अत्याचारी सत्ता चलाने वाले ब्रिटिश साम्राज्य को ध्वस्त करने के संकल्प में अलौकिक धेर्य  का परिचय देते हुए पहला बम फेंका और मात्र 19 वें वर्ष ..

सेवाव्रती ठक्कर बापा / जन्म दिवस – 29 नवम्बर

पूजा का अर्थ एकान्त में बैठकर भजन करना मात्र नहीं है। निर्धन और निर्बल, वन और पर्वतों में रहने वाले अपने भाइयों की सेवा करना भी पूजा ही है। अमृतलाल ठक्कर ने इसे अपने आचरण से सिद्ध कर दिखाया। उनका जन्म 29 नवम्बर, 1869 को भावनगर (सौराष्ट्र, गुजरात) में हुआ था। उनके पिता श्री विट्ठलदास ठक्कर धार्मिक और परोपकारी व्यक्ति थे। यह संस्कार अमृतलाल जी पर भी पड़ा और उन्हें सेवा में आनन्द आने लगा। शिक्षा के बाद उन्हें पोरबन्दर राज्य में अभियन्ता की नौकरी मिली। वे रेल विभाग के साथ तीन साल के अनुबन्ध पर युगांडा ..

विवेकानंद शिला स्मारक के शिल्पी एकनाथ रानाडे / जन्म दिवस – 19 नवम्बर

एकनाथ रानाडे का जन्म 19 नवम्बर, 1914 को ग्राम टिलटिला (जिला अमरावती, महाराष्ट्र) में हुआ था। पढ़ने के लिए वे अपने बड़े भाई के पास नागपुर आ गये। वहीं उनका सम्पर्क डा. हेडगेवार से हुआ। वे बचपन से ही बहुत प्रतिभावान एवं शरारती थे। कई बार शरारतों के कारण उन..

परमवीर चक्र मेजर शैतान सिंह और उनके 114 साथियों का अप्रतिम बलिदान -18 नवंबर 1962

रेज़ांगला युद्ध की अनसुनी वीरगाथा 18 नवम्बर 1962 को चुशूल में मेजर शैतान सिंह और उनके 114 साथियों का अप्रतिम बलिदान इसका साक्षी है। उत्तर में भारत के प्रहरी हिमालय की पर्वत शृंखलाएं सैकड़ों से लेकर हजारों मीटर तक ऊंची हैं। मेजर शैतान सिंह के नेतृत्व म..

18 नवम्बर / जन्मदिवस – परोपकार की प्रतिमूर्ति स्वामी प्रेमानन्द

नई दिल्ली. भारत में सन्यास की एक विशेष परम्परा है. हिन्दू धर्म में ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और फिर सन्यास को आश्रम व्यवस्था कहा गया है, पर कई लोग पूर्व जन्म के संस्कार या वर्तमान जन्म में अध्यात्म और समाज सेवा के प्रति प्रेम होने के कारण ब्रह्मचर्य स..

विरक्त सन्त श्री दिगम्बर स्वामी / 8 नवम्बर – जन्म दिवस

अनादि काल से भारत भूमि पर हजारों सन्त महात्माओं ने जन्म लेकर अपने उपदेशों से जनता जर्नादन का कल्याण किया है। इन्हीं ऋषि-मुनियों की परम्परा में थे श्री दिगम्बर स्वामी, जिनके सत्संग का लाभ उठाकर हजारों भक्तों ने अपना जीवन सार्थक किया। स्वामी जी का जन्म ग..

नोबेल पुरस्कार विजेता डा. चन्द्रशेखर वेंकटरामन / जन्म दिवस – 7 नवम्बर

बात 1903 की है। मद्रास के प्रेसिडेन्सी कालेज में बी.ए. में पढ़ाते समय प्रोफेसर इलियट ने एक छोटे छात्र को देखा। उन्हें लगा कि यह शायद भूल से यहाँ आ गया है। उन्होंने पूछा, तो उस 14 वर्षीय छात्र चन्द्रशेखर वेंकटरामन ने सगर्व बताया कि वह इसी कक्षा का छात्र ..

हिन्दी में सर्वप्रथम विज्ञान संबंधी लेख एवं पुस्तकें लिखने वाले प्रो. महेश चरण सिन्हा / जन्म दिवस – 6 नवम्बर

हिन्दी में सर्वप्रथम विज्ञान संबंधी लेख एवं पुस्तकें लिखने वाले प्रो. महेश चरण सिन्हा का जन्म छह नवम्बर, 1882 को लखनऊ (उ.प्र.) में हुआ था। लखनऊ के बाद उन्होंने प्रयाग से बी.ए. और कानून की शिक्षा पाई। एक बार जापान के सिन्धी सेठ आसूमल द्वारा जापान में तक..

05 नवम्बर / बलिदान दिवस – युवा सत्याग्रही गुलाब सिंह का बलिदान

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश के एक बड़े भाग को परम्परा से महाकौशल कहा जाता है. इसका सबसे बड़ा एवं सांस्कृतिक रूप से समृद्ध नगर जबलपुर है. नर्मदा के तट पर बसा यह नगर जाबालि ऋषि के तप की गाथा कहता है. इसका प्राचीन नाम जाबालिपुरम् था, जो कालान्तर में जबलपुर हो ग..

सम्राट हेमचन्द्र विक्रमादित्य / बलिदान दिवस – 5 नवम्बर, 1556

नि:संदेह हेमू अथवा सम्राट हेमचन्द्र विक्रमादित्य दिल्ली के सिंहासन पर बैठे अंतिम हिन्दू सम्राट थे।  वे एक प्रतिभाशाली शासक, एक सफल सेनानायक, एक चतुर राजनीतिज्ञ तथा दूर-द्रष्टा कूटनीतिज्ञ थे। समस्त पठानों तथा तत्कालीन मुगल शासकों -बाबर तथा हुमायूँ&n..

04 नवम्बर / पुण्य तिथि – हिन्दी समय सारिणी के निर्माता मुकुन्ददास प्रभाकर जी

नई दिल्ली. भारत में रेल का प्रारम्भ अंग्रेजी शासनकाल में हुआ था. अतः उसकी समय सारिणी भी अंग्रेजी में ही प्रकाशित हुई. हिन्दी प्रेमियों ने शासन और रेल विभाग से बहुत आग्रह किया कि यह हिन्दी में भी प्रकाशित होनी चाहिए. पर, उन्हें यह सुनने का अवकाश कहां था...

जन्मदिवस/सशस्त्र क्रांति के पितामह वासुदेव बलवंत फड़के

वासुदेव बलवंत फडके (4 नवम्बर, 1845 – 17 फरवरी, 1883) भारत के स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी थे जिन्हें आदि क्रांतिकारी कहा जाता है। जिनका केवल नाम लेनेसे युवकोंमें राष्ट्रभक्ति जागृत हो जाती थी, ऐसे थे वासुदेव बलवंत फडके । वे भारतीय स्वतंत्रता ..

गुरु नानक : सनातन संदेश के वाहक - अजय विद्युत

दीपावली के पंद्रह दिन बाद कार्तिक पूर्णिमा के दिन इस संसार में आये गुरु नानक देव जी ने एक तरह से सनातन धर्म को ही अपने भीतरी अनुभव से एक नए रूप में व्याख्यायित किया। उनका जोर इस बात पर है कि एक छोटी सी चीज भी व्यक्ति  के रूपांतरण का माध्यम बन सकती ..

प्रथम परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा / बलिदान दिवस – 3 नवम्बर 1947

आज कश्मीर का जो हिस्सा भारत के पास है, उसका श्रेय जिन वीरों को है, उनमें से मेजर सोमनाथ शर्मा का नाम अग्रणी है। 31 जनवरी, 1922 को ग्राम डाढ (जिला धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश) में मेजर जनरल अमरनाथ शर्मा के घर में सोमनाथ का जन्म हुआ। इनके गाँव से कुछ दूरी पर ..

अयोध्या कारसेवकों का बलिदान / 2 नवम्बर, 1990

श्रीराम मन्दिर को बाबर के आदेश से उसके सेनापति मीर बाकी ने 1528 ई. में गिराकर वहाँ एक मस्जिद बना दी। इसके बाद से हिन्दू समाज एक दिन भी चुप नहीं बैठा। वह लगातार इस स्थान को पाने के लिए संघर्ष करता रहा।  23 दिसम्बर, 1949 को हिन्दुओं ने..

02 नवम्बर / जन्मदिवस – दीर्घकालिक योजनाओं के शिल्पी डॉ. अविनाश आचार्य

नई दिल्ली. भारत में सहकार आंदोलन अभी नया ही है, पर इसे ठोस आधार देने वालों में डॉ. अविनाश आचार्य (दादा) का नाम प्रमुख है. उनका जन्म दो नवम्बर, 1933 को जलगांव (महाराष्ट्र) में डॉ. रामचंद्र एवं लीलाबाई आचार्य के घर में हुआ था. शिशु अवस्था में ही वे राष्ट्..

सन्त कंवरराम / बलिदान दिवस – 1 नवम्बर

सन्त कंवरराम का बलिदान सिन्ध की भूमि ने अनेक वीर, भक्त एवं विद्वान् भारत को दिये हैं। उनमें से ही एक थे सन्त कँवरराम जी। 13 अप्रैल, 1885 को बैसाखी के पावन पर्व पर ग्राम जरवार, तहसील मीरपुर माथेलो, जिला सक्खर में उनका जन्म हुआ। इनके पिता श्री ताराचन्द्र..

लौहपुरुष सरदार पटेल / जन्म दिवस – 31 अक्टूबर

15 अगस्त, 1947 को अंग्रेजों ने भारत को स्वाधीन तो कर दिया; पर जाते हुए वे गृहयुद्ध एवं अव्यवस्था के बीज भी बो गये। उन्होंने भारत के 600 से भी अधिक रजवाड़ों को भारत में मिलने या न मिलने की स्वतन्त्रता दे दी। अधिकांश रजवाड़े तो भारत में स्वेच्छा से मिल गय..

भारत की महान पुत्री भगिनी निवेदिता / जन्म दिवस – 28 अक्तूबर

स्वामी विवेकानन्द से प्रभावित होकर आयरलैण्ड की युवती मार्गरेट नोबेल ने अपना जीवन भारत माता की सेवा में लगा दिया। प्लेग, बाढ़, अकाल आदि में उन्होंने समर्पण भाव से जनता की सेवा की। 28 अक्तूबर, 1867 को जन्मी मार्गरेट के पिता सैम्युअल नोबल आयरिश चर्च म..

लोकसंत पांडुरंग शास्त्री आठवले / जन्म दिवस – 19 अक्तूबर

हिन्दू समाज की निर्धन और निर्बल जातियों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले दादा के नाम से प्रसिद्ध पांडुरंग शास्त्री आठवले का जन्म 19 अक्तूबर, 1920 को ग्राम रोहा (जिला रायगढ़, महाराष्ट्र) में हुआ था। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा तपो..

मंगल गाडिया और सैयद हुसैन / बलिदान दिवस – 15 अक्तूबर, 1857

1857 के स्वातंत्र्य समर को भले ही अंग्रेज या उनके चाटुकार इतिहासकार कुछ भी नाम दें; पर इसमें संदेह नहीं कि वह सम्पूर्ण देश को आप्लावित करने वाला स्वयंस्फूर्त समर था। मुम्बई में भी उस समय अनेक क्रान्तिकारी हुए, जिनमें से मंगल गाडिया एवं सैयद हुसैन क..

विराट पुरुष नानाजी देशमुख / जन्म दिवस – 11 अक्टूबर

ग्राम कडोली (जिला परभणी, महाराष्ट्र) में 11 अक्तूबर, 1916 (शरद पूर्णिमा) को श्रीमती राजाबाई की गोद में जन्मे चंडिकादास अमृतराव (नानाजी) देशमुख ने भारतीय राजनीति पर अमिट छाप छोड़ी। 1967 में उन्होंने विभिन्न विचार और स्वभाव वाले नेताओं को साथ लाकर उ.प्र...

गृहस्थ प्रचारक भैया जी दाणी / जन्म दिवस – 9 अक्टूबर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परम्परा में प्रचारक अविवाहित रहकर काम करते हैं; पर कुछ अपवाद भी होते हैं। ऐसे गृहस्थ प्रचारकों की परम्परा के जनक प्रभाकर बलवन्त दाणी का जन्म नौ अक्तूबर, 1907 को उमरेड, नागपुर में हुआ था। आगे चलकर ये भैया जी दाणी के नाम से प्रस..

रानी दुर्गावती / जन्म दिवस – 5 अक्टूबर

महारानी दुर्गावती कालिंजर के राजा कीर्तिसिंह चंदेल की एकमात्र संतान थीं। महोबा के राठ गांव में 1524 ई. की दुर्गाष्टमी पर जन्म के कारण उनका नाम दुर्गावती रखा गया। नाम के अनुरूप ही तेज, साहस और शौर्य के कारण इनकी प्रसिद्धि सब ओर फैल गय..

स्वाभिमानी राजा विजय सिंह / बलिदान दिवस – 3 अक्तूबर

सामान्यतः भारत में स्वाधीनता के संघर्ष को 1857 से प्रारम्भ माना जाता है; पर सत्य यह है कि जब से विदेशी और विधर्मियों के आक्रमण भारत पर होने लगे, तब से ही यह संघर्ष प्रारम्भ हो गया था। भारत के स्वाभिमानी वीरों ने मुगल, तुर्क, हूण, शक, पठान, बलोच और पुर्तगालियों से लेकर अंग्रेजों तक को धूल चटाई है। ऐसे ही एक वीर थे राजा विजय सिंह। उत्तराखंड राज्य में हरिद्वार एक विश्वप्रसिद्ध तीर्थस्थल है। यहां पर ही गंगा पहाड़ों का आश्रय छोड़कर मैदानी क्षेत्र में प्रवेश करती है। इस जिले में एक गांव है कुंजा बहादुरपुर। ..

संगीतकार सचिनदेव बर्मन / जन्म दिवस – 1 अक्टूबर.

सचिनदेव बर्मन का जन्म वर्ष 1 अक्टूबर, 1906 में त्रिपुरा हुआ। उनके पिता जाने-माने सितारवादक और ध्रुपद गायक थे। बचपन के दिनों से ही सचिनदेव बर्मन का रुझान संगीत की ओर था और वे अपने पिता से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा लिया करते थे। इसके साथ ही उन्होंने उस्ताद ..

प्रखर देशभक्त : सूफी अम्बाप्रसाद भटनागर / पुण्य तिथि – 30 सितम्बर

सूफी अम्बाप्रसाद का जन्म 1858 में मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश के एक सम्पन्न भटनागर परिवार में हुआ था। जन्म से ही उनका दाहिना हाथ नहीं था। कोई पूछता, तो वे हंसकर कहते कि 1857 के संघर्ष में एक हाथ कट गया था। मुरादाबाद, बरेली और जालंधर में उन्होंने शिक्षा पायी। पत्रकारिता में रुचि होने के कारण कानून की परीक्षा उत्तीर्ण करने पर भी उन्होंने वकालत के बदले ‘जाम्मुल अमूल’ नामक समाचार पत्र निकाला। उनके विचार पढ़कर नवयुवकों में जागृति की लहर दौड़ने लगी। सूफी जी विद्वान तो थे ही; पर बुद्धिमान भी बहुत ..

वीरांगना मातंगिनी हाजरा / बलिदान दिवस – 29 सितम्बर

भारत के स्वाधीनता आन्दोलन में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं ने भी कदम से कदम मिलाकर संघर्ष किया था। मातंगिनी हाजरा एक ऐसी ही बलिदानी माँ थीं, जिन्होंने अपनी अशिक्षा, वृद्धावस्था तथा निर्धनता को इस संघर्ष में आड़े नहीं आने दिया। मातंगिनी का जन्म 1870 में ग्राम होगला, जिला मिदनापुर, पूर्वी बंगाल (वर्तमान बांग्लादेश) में एक अत्यन्त निर्धन परिवार में हुआ था। गरीबी के कारण 12 वर्ष की अवस्था में ही उनका विवाह ग्राम अलीनान के 62वर्षीय विधुर त्रिलोचन हाजरा से कर दिया गया; पर दुर्भाग्य उनके पीछे पड़ा ..

हिन्दू जागरण के सूत्रधार “अशोकजी सिंघल” / जन्म दिवस – 27 सितम्बर

नब्बे के दशक में श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन जब अपने यौवन पर था, उन दिनों जिनकी सिंह गर्जना से रामभक्तों के हृदय हर्षित हो जाते थे, उन श्री अशोक सिंहल को संन्यासी योद्धा भी कह सकते हैं और सन्त सिपाही भी; पर वे स्वयं को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एक प्रचारक ह..

26 सितम्बर / जन्मदिवस – कर्मयोगी पंडित सुन्दरलाल जी

नई दिल्ली. भारत के स्वाधीनता आंदोलन के अनेक पक्ष थे. हिंसा और अहिंसा के साथ कुछ लोग देश तथा विदेश में पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से भी जनजागरण कर रहे थे. अंग्रेज इन सबको अपने लिए खतरनाक मानते थे. 26 सितम्बर, 1886 को खतौली (जिला मुजफ्फरनगर, उ.प्र.) में ..

सामाजिक क्रान्ति के अग्रदूत ईश्वरचंद्र विद्यासागर / जन्म दिवस – 26 सितंबर

भारत में 19वीं शती में जिन लोगों ने सामाजिक परिवर्त्तन में बड़ी भूमिका निभाई, उनमें श्री ईश्वरचन्द्र विद्यासागर का नाम बड़े आदर से लिया जाता है। उनका जन्म 26 सितम्बर, 1820 को ग्राम वीरसिंह (जिला मेदिनीपुर, बंगाल) में हुआ था। धार्मिक परिवार होने के कारण इन्हें अच्छे संस्कार मिले। नौ वर्ष की अवस्था में ये संस्कृत विद्यालय में प्रविष्ट हुए और अगले 13वर्ष तक वहीं रहे। घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी; अतः खर्च निकालने के लिए इन्होंने दूसरों के घरों में भोजन बनाया और बर्तन साफ किये। रात में सड़क पर जलने ..

एकात्म मानववाद के प्रणेता “पंडित दीनदयाल उपाध्याय” / जन्म दिवस – 25 सितम्बर

सुविधाओं में पलकर कोई भी सफलता पा सकता है; पर अभावों के बीच रहकर शिखरों को छूना बहुत कठिन है। 25 सितम्बर, 1916 को जयपुर से अजमेर मार्ग पर स्थित ग्राम धनकिया में अपने नाना पंडित चुन्नीलाल शुक्ल के घर जन्मे पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऐसी ही विभूति थे। दीनदयाल जी के पिता श्री भगवती प्रसाद ग्राम नगला चन्द्रभान, जिला मथुरा, उत्तर प्रदेश के निवासी थे। तीन वर्ष की अवस्था में ही उनके पिताजी का तथा आठ वर्ष की अवस्था में माताजी का देहान्त हो गया। अतः दीनदयाल का पालन रेलवे में कार्यरत उनके मामा ने किया। ये सदा ..

भारत की वीर पुत्री भीकाजी कामा (मैडम कामा) / जन्म दिवस – 24 सितंबर 1861

भीकाजी कामा जो मैडम कामा के नाम से विख्यात है, भारतीय स्वतन्त्रता आंदोलन एक ऐसा नाम है, जिन्होंने भारत को परतन्त्रता से मुक्त कराने के साथ-साथ विदेशों में क्रांतिकारी आन्दोलन में भी अहम योगदान दिया. एक पारसी टिप्पणीकार ने उनके बारे में कहा था उनका मन अपने आप में एक बालक की तरह अबोध है परन्तु एक युवा स्त्री के रूप में वे एक स्वतन्त्र विचारों वाली गर्म मिजाज महिला है. मैडम कामा को भारत की वीर पुत्री भी कहा जाता था. मैडम कामा का जन्म 24 सितंबर 1861 में एक रईस पारसी परिवार में हुआ था. उनके पिता सोरावजी ..

पहली बरसी पर ब्रिगेडियर जगदीश गगनेजा जी को याद किया

जालन्धर (विसंकें). लाडोवाली रोड पर स्थित सर्वहितकारी विद्या मंदिर में स्व. ब्रिगेडियर जगदीश गगनेजा जी की पहली बरसी पर हवन यज्ञ एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम सम्पन्न हुआ. इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांतीय अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रमुख कार्यकर्ता एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे. श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए प्रांत संघचालक स. बृजभूषण सिंह बेदी जी ने गगनेजा जी को अपना निकटतम सहयोगी बताया, जिनके जाने से उनको व संगठन को व्यक्तिगत रूप से क्षति पहुंची है. उन्होंने कहा कि गगनेजा जी अपनी ध्येयनिष्ठा ..

देश एवं विदेश में बसे भारतीयों की सेवा को समर्पित “श्री श्रीनिवास शास्त्री” / जन्म दिवस – 22 सितम्बर

अपने विचारों की स्पष्टता के साथ ही दूसरे के दृष्टिकोण को भी ठीक से सुनने, समझने एवं स्वीकार करने की क्षमता होने के कारण श्री वी.एस श्रीनिवास शास्त्री एक समय गांधी जी और लार्ड इरविन में समझौता कराने में सफल हुए। इसके लिए 4 मार्च, 1931 को वायसराय ने पत्र द्वारा उन्हें धन्यवाद दिया – गांधी जी से समझौता कराने में आपने जो भूमिका निभाई है, उसके लिए मैं आपका आभारी हूँ। आपकी भूमिका बहुत महत्त्वपूर्ण थी। वालंगइमान शंकरनारायण श्रीनिवास शास्त्री का जन्म ग्राम वालंगइमान (जिला ..

वकील साहब : लक्ष्मणराव इनामदार / जन्म दिवस – 21 सितम्बर

गुजरात में वकील साहब के नाम से लोकप्रिय श्री लक्ष्मण माधवराव इनामदार का जन्म 21 सितम्बर, 1917 (भाद्रपद शुदी 5, ऋषि पंचमी) को ग्राम खटाव (जिला सतारा, महाराष्ट्र) में हुआ था। इनके पूर्वज श्रीकृष्णराव खटावदार ने शिवाजी के काल में स्वराज की बहुत सेवा की थी, अतः शिवाजी के पौत्र छत्रपति शाहूजी महाराज ने उन्हें इनाम में कुछ भूमि और ‘सरदार’ की उपाधि दी। तबसे यह परिवार ‘इनामदार’ कहलाने लगा। वकील साहब एक बड़े कुटुंब के सदस्य थे। सात ..

एकात्मता के पुजारी : नारायण गुरु / पुण्य तिथि – 20 सितम्बर

हिन्दू धर्म विश्व का सर्वश्रेष्ठ धर्म है; पर छुआछूत और ऊंचनीच जैसी कुरीतियों के कारण हमें नीचा भी देखना पड़ता है। इसका सबसे अधिक प्रकोप किसी समय केरल में था। इससे संघर्ष कर एकात्मता का संचार करने वाले श्री नारायण गुरु का जन्म 1856 ई. में तिरुअनंतपुरम् के पास चेम्बा जनती कस्बे में ऐजवा जाति के श्री मदन एवं श्रीमती कुट्टी के घर में हुआ था। नारायण के पिता अध्यापक एवं वैद्य थे; पर प्राथमिक शिक्षा के बाद कोई व्यवस्था न होने से वे अपने साथियों के साथ गाय चराने जाने लगे। वे इस दौरान ..

महाराजा शंकर शाह और राजकुमार रघुनाथ शाह / बलिदान दिवस – 18 सितम्बर

कविता सुनाकर मृत्यु को गले लगाया 1857 ई0 में जबलपुर में तैनात अंग्रेजों की 52वीं रेजिमेण्ट का कमाण्डर क्लार्क बहुत क्रूर था। वह छोटे राजाओं, जमीदारों एवं जनता को बहुत परेशान करता था। यह देखकर गोण्डवाना (वर्तमान जबलपुर) के राजा शंकरशाह ने उसके अत्याचारों का विरोध करने का निर्णय लिया। राजा एवं राजकुमार दोनों अच्छे कवि थे। उन्होंने कविताओं द्वारा विद्रोह की आग पूरे राज्य में सुलगा दी। राजा ने एक भ्रष्ट कर्मचारी गिरधारीलाल दास को निष्कासित कर दिया था। वह क्लार्क को अंग्रेजी में इन ..

आज है विश्वकर्मा जयंती

विश्वकर्मा जयंती सनातन परंपरा में पूरी धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। इस दिन औद्योगिक क्षेत्रों, फैक्ट्रियों, लोहे, मशीनों तथा औज़ारों से सम्बंधित कार्य करने वाले, वाहन शोरूम आदि में भगवान विश्वकर्मा की पूजा होती है। इस अवसर पर मशीनों और औज़ारों की साफ-सफाई आदि की जाती है और उन पर रंग किया जाता है। विश्वकर्मा जयन्ती के अवसर पर ज़्यादातर कल-कारखाने बंद रहते हैं और लोग हर्षोल्लास के साथ भगवान विश्वकर्मा की पूजा करते है। विश्वकर्मा भगवान धार्मिक ग्रंथों के अनुसार देवताओं के शिल्पी के रूप में ..

16 सितम्बर/जन्म-दिवस: बबुआ जी

बिहार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बहुविध गतिविधियों के पर्याय बने श्री कृष्णवल्लभ प्रसाद नारायण सिंह (बबुआ जी) का जन्म 16 सितम्बर, 1914 को नालन्दा जिले के रामी बिगहा ग्राम में रायबहादुर ऐदल सिंह के घर में हुआ था। बाल्यकाल में परिवार के..

लांस नायक करम सिंह ( परम वीर चक्र ) / जन्म दिवस – 15 सितम्बर

लांस नायक करम सिंह ( 15 सितम्बर 1915 – 20 जनवरी 1993 ) पंजाब के बरनाला में जन्में एक सिख थे. 1947 में हुए भारत – पाकिस्तान युद्ध में अभूतपूर्व वीरता के लिए जिन्हें भारत के सेना के वीरों को प्रदान किये जाने वाले सर्वोच्च सम्मान ” परम वी..

सुदर्शन जी – हिन्दू गौरव के स्वप्नद्रष्टा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक श्री कुप्पहल्ली सीतारामय्या सुदर्शन हिन्दुत्व की एक ऐसी विरासत छोड़ गए हैं, जो सर्वसमावेशी और सशक्त भारत में विश्वास करती है। वह हिन्दू गौरव की पुन: स्थापना के आत्मविश्वासी उद्घोषक थे। योगी श्री अरविन्द के इन व..

13 सितम्बर / बलिदान दिवस – अनशनव्रती यतीन्द्रनाथ दास

नई दिल्ली.  यतीन्द्रनाथ दास का जन्म 27 अक्तूबर, 1904 को कोलकाता में हुआ था. 16 वर्ष की अवस्था में ही वे असहयोग आंदोलन में दो बार जेल गये थे. इसके बाद वे क्रांतिकारी दल में शामिल हो गये. शचीन्द्रनाथ सान्याल से उन्होंने बम बनाना सीखा. वर्ष 1928 में व..

12 सितम्बर / पुण्य तिथि – तमिल काव्य में राष्ट्रवादी स्वर : सुब्रह्मण्य भारती

नई दिल्ली. भारतीय स्वातंत्र्य संग्राम से देश का हर क्षेत्र और हर वर्ग अनुप्राणित था. ऐसे में कवि भला कैसे पीछे रह सकते थे. तमिलनाडु में इसका नेतृत्व कर रहे थे सुब्रह्मण्य भारती. यद्यपि उन्हें अनेक संकटों का सामना करना पड़ा, पर उनका स्वर मन्द नहीं हुआ.&n..

विनोबा भावे / जन्म दिवस -11 सितम्बर, 1895

स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद निर्धन भूमिहीनों को भूमि दिलाने के लिए हुए‘भूदान यज्ञ’ के प्रणेता विनायक नरहरि (विनोबा) भावे का जन्म 11सितम्बर, 1895 को महाराष्ट्र के कोलाबा जिले के गागोदा ग्राम में हुआ था। इनके पिता श्री नरहरि पन्त तथा माता श्रीमत..

आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह भारतेन्दु हरिश्चन्द्र / जन्म दिवस – 9 सितम्बर

हिन्दी साहित्य के माध्यम से नवजागरण का शंखनाद करने वाले भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का जन्म काशी में 9 सितम्बर, 1850 को हुआ था। इनके पिता श्री गोपालचन्द्र अग्रवाल ब्रजभाषा के अच्छे कवि थे और‘गिरिधर दास’ उपनाम से भक्ति रचनाएँ लिखते थे। घर के काव्यम..

राष्ट्रऋषि राजनारायण बसु / जन्म दिवस – 7 सितम्बर, 1826

बंगाल की अनेक विभूतियों ने भारत देश और हिन्दू धर्म को सार्थक दिशा दी है। 7 सितम्बर, 1826 को बोड़ाल ग्राम में जन्मे राष्ट्रऋषि राजनारायण बसु भी उनमें से एक थे। इनके पूर्वज बल्लाल सेन के युग में गोविन्दपुर में बसे थे। कुछ समय बाद अंग्रेजों ..

प्रख्यात दर्शनशास्त्री, आदर्श शिक्षक डा. राधाकृष्णन / जन्म दिवस – 5 सितम्बर

प्रख्यात दर्शनशास्त्री, अध्यापक एवं राजनेता डा. राधाकृष्णन का जन्म पाँच सितम्बर 1888 को ग्राम प्रागानाडु (जिला चित्तूर, तमिलनाडु) में हुआ था। इनके पिता वीरस्वामी एक आदर्श शिक्षक तथा पुरोहित थे। अतः इनके मन में बचपन से ही हिन्दू धर्म एवं दर्शन ..

4 सितम्बर/जन्म-दिवसईसाई षड्यन्त्रों के अध्येता कृष्णराव सप्रे

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की योजना से कई प्रचारक शाखा कार्य के अतिरिक्त समाज जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी काम करते हैं। ऐसा ही एक क्षेत्र वनवासियों का भी है। ईसाई मिशनरियां उन्हें आदिवासी कहकर शेष हिन्दू समाज से अलग कर देती हैं। उनके षड्यन्त्रों से कई क्..

अनाथ बन्धु एवं मृगेन्द्र दत्त / बलिदान दिवस – 2 सितम्बर, 1933

अंग्रेजों के जाने के बाद भारत की स्वतन्त्रता का श्रेय भले ही कांग्रेसी नेता स्वयं लेते हों; पर वस्तुतः इसका श्रेय उन क्रान्तिकारी युवकों को है, जो अपनी जान हथेली पर लेकर घूमते रहते थे। बंगाल ऐसे युवकों का गढ़ था। ऐसे ही दो मित्र थे अनाथ बन्धु ..

उपनिषदों के फारसी मे अनुवादक “दारा शिकोह” / पुण्य तिथि – 30 अगस्त 1659

दारा शिकोह  मुग़ल बादशाह शाहजहाँ औरमुमताज़ महल का सबसे बड़ा पुत्र था। शाहजहाँ अपने इस पुत्र को बहुत अधिक चाहता था और इसे मुग़ल वंश का अगला बादशाह बनते हुए देखना चाहता था। शाहजहाँ भी दारा शिकोह को बहुत प्रिय था। वह अपने पिता को पूरा मान-सम्मान ..

हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचन्द / जन्म दिवस – 29 अगस्त

कोई समय था, जब भारतीय हॉकी का पूरे विश्व में दबदबा था। उसका श्रेय जिन्हें जाता है, उन मेजर ध्यानचन्द का जन्म प्रयाग, उत्तर प्रदेश में 29 अगस्त, 1905 को हुआ था। उनके पिता सेना में सूबेदार थे। उन्होंने 16 ..

राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि / पुण्य तिथि – 25 अगस्त

भारत तथा विश्व के 130 देशों में अपनी हजारों शाखाओं एवं संस्थाओं के माध्यम से कार्यरत प्रजापिता ब्रह्मकुमारी विश्वविद्यालय एक आध्यात्मिक संस्था है। इसकी विशेषता यह है कि इसके सारे प्रमुख सूत्र महिलाओं के हाथ में रहते हैं। इस नाते यह नारी शक्ति ..

संकल्प के धनी वैज्ञानिक डा. जगमोहन गर्ग / जन्म दिवस – 22 अगस्त

‘भारत की उन्नति स्वदेशी उद्योगों के बल पर ही हो सकती है। इसलिए हमें विदेशों का मुँह देखने की बजाय स्वयं ही आगे आना होगा।’’ संघ के द्वितीय सरसंघचालक श्री गुरुजी ने जब ये शब्द युवा वैज्ञानिक जगमोहन को कहे, तो उन्होंने तत्काल अम..

देशसेवा को समर्पित पत्रकार शोएबुल्लाह / बलिदान दिवस – 21 अगस्त

देशसेवा एवं सत्य की रक्षा में जिन पत्रकारों ने अपना बलिदान दिया, उनमें भाग्यनगर (हैदराबाद) के शोएबुल्लाह का नाम भी स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाता है। शोएब का जन्म 12 अक्तूबर, 1920 को आन्ध्र प्रदेश के वारंगल जिले के महबूबाबाद में हुआ था..

पूर्वोत्तर भारत में देवनागरी लिपि के प्रबल समर्थक “बिनेश्वर ब्रह्म” / बलिदान दिवस -19 अगस्त, 2000

पूर्वोत्तर भारत में चर्च के षड्यन्त्रों के अनेक रूप हैं। वे हिन्दू धर्म ही नहीं, तो हिन्दी भाषा और देवनागरी लिपि के भी विरोधी हैं। ‘बोडो साहित्य सभा’ के अध्यक्ष श्री बिनेश्वर ब्रह्म भी उनके इसी षड्यन्त्र के शिकार बने, चूंकि वे बोडो भाषा के ल..

अपराजेय योद्धा पेशवा बाजीराव / जन्म दिवस – 18 अगस्त, 1700

छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपने भुजबल से एक विशाल भूभाग मुगलों से मुक्त करा लिया था। उनके बाद इस ‘स्वराज्य’ को सँभाले रखने में जिस वीर का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण योगदान रहा, उनका नाम था बाजीराव पेशवा। बाजीराव का जन्म 18 ..

ओजस्वी कवि डा. शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ / जन्म दिवस – 5 अगस्त

इन दिनों कविता के नाम पर प्रायः चुटकुले और फूहड़ता को ही मंचों पर अधिक स्थान मिल रहा है। यद्यपि श्रेष्ठ काव्य के श्रोताओं की कमी नहीं है; पर फिल्मों और दूरदर्शन के स्तरहीन कार्यक्रमों ने काव्य जैसी दैवी विधा को भी बाजार की वस्तु बना दिया है। वरिष्ठ कवि ..

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त / जन्म दिवस – 3 अगस्त

यों तो दुनिया की हर भाषा और बोली में काव्य रचने वाले कवि होते हैं। भारत भी इसका अपवाद नहीं हैं; पर अपनी रचनाओं से राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति पाने वाले कवि कम ही होते हैं। श्री मैथिलीशरण गुप्त हिन्दी भाषा के एक ऐसे ही महान कवि थे, जिन्हें राष्ट्रकवि का गौर..

लोकमान्य तिलक / पुण्य तिथि – 1 अगस्त

बीसवीं सदी के प्रारम्भ में भारतीय स्वतन्त्रता के आन्दोलन में एक मंच के रूप में कार्यरत कांग्रेस में स्पष्टतः दो गुट बन गये थे। एक नरम तो दूसरा गरम दल कहलाता था। पहले के नेता गोपाल कृष्ण गोखले थे, तो दूसरे के लोकमान्य तिलक। इतिहास में आगे चलकर लाल-बाल-पा..

जन्मदिवस कल्पना दत्त- आज़ादी के लिए संघर्ष करने वाली महिला क्रांतिकारियों में से एक

कल्पना दत्त देश की आज़ादी के लिए संघर्ष करने वाली महिला क्रांतिकारियों में से एक थीं। कल्पना दत्त का जन्म 27 जुलाई 1913 को चटगांव (अब बांग्लादेश)  के श्रीपुर गांव में एक मध्यम वर्गीय परिवारमें हुआ था l  प्रसिद्ध क..

अमर बलिदानी श्रीदेव सुमन / बलिदान दिवस – 25 जुलाई

1947 से पूर्व भारत में राजे-रजवाड़ों का बोलबाला था। कई जगह जनता को अंग्रेजों के साथ उन राजाओं के अत्याचार भी सहने पड़ते थे। श्रीदेव‘सुमन’ की जन्मभूमि उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में भी यही स्थिति थी। उनका जन्म 25 मई, 1916 को बमुण्ड पट्टी के जौ..

लोकमान्य तिलक / जन्म दिवस – 23 जुलाई

बीसवीं सदी के प्रारम्भ में भारतीय स्वतन्त्रता के आन्दोलन में एक मंच के रूप में कार्यरत कांग्रेस में स्पष्टतः दो गुट बन गये थे। एक नरम तो दूसरा गरम दल कहलाता था। पहले के नेता गोपाल कृष्ण गोखले थे, तो दूसरे के लोकमान्य तिलक। इतिहास में आगे चलकर लाल-बाल-पा..

महान क्रांतिकारी बटुकेश्वर दत्त / पुण्य तिथि – 20 जुलाई

यह इतिहास की विडम्बना है कि अनेक क्रान्तिकारी स्वतन्त्रता के युद्ध में सर्वस्व अर्पण करने के बाद भी अज्ञात या अल्पज्ञात ही रहे। ऐसे ही एक क्रान्तिवीर बटुकेश्वर दत्त का जन्म 18 नवम्बर, 1910 को ग्राम ओएरी खंडा घोष (जिला बर्दमान, बंगाल)..

प्रसिद्ध भारतीय भौतिकीय वैज्ञानिक श्री जयन्त विष्णु नार्लीकर / जन्म दिवस -19 जुलाई

श्री जयन्त विष्णु नार्लीकर का जन्म 19 जुलाई 1938 को कोल्हापुर महाराष्ट्र में हुआ था।  प्रसिद्ध भारतीय भौतिकीय वैज्ञानिक हैं जिन्होंने विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए अंग्रेजी, हिन्दी और मराठी में अनेक प..

भारतीयता के सेतुबंध बालेश्वर अग्रवाल / जन्म दिवस / 17 जुलाई.

भारतीय पत्र जगत में नये युग के प्रवर्तक श्री बालेश्वर अग्रवाल का जन्म 17 जुलाई, 1921 को उड़ीसा के बालासोर (बालेश्वर) में जेल अधीक्षक श्री नारायण प्रसाद अग्रवाल एवं श्रीमती प्रभादेवी के घर में हुआ था। बिहार में हजारीबाग से इंटर उत्तीर्ण कर उन्होंने काशी..

प्रखर पत्रकार प्रभाष जोशी / जन्म दिवस -15 जुलाई

स्वाधीन भारत में जिन पत्रकारों ने विशिष्ट पहचान बनाई, उनमें प्रभाष जोशी भी एक हैं। उनका जन्म 15 जुलाई 1937 को म.प्र. के मालवा क्षेत्र में हुआ था। छात्र जीवन से ही वे गांधी, सर्वोदय और विनोबा से जुड़ गये। उन्होंने विनोबा के साथ रहकर भूदान आंदोलन के ..

विट्ठल भक्त : जैतुनबी / पुण्य तिथि – 9 जुलाई

कुछ लोगों का जन्म भले ही किसी अन्य मजहब वाले परिवार में हुआ हो; पर वे अपने पूर्व जन्म के अच्छे कर्म एवं संस्कारों के कारण हिन्दू मान्यताओं के प्रति आस्थावान होकर जीवन बिताते हैं। पुणे के पास बारामती जिले में स्थित मालेगांव (महाराष्ट्र) में एक मुसलमान घर..

5 जुलाई/पुण्य-तिथि -हंसकर मृत्यु को अपनाने वाले अधीश जी

किसी ने लिखा है - तेरे मन कुछ और है, दाता के कुछ और। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख श्री अधीश जी के साथ भी ऐसा ही हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए उन्होंने जीवन अर्पण किया; पर विधाता ने 52 वर्ष की अल्पायु में ही उन्हें अपने पास बुला लिया। अधीश ज..

महान प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद / पुण्य तिथि – 4 जुलाई 1902

भारतीय संस्कृति को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने वाले महापुरुष स्वामी विवेकानंद जी का जन्म 12 जनवरी 1863 को सूर्योदय से 6 मिनट पूर्व 6 बजकर 33 मिनट 33 सेकेन्ड पर हुआ। भुवनेश्वरी देवी के विश्वविजयी पुत्र का स्वागत मंगल शंख बजाकर मंगल ध्वनी से किया..

सिद्धयोगी स्वामी राम / जन्म दिवस – 2 जुलाई

त्यागी और तपस्वियों की भूमि भारत में अनेक तरह के योगी हुए हैं। केवल भारत ही नहीं, तो विश्व के धार्मिक विद्वानों, वैज्ञानिकों एवं चिकित्सकों को अपनी यौगिक क्रियाओं से कई बार चमत्कृत कर देने वाले सिद्धयोगी स्वामी राम का नाम असहज योग की परम्परा में शीर्ष प..

भारत रत्न : डॉ. विधानचन्द्र राय / जन्म दिवस – 1 जुलाई

डॉ. विधानचन्द्र राय का जन्म बिहार की राजधानी पटना में एक जुलाई 1882 को हुआ था। बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि विधानचन्द्र राय की रुचि चिकित्सा शास्त्र के अध्ययन में थी। भारत से इस सम्बन्ध में शिक्षा पूर्ण कर वे उच्च शिक्षा के लिए लन्दन गये। लन्दन मैडिकल क१ल..

देहदानी : शिवराम पंत जोगलेकर / पूण्य तिथि – 29 जून

बात 1943 की है। श्री गुरुजी ने युवा प्रचारक शिवराम जोगलेकर से पूछा – क्यों शिवराम, तुम्हें रोटी अच्छी लगती है या चावल ? शिवराम जी ने कुछ संकोच से कहा – गुरुजी, मैं संघ का प्रचारक हूं। रोटी या चावल, जो मिल जाए,&..

अनुपम दानी भामाशाह / जन्म दिवस – 28 जून

दान की चर्चा होते ही भामाशाह का नाम स्वयं ही मुँह पर आ जाता है। देश रक्षा के लिए महाराणा प्रताप के चरणों में अपनी सब जमा पूँजी अर्पित करने वाले दानवीर भामाशाह का जन्म अलवर (राजस्थान) में 28 जून, 1547 को हुआ था। उनके पिता श्री भारमल्ल तथा ..

“वंदे मातरम” महामंत्र के रचियता बंकिमचन्द्र चटर्जी / जन्म दिवस – 26 जून

भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में वन्देमातरम् नामक जिस महामन्त्र ने उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक जन-जन को उद्वेलित किया, उसके रचियता बंकिमचन्द्र चटर्जी का जन्म ग्राम काँतलपाड़ा, जिला हुगली,पश्चिम बंगाल में 26 जून, 1838 को ह..

महारानी दुर्गावती / बलिदान दिवस – 24 जून

महारानी दुर्गावती कालिंजर के राजा कीर्तिसिंह चंदेल की एकमात्र संतान थीं। महोबा के राठ गांव में 1524 ई. की दुर्गाष्टमी पर जन्म के कारण उनका नाम दुर्गावती रखा गया। नाम के अनुरूप ही तेज, साहस और शौर्य के कारण इनकी प्रसिद्धि सब ओर फैल गय..

डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी / बलिदान दिवस – २3 जून 1953

एक देश में दो प्रधान, दो विधान, दो निशान: नहीं चलेंगे – डॉ . श्यामाप्रसाद मुखर्जी छह जुलाई, 1901 को कोलकाता में श्री आशुतोष मुखर्जी एवं योगमाया देवी के घर में जन्मे डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी को दो कारणों से सदा याद किया जाता है..

नगर सेठ अमरचन्द बांठिया / बलिदान दिवस – 22 जून

स्वाधीनता समर के अमर सेनानी सेठ अमरचन्द मूलतः बीकानेर (राजस्थान) के निवासी थे। वे अपने पिता श्री अबीर चन्द बाँठिया के साथ व्यापार के लिए ग्वालियर आकर बस गये थे। जैन मत के अनुयायी अमरचन्द जी ने अपने व्यापार में परिश्रम, ईमानदारी एवं सज्जनता के ..

राजा दाहिरसेन – बलिदान-दिवस / 20 जून, 712

भारत को लूटने और इस पर कब्जा करने के लिए पश्चिम के रेगिस्तानों से आने वाले मजहबी हमलावरों का वार सबसे पहले सिन्ध की वीरभूमि को ही झेलना पड़ता था। इसी सिन्ध के राजा थे दाहिरसेन, जिन्होंने युद्धभूमि में लड़ते हुए प्राणाहुति दी। उनके बाद उनकी पत्नी,&..

संघ विचार के महान भाष्यकार डॉ. श्रीपति शास्त्री / जन्म दिवस -19 जून

संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता, इतिहास के प्राध्यापक तथा राजनीति, समाजशास्त्र, साहित्य आदि विषयों के गहन अध्येता श्रीपति सुब्रमण्यम शास्त्री का जन्म 19 जून, 1935 को कर्नाटक राज्य के चित्रदुर्ग जिले के हरिहर ग्राम में हुआ था। बालप..

रानी लक्ष्मीबाई / बलिदान दिवस – 18 जून, 1858

भारत में अंग्रेजी सत्ता के आने के साथ ही गाँव-गाँव में उनके विरुद्ध विद्रोह होने लगा; पर व्यक्तिगत या बहुत छोटे स्तर पर होने के कारण इन संघर्षों को सफलता नहीं मिली। अंग्रेजों के विरुद्ध पहला संगठित संग्राम 1857 में हुआ। इसमें जिन वीरों ने..

प. पू. बाला साहब देवरस जी (तृतीय सर संघचालक, रा. स्व. संघ) / पूण्य तिथि – 17 जून 1996

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तृतीय सर संघचालक प. पू. बाला साहब देवरस जी (  श्री  मधुकर दत्‍तात्रेय देवरस) का जन्‍म 11 दिसम्‍बर 1915 को नागपुर में हुआ था। उनके पिता सकारी कर्मचारी थे और नागपुर इतवारी मे आपका निवास था। य..

नलिनीकान्त बागची / बलिदान दिवस – 16 जून, 1918

भारतीय स्वतन्त्रता के इतिहास में यद्यपि क्रान्तिकारियों की चर्चा कम ही हुई है; पर सच यह है कि उनका योगदान अहिंसक आन्दोलन से बहुत अधिक था। बंगाल क्रान्तिकारियों का गढ़ था। इसी से घबराकर अंग्रेजों ने राजधानी कोलकाता से हटाकर दिल्ली में स्थापित की थी।..

14 जून / जन्मदिवस – प्रसिद्धि से दूर : भाऊसाहब भुस्कुटे

नई दिल्ली. संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार जी की दृष्टि बड़ी अचूक थी. उन्होंने ढूंढ-ढूंढकर ऐसे हीरे एकत्र किये, जिन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन और परिवार की चिन्ता किये बिना पूरे देश में संघ कार्य के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. ऐसे ही ए..

15 जून / जन्मदिवस – सरल, ओजस्वी व हंसमुख ब्रह्मदेव जी

नई दिल्ली. दिल्ली और आसपास के अनेक राज्यों में संघ के काम को गति देने वाले ब्रह्मदेव जी का जन्म 15 जून, 1920 को नजफगढ़ (दिल्ली) में हुआ था. उनके पिता नेतराम शर्मा जी तथा माता भगवती देवी जी थीं. वर्ष 1936 में उन्होंने हाईस्कूल तथा 1940 में दिल्ली विश्वविद्यालय से विज्ञान स्नातक की उपाधि प्राप्त की. वर्ष 1937 में हिन्दू महासभा भवन में लगने वाली शाखा में वे स्वयंसेवक बने. इसके बाद उनका समर्पण संघ के प्रति बढ़ता गया. शिक्षा पूरी कर मेरठ के सैन्य लेखा कार्यालय में ..

युवा क्रांतिकारी बसंत कुमार बिस्वास / बलिदान दिवस -11 जून

युवा क्रांतिकारी  बसंत कुमार बिस्वास (6 फ़रवरी 1895 – 11 मई 1915) बंगाल के प्रमुख क्रांतिकारी संगठन ” युगांतर ” के सदस्य थे। उन्होंने अपनी जान पर खेल कर वायसराय लोर्ड होर्डिंग पर बम फेंका था और इस के फलस्वरूप उन्होंने 20 वर्ष की अ..

वीर गोरखा “परमवीर चक्र” मेजर धनसिंह थापा / जन्म दिवस -10 जून

मेजर धनसिंह थापा उन वीर गोरखा नायको में से है , जिन्होंने अपने जीवन को अनुशासन और शौय से भारतवर्ष को अतुलनीय योगदान दिया। 10 जून 1928 को शिमला में पी एस थापा  के घर जन्मे धन सिंह ने अगस्त 1949 में भारतीय सेना के 8th गोरखा राईफल्स में कमीशन अधिकारी ..

वीर बिरसा मुंडा / बलिदान दिवस – 9 जून, 1900

स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारतभूमि पर ऐसे कई नायक पैदा हुए जिन्होंने इतिहास में अपना नाम स्वर्णाक्षरों से लिखवाया. एक छोटी सी आवाज को नारा बनने में देर नहीं लगती बस दम उस आवाज को उठाने वाले में होना चाहिए और इसकी जीती जागती मिसाल थे बिरसा मुंडा. बिरसा..

गौतम डोरे एवं साथियों का बलिदान – 7 जून

आंध्र प्रदेश में स्वाधीनता के लिए अल्लूरी सीताराम राजू ने युवकों का एक दल बनाया था। वे सब गांधी जी के असहयोग आंदोलन में सक्रिय थे; पर जब गांधी जी ने आंदोलन को अचानक स्थगित कर दिया, तो इन युवकों के दिल को बहुत ठेस लगी और वे हिंसा के मार्ग पर चल..

असम के रक्षक भारत रत्न “गोपीनाथ बारदोलोई” / जन्म दिवस – 6 जून

भारत रत्न से विभूषित श्री गोपीनाथ बारदोलोई का जन्म छह जून, 1890को असम के नागांव जिले के राहा गांव में हुआ था। इनके पिता श्री बुद्धेश्वर तथा माता श्रीमती प्राणेश्वरी थीं। उन्होंने एम.ए तथा फिर कानून की परीक्षाएं अच्छे अंकों से उत्तीर्ण कीं। 1922&nbs..

माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर (गुरुजी) - पुण्यतिथि

माधव सदाशिव राव गोलवलकर  “श्री गुरूजी”  का जन्म माघ कृष्ण एकादशी (विजया एकादशी) विक्रम संवत् 1962 तथा आंग्ल तिथि 19 फरवरी 1906 को प्रातः के साढ़े चार बजे नागपुर के ही श्री रायकर के घर में हुआ। उनका नाम माधव रखा गया। परन्तु  परिवार के सारे लोग उन्हें मधु नाम से ही सम्बोधित करते थे। बचपन में उनका यही नाम प्रचलित था। ताई-भाऊजी की कुल 9 संतानें हुई थीं। उनमें से केवल मधु ही बचा रहा और अपने माता-पिता की आशा का केन्द्र बना। डाक्टर जी के बाद श्री गुरुजी ..

बुन्देलखण्ड केसरी महाराजा छत्रसाल / जन्म दिवस – 4 जून

झाँसी के आसपास उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश की विशाल सीमाओं में फैली बुन्देलखण्ड की वीर भूमि में तीन जून, 1649 (ज्येष्ठ शुक्ल 3,विक्रम संवत 1706) को चम्पतराय और लालकुँवर के घर में छत्रसाल का जन्म हुआ था। चम्पतराय सदा अपने क्षेत्र से मुगलों ..

सिख धर्म के पांचवें गुरु श्री अर्जुनदेव जी / बलिदान दिवस – 30 मई

हिन्दू धर्म और भारत की रक्षा के लिए यों तो अनेक वीरों एवं महान् आत्माओं ने अपने प्राण अर्पण किये हैं; पर उनमें भी सिख गुरुओं के बलिदान जैसा उदाहरण मिलना कठिन है। पाँचवे गुरु श्री अर्जुनदेव जी ने जिस प्रकार आत्मार्पण किया, उससे हिन्दू समाज में अतीव ..

वीर प्रताप सिंह बारहठ / बलिदान दिवस – 27 मई

एक पुलिस अधिकारी और कुछ सिपाही उत्तर प्रदेश की बरेली जेल में हथकडि़यों और बेडि़यों से जकड़े एक तेजस्वी युवक को समझा रहे थे, ‘‘कुँअर साहब, हमने आपको बहुत समय दे दिया है। अच्छा है कि अब आप अपने क्रान्तिकारी साथियों के नाम हमें बता दें। इससे सर..

अविरत पथिक हो.वे. शेषाद्रि जी / जन्म दिवस – 26 मई

आज तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का साहित्य हर भाषा में प्रचुर मात्रा में निर्माण हो रहा है; पर इस कार्य के प्रारम्भ में जिन कार्यकर्ताओं की प्रमुख भूमिका रही, उनमें हो.वे. शेषाद्रि जी (श्री होंगसन्द्र वेंकटरमैया शेषाद्रि) नाम शीर्ष पर है। 26 मई, 1926 को ..

देश के औद्योगिक विकास के प्रणेता जमशेदजी टाटा / पूण्य तिथि -19 मई

जमशेदजी टाटा भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति तथा औद्योगिक घराने टाटा समूह के संस्थापक थे। भारतीय औद्योगिक क्षेत्र में जमशेदजी ने जो योगदान दिया  वह अति असाधारण और बहुत ही महत्त्वपूर्ण है। जब सिर्फ यूरोपीय, विशेष तौर पर अंग्रेज़, ही उद्योग स्थापित करने म..

बालकृष्ण चाफेकर / बलिदान दिन – 12 मई, 1899

देश की स्वाधीनता के लिए जिसने भी त्याग और बलिदान दिया, वह धन्य है; पर जिस घर के सब सदस्य फांसी चढ़ गये, वह परिवार सदा के लिए पूज्य है। चाफेकर  बंधुओं का परिवार ऐसा ही था। 1897 में पुणे में भयंकर प्लेग फैल गया। इस बीमारी को नष्ट करने के बहाने ..

अमर बलिदानी अवधबिहारी / बलिदान दिवस – 11 मई, 1915

मातृभूमि की सेवा के लिए व्यक्ति की शिक्षा, आर्थिक स्थिति या अवस्था कोई अर्थ नहीं रखती। दिल्लीवासी क्रांतिवीर अवधबिहारी ने केवल 25 वर्ष की अल्पायु में ही अपना शीश मां भारती के चरणों में समर्पित कर दिया। अवधबिहारी का जन्म चांदनी चैक, दिल्ली के मोहल्ले कच..