जयंती/पुण्यतिथि

विश्व हिन्दू परिषद के प्रथम अध्यक्ष जयचामराज वाडियार

विश्व भर के हिन्दुओं को संगठित करने के लिए श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (29 अगस्त, 1964) को स्वामी चिन्मयानंद जी की अध्यक्षता में, उनके मुंबई स्थित सांदीपनि आश्रम में विश्व हिन्दू परिषद की स्थापना हुई। इस अवसर पर धार्मिक, और सामाजिक क्षेत्र की अनेक महान वि..

जन्म दिवस-सरल व सौम्य शालिगराम तोमर

संघ के वरिष्ठ प्रचारक, सरल व सौम्य व्यवहार के धनी, समयपालन व अनुशासनप्रिय श्री शालिगराम तोमर का जन्म मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के ग्राम पोलायकलां में चार जुलाई, 1941 को एक सामान्य किसान परिवार में हुआ था। इनके पिता श्री उमराव सिंह तथा म..

जन्म दिवस-सिद्धयोगी स्वामी राम

त्यागी और तपस्वियों की भूमि भारत में अनेक तरह के योगी हुए हैं। केवल भारत ही नहीं, तो विश्व के धार्मिक विद्वानों, वैज्ञानिकों एवं चिकित्सकों को अपनी यौगिक क्रियाओं से कई बार चमत्कृत कर देने वाले सिद्धयोगी स्वामी राम का नाम असहज योग की परम्परा म..

भारत रत्न डा. विधानचन्द्र राय

  भारत रत्न  डा. विधानचन्द्र राय डा. विधानचन्द्र राय का जन्म बिहार की राजधानी पटना में एक जुलाई 1882 को हुआ था। बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि विधानचन्द्र राय की रुचि चिकित्सा शास्त्र के अध्ययन में थी। भारत से इस सम्बन्ध मे..

जन्म-दिवस अनुपम दानी : भामाशाह

      दान की चर्चा होते ही भामाशाह का नाम स्वयं ही मुँह पर आ जाता है। देश रक्षा के लिए महाराणा प्रताप के चरणों में अपनी सब जमा पूँजी अर्पित करने वाले दानवीर भामाशाह का जन्म अलवर (राजस्थान) में 28 जून, 1547 को हुआ था। उनक..

कारगिल युद्ध के अमर बलिदानी

अमर बलिदानी कैप्टन विजयंत थापर कैप्टन विजयंत थापर की बटालियन ने जब 13 जून 1999 को तोलोलिंग जीता, तब वो कारगिल में भारतीय सेना की पहली बड़ी विजय थी. 22 साल की उम्र में अमर बलिदानी विजयंत थापर ने जी भर के ज़िन्दगी जी. खेले, प्यार किया, अपनी पसंद के पेश..

जन्म-दिवस - वन्देमातरम् के गायक : बंकिमचन्द्र चटर्जी

भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में वन्देमातरम् नामक जिस महामन्त्र ने उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक जन-जन को उद्वेलित किया, उसके रचियता बंकिमचन्द्र चटर्जी का जन्म ग्राम काँतलपाड़ा, जिला हुगली,पश्चिम बंगाल में 26 जून, 1838 को ह..

नगर सेठ अमरचन्द बांठिया को फांसी

स्वाधीनता समर के अमर सेनानी सेठ अमरचन्द मूलतः बीकानेर (राजस्थान) के निवासी थे। वे अपने पिता श्री अबीर चन्द बाँठिया के साथ व्यापार के लिए ग्वालियर आकर बस गये थे। जैन मत के अनुयायी अमरचन्द जी ने अपने व्यापार में परिश्रम, ईमानदारी एवं सज्जनता के ..

वन्य जीवन के चित्रकार : रामेश बेदी

अपने कैमरे से वन्य जीवन की विविधता एवं रोमा॰च का सम्पूर्ण विश्व को दर्शन कराने वाले अद्भुत चित्रकार रामेश बेदी का जन्म 20 जून, 1915 को कालाबाग (वर्त्तमान पाकिस्तान) में हुआ था। श्री बेदी गुरु नानक की 16 वीं पीढ़ी में थे। इन..

बलिदान-दिवस - राजा दाहरसेन का बलिदान

इतिहास साक्षी है कि भारत भूमि पर होने वाले आक्रमणों को सिंध ने सदैव ही अपनी छाती पर झेला है। भारत पर जितने भी विदेशी आक्रमण हुए है वह सभी खैबर के दरें से हुए हैं। खैबर का दर्रा सिंध देश के पास है भारतीय सीमाओं के अंतिम प्रहरी सिंधु सम्राट महाराजा दाहिरस..

सदा प्रसन्न वीरेन्द्र भटनागर

कुछ लोग हर परिस्थिति में प्रसन्न रहकर सबको प्रसन्न रखते हैं। श्री वीरेन्द्र भटनागर ऐसे ही एक प्रचारक थे। उनके पिता श्री ज्ञानेन्द्र स्वरूप भटनागर लखनऊ के मुख्य डाकपाल कार्यालय में काम करते थे। किसी विवाह कार्यक्रम में वे परिवार सहित मथुरा आये थे। वहीं 1..

शुद्धता के अनुरागी : उस्ताद असद अली खां

आजकल संगीत में सब ओर मिलावट (फ्यूजन) का जोर है। कई तरह के देशी और विदेशी वाद्य एक साथ मंच पर स्थान पा रहे हैं। कभी-कभी तो शास्त्रीय और विदेशी शैलियों को मिलाकर बने कार्यक्रम को देख और सुनकर सच्चे संगीत प्रेमी सिर पीट लेते हैं। एक ओर कान फाड़ने वाला विदे..

प्रसिद्धि से दूर : भाऊसाहब भुस्कुटे

संघ संस्थापक डा. हेडगेवार की दृष्टि बड़ी अचूक थी। उन्होंने ढूँढ-ढूँढकर ऐसे हीरे एकत्र किये, जिन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन और परिवार की चिन्ता किये बिना पूरे देश में संघ कार्य के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। ऐसे ही एक श्रेष्ठ प्रचारक थ..

गणेश दामोदर सावरकर उपाख्य बाबाराव सावरकर

  वीर सावकर के बड़े भाई गणेश दामोदर सावरकर उपाख्य बाबाराव सावरकर भी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानी थे. बाबाराव सावरकर का जन्म 13 जून को महाराष्ट्र के भगूर गाँव में हुआ था. बचपन से ही भारत को स्वाधीन करवाने की इच्छा उनके मन में बलवती होने ..

महासमर के योद्धा : बाबासाहब नरगुन्दकर

भारत माँ को दासता की शृंखला से मुक्त कराने के लिए 1857 में हुए महासमर के सैकड़ों ऐसे ज्ञात और अज्ञात योद्धा हैं, जिन्होंने अपने शौर्य,पराक्रम और उत्कट देशभक्ति से ने केवल उस संघर्ष को ऊर्जा दी, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए भी वे प्रेरण..

काकोरी कांड के नायक :पंडित रामप्रसाद बिस्मिल

पंडित रामप्रसाद का जन्म 11 जून, 1897 को शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था। इनके पिता श्री मुरलीधर शाहजहाँपुर नगरपालिका में कर्मचारी थे; पर आगे चलकर उन्होंने नौकरी छोड़कर निजी व्यापार शुरू कर दिया। रामप्रसाद जी बचपन से महर्षि द..

29 मई/बलिदान दिवस-हैदराबाद सत्याग्रह के बलिदानी नन्हू सिंह

15 अगस्त, 1947 को अंग्रेजों ने भारत को स्वतन्त्र कर दिया; पर इसके साथ ही वे यहाँ की सभी रियासतों, राजे-रजवाड़ों को यह स्वतन्त्रता भी दे गये, कि वे अपनी इच्छानुसार भारत या पाकिस्तान में जा सकती हैं। देश की सभी रियासतें भारत में मिल गयीं; पर जूनागढ़ और भा..

निष्ठावान स्वयंसेवक बंसीलाल सोनी

संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री बंसीलाल सोनी का जन्म एक मई, 1930 को वर्तमान झारखंड राज्य के सिंहभूम जिले में चाईबासा नामक स्थान पर अपने नाना जी के घर में हुआ था। इनके पिता श्री नारायण सोनी तथा माता श्रीमती मोहिनी देवी थीं। इनके पुरखे मूलतः राजस्थान के थे, जो..

30 अप्रैल / जन्मदिवस – राष्ट्रसन्त तुकड़ो जी महाराज

नई दिल्ली. 23 जुलाई, 1955 को जापान के विश्व धर्म सम्मेलन में एक सन्यासी जब बोलने खड़ा हुआ तो भाषा न समझते हुए भी उनके चेहरे के भाव और कीर्तन के मधुर स्वर ने ऐसा समां बांधा कि श्रोता मन्त्रमुग्ध हो उठे. लोगों को भावरस में डुबोने वाले वे महानुभाव राष्ट्रसंत..

30 अप्रैल - बलिदान दिवस / वीर हरिसिंह नलवा

भारत पर विदेशी आक्रमणकारियों की मार सर्वप्रथम सिन्ध और पंजाब को ही झेलनी पड़ी। 1802 में रणजीत सिंह विधिवत महाराजा बन गये। 40 साल के शासन में उन्हें लगातार अफगानों और पठानों से जूझना पड़ा। इसमें मुख्य भूमिका उनके सेनापति हरिसिंह नलवा की रही। 1802 में उन्..

29 अप्रैल - जन्म दिवस / अद्वित्य चित्रकार राजा रवि वर्मा

आज घर-घर में देवी-देवताओं की तस्वीरें आम हैं. लेकिन अब से करीब सवा सौ साल पहले ये देवी-देवता ऐसे सुलभ न थे. उनकी जगह केवल मंदिरों में थी. वहां सबको जाने की इजाजत भी नहीं थी. जात-पांत का भी भेद होता था. घर में भी यदि वे होते तो मूर्तियों के रूप में. तस्वीर..

27 अप्रैल – इतिहास स्मृति / कांगला दुर्ग (मणिपुर) का पतन

1857 के स्वाधीनता संग्राम में सफलता के बाद अंग्रेजों ने ऐसे क्षेत्रों को भी अपने अधीन करने का प्रयास किया, जो उनके कब्जे में नहीं थे। पूर्वोत्तर भारत में मणिपुर एक ऐसा ही क्षेत्र था। स्वाधीनता प्रेमी वीर टिकेन्द्रजीत सिंह वहां के युवराज तथा सेनापति थे। उन..

26 अप्रैल / पुण्यतिथि – भारत दर्शन कार्यक्रम के प्रणेता विद्यानंद शेणाय

भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के हीरो रहे जगदीशपुर के बाबू वीर कुंवर सिंह को एक  बेजोड़ व्यक्तित्व के रूप में जाना जाता है जो 80 वर्ष की उम्र में भी लड़ने तथा विजय हासिल करने का माद्दा रखते थे. अपने ढलते उम्र और बिगड़ते सेहत के बावजूद भी उन्होंने ..

26 अप्रैल - पुण्यतिथि / “वीर कुंवर सिंह” 1857 के महासमर के वयोवृद्ध योद्धा

भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के हीरो रहे जगदीशपुर के बाबू वीर कुंवर सिंह को एक  बेजोड़ व्यक्तित्व के रूप में जाना जाता है जो 80 वर्ष की उम्र में भी लड़ने तथा विजय हासिल करने का माद्दा रखते थे. अपने ढलते उम्र और बिगड़ते सेहत के बावजूद भी उन्होंने ..

25 अप्रैल - जन्म दिवस / अ.भा.वि.प .(ABVP) की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण आधार “यशवंत वासुदेव केलकर”

‘अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद’ की कार्यप्रणाली को जिन्होंने महत्वपूर्ण आधार दिया, वे थे श्री यशवंत वासुदेव केलकर। उनका जन्म 25 अप्रैल, 1925 को पंढरपुर (महाराष्ट्र) में हुआ था। उनके पिता शिक्षा विभाग में नौकरी करते थे। वे रूढि़वादी थे..

24 अप्रैल / पुण्यतिथि – गौरक्षा के लिये 166 दिन अनशन करने वाले महात्मा रामचंद्र वीर

नई दिल्ली. वर्ष 1966 में दिल्ली में गौरक्षार्थ 166 दिन का अनशन करने वाले महात्मा रामचंद्र वीर का जन्म आश्विन शुक्ल प्रतिपदा, विक्रमी संवत 1966 (1909 ई) में महाभारतकालीन विराट नगर (राजस्थान) में हुआ था. इनके पूर्वज स्वामी गोपालदास बाणगंगा के तट पर स्थित ग..

24 अप्रैल - पुण्यतिथि / राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर

रामधारी सिंह ‘दिनकर’ का जन्म बिहार प्रदेश के बेगूसराय (पुराने मुंगेर) जिले के सिमरिया गांव में एक निम्न मध्यवर्गीय भूमिहार ब्राह्मण किसान परिवार में 23 सिंतबर 1908 को हुआ था।  उस जमाने में सिमरिया गांव के घर–घर में नित्य &lsquo..

23 अप्रैल, 1930 - इतिहास स्मृति / पेशावर कांड के नायक चन्द्रसिंह गढ़वाली

चन्द्रसिंह का जन्म ग्राम रौणसेरा, (जिला पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड) में 25 दिसम्बर, 1891 को हुआ था। वह बचपन से ही बहुत हृष्ट-पुष्ट था। ऐसे लोगों को वहाँ ‘भड़’ कहा जाता है। 14 वर्ष की अवस्था में उनका विवाह हो गया। उन दिनों प्रथम विश्वयुद्ध प्रारम..

22 अप्रैल - पुण्य तिथि / क्रान्ति और सेवा के राही योगेश चन्द्र चटर्जी

क्रान्तिवीर योगेश चन्द्र चटर्जी का जीवन देश को विदेशी दासता से मुक्त कराने की गौरवमय गाथा है। उनका जन्म अखंड भारत के ढाका जिले के ग्राम गोकाडिया, थाना लोहागंज में तथा लालन-पालन और शिक्षा कोमिल्ला में हुई। 1905 में बंग-भंग से जो आन्दोलन शुरू हुआ, योगेश दा ..

21 अप्रैल - बलिदान-दिवस / स्वतंत्रता सेनानी गणपतराय

गणपतराय का जन्म 17 जनवरी 1808 को ग्राम भौरो (जिला लोहरदगा, झारखंड) में एक सम्पन्न परिवार में हुआ था। इनके पिता श्री किसनराय तथा माता श्रीमती सुमित्रादेवी थीं। बचपन से ही वनों में घूमना, घुड़सवारी, आखेट आदि उनकी रुचि के विषय थे। इस कारण उनके मित्र उन्हें &..

20 अप्रैल - जन्मदिवस / आधुनिक मीरा जुथिका रॉय

जुथिका राय को मीरा बाई के बाद आधुनिक मीरा के नाम से जाना जाता है . जो लोग कला जगत में बहुत ऊंचाई पर पहुंच जाते हैं, उनमें से अधिकांश को आचार-व्यवहार की अनेक दुर्बलताएं घेर लेती हैं; पर भजन गायन की दुनिया में अपार प्रसिद्धि प्राप्त जुथिका राॅय का..

19 अप्रैल - बलिदान दिवस / युवा बलिदानी अनन्त कान्हेरे

भारत माँ की कोख कभी सपूतों से खाली नहीं रही। ऐसा ही एक सपूत थे अनन्त लक्ष्मण कान्हेरे, जिन्होंने देश की स्वतन्त्रता के लिए केवल 19 साल की युवावस्था में ही फाँसी के फन्दे को चूम लिया। महाराष्ट्र के नासिक नगर में उन दिनों जैक्सन नामक अंग्रेज जिलाधीश कार्यर..

18 अप्रैल - बलिदान दिवस / 1857 के नायक तात्या टोपे

छत्रपति शिवाजी के उत्तराधिकारी पेशवाओं ने उनकी विरासत को बड़ी सावधानी से सँभाला। अंग्रेजों ने उनका प्रभुत्व समाप्त कर पेशवा बाजीराव द्वितीय को आठ लाख वार्षिक पेंशन देकर कानपुर के पास बिठूर में नजरबन्द कर दिया। इनके दरबारी धर्माध्यक्ष रघुनाथ पाण्डुरंग भी इ..

17 अप्रैल – भगवान महावीर जयंती

आज 17 अप्रैल को महावीर जयंती का पर्व पूरे देश में मनाया जा रहा है। महावीर जयंती जैन समुदाय का सबसे प्रमुख त्योहार है। महावीर स्वामी का जन्म दिवस चैत्र की शुक्ल त्रयोदशी को मनाया जाता है। भगवान महावीर स्वामी, जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे, जिन्होंने ..

17 अप्रैल - पुण्य तिथि / प्रसिद्ध दर्शनशास्त्री, आदर्श शिक्षक डा. राधाकृष्णन

प्रसिद्ध दर्शनशास्त्री, अध्यापक एवं राजनेता डा. राधाकृष्णन का जन्म पाँच सितम्बर 1888 को ग्राम प्रागानाडु (जिला चित्तूर, तमिलनाडु) में हुआ था। इनके पिता वीरस्वामी एक आदर्श शिक्षक तथा पुरोहित थे। अतः इनके मन में बचपन से ही हिन्दू धर्म एवं दर्..

16 अप्रैल - पुण्य तिथि / संविधान की मूल प्रति का चित्रांकन करने वाले चित्रकार नन्दलाल बोस

रवीन्द्रनाथ टैगोर और महात्मा  गाँधी घनिष्ठ मित्र थे; पर एक बार दोनों में बहस हो गयी। कुछ लोग टैगोर के पक्ष में थे, तो कुछ गाँधी  के। वहाँ एक युवा चित्रकार चुप बैठा था। पूछने पर उसने कहा कि चित्रकार को तो सभी रंग पसन्द होते हैं। इस कारण मेरे..

15 अप्रैल - जन्म दिवस / सिक्खों के पाँचवें गुरु गुरु अर्जन देव

गुरु अर्जन देव  सिक्खों के पाँचवें गुरु थे। ये 1 सितम्बर, 1581 ई. में गद्दी पर बैठे। गुरु अर्जन देव का कई दृष्टियों से सिक्ख गुरुओं में विशिष्ट स्थान है। ‘गुरु ग्रंथ साहब’ आज जिस रूप में उपलब्ध है, उसका संपादन इन्होंने ही क..

11 अप्रैल - जन्म दिवस / समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले

महात्मा ज्योतिबा फुले इनका जन्म 11 अप्रैल 1827 को महाराष्ट्र के सतारा ज़िले में हुआ था | उनका असली  नाम ज्योतिराव गोविंदराव फुले था | वह 19वी सदी  की एक बड़े समाज सुधारक, सक्रिय प्रतिभागी तथा विचारक थे |  ज्‍योतिबा फु..

10 अप्रैल, 1875 (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, नव संवत्सर) / आर्य समाज स्थापना दिवस

भारत में एक समय वह भी था, जब लोग कर्मकाण्ड को ही हिन्दू धर्म का पर्याय मानने लगे थे। वे धर्म के सही अर्थ से दूर हट गये थे। इसका लाभ उठाकर मिशनरी संस्थाएँ हिन्दुओं के धर्मान्तरण में सक्रिय हो गयीं। भारत पर अनाधिकृत कब्जा किये अंग्रेज उन्हें पूरा सहयोग दे र..

9 अप्रैल - जन्म दिवस / घुमक्कड़ साहित्यकार राहुल सांकृत्यायन

महापंडित राहुल सांकृत्यायन का जन्म उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के ग्राम पन्दहा में नौ अप्रैल, 1893 को हुआ था। बचपन में इनका नाम केदार पांडेय था। माता कुलवन्ती देवी तथा पिता श्री गोवर्धन पांडेय की असमय मृत्यु के कारण इनका पालन ननिहाल में हुआ। 15 वर्ष की अ..

8 अप्रैल - बलिदान दिवस / मंगल पाण्डे

                              अंग्रेजी शासन के विरुद्ध चले लम्बे संग्राम का बिगुल बजाने वाले पहले क्रान्तिवीर मंगल पांडे का जन्म 30 जनवरी, 1831 को ग्राम नगवा (बलिय..

जयंती विशेष: हिंन्दू जगेगा, विश्व जगेगा

विश्व के सबसे बड़े सामाजिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का जन्म वर्ष प्रतिपदा के दिन हुआ था। आज उनके बताए मार्ग पर करोड़ों स्वयंसेवक चल रहे हैं और समाज-जीवन के प्राय: हर क्षेत्र में उल्लेखनीय भूमिका निभा रहे हैं गहराई ..

संघ वटवृक्ष के बीज – डॉक्टर हेडगेवार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का नाम आज सर्वत्र चर्चा में है. संघ कार्य का बढ़ता व्याप देख कर संघ विचार के विरोधक चिंतित होकर संघ का नाम बार-बार उछाल रहे हैं. अपनी सारी शक्ति और युक्ति लगाकर संघ विचार का विरोध करने के बावजूद यह राष्ट्रीय शक्ति क्षीण होने के बजाय..

6 अप्रैल, 1663 - इतिहास स्मृति / शिवाजी से जान बचाकर भागा शाइस्ता खाँ

शिवाजी महाराज के किलों में पुणे का लाल महल बहुत महत्त्वपूर्ण था। उन्होंने बचपन का बहुत सा समय वहाँ बिताया था; पर इस समय उस पर औरंगजेब के मामा शाइस्ता खाँ का कब्जा था। उसके एक लाख सैनिक महल में अन्दर और बाहर तैनात थे; पर शिवाजी ने भी संकटों से हार मानना नह..

5 अप्रैल - पुण्य तिथि / मानव रत्न हरमोहन लाल जी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विद्या भारती तथा फिर विश्व हिन्दू परिषद के काम में सक्रिय रहने वाले श्री हरमोहन लाल जी का हीरे, जवाहरात और रत्नों का पुश्तैनी कारोबार था। भारत में आगरा, जयपुर, मुंबई आदि के साथ ही अमरीका और अफ्रीका में भी उनकी दुकानें थीं। पत्थरों..

4 अप्रैल - जन्म दिवस / “पुष्प की अभिलाषा के रचियता” श्री माखनलाल चतुर्वेदी

मुझे तोड़ लेना वनमाली, उस पथ पर देना तुम फेंक । मातृभूमि हित शीश चढ़ाने, जिस पथ जायें वीर अनेेक।। श्री माखनलाल चतुर्वेदी का जन्म 4 अप्रैल, 1889 को ग्राम बाबई, जिला होशंगाबाद, मध्य प्रदेश में श्री नन्दलाल एवं श्रीमती सुन्दराबाई के घर में हुआ था। उन प..

3 अप्रैल - जन्म दिवस / महानायक फील्ड मार्शल मानेकशा

20वीं शती के प्रख्यात सेनापति फील्ड मार्शल सैमजी होरमुसजी फ्रामजी जमशेदजी मानेकशा का जन्म 3 अपै्रल 1914 को एक पारसी परिवार में अमृतसर में हुआ था। उनके पिता जी वहां चिकित्सक थे। पारसी परम्परा में अपने नाम के बाद पिता, दादा और परदादा का नाम भी जोड़ा जाता है..

1 अप्रैल 1889 ( चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, वि. सम्वत् 1946) - जन्म दिवस / संघ संस्थापक डा. हेडगेवार

विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को आज कौन नहीं जानता ? भारत के कोने-कोने में इसकी शाखाएँ हैं। विश्व में जिस देश में भी हिन्दू रहते हैं, वहाँ किसी न किसी रूप में संघ का काम है। संघ के निर्माता डा. केशवराव हेडगेवार का जन्म एक..

31 मार्च 1959 - दलाई लामा तिब्बत छोड़कर भारत आ गए

1950 के दशक में चीन और तिब्बत के बीच कड़वाहट शूरु हो गयी थी जब गर्मियों ने तिब्बत में उत्सव मनाया जा रहा था तब चीन ने तिब्बत पर आक्रमण कर दिया और प्रसाशन अपने हाथो में ले लिया. दलाई लामा उस समय मात्र 15 वर्ष के थे इसलिए रीजेंट ही सारे निर्णय लेते थे लेकिन ..

30 मार्च - पुण्य तिथि / भारतीय क्रान्ति के दूत श्यामजी कृष्ण वर्मा

भारत के स्वाधीनता संग्राम में जिन महापुरुषों ने विदेश में रहकर क्रान्ति की मशाल जलाये रखी, उनमें श्यामजी कृष्ण वर्मा का नाम अग्रणी है। चार अक्तूबर, 1857 को कच्छ (गुजरात) के मांडवी नगर में जन्मे श्यामजी पढ़ने में बहुत तेज थे। इनके पिता श्रीकृष्ण वर्मा की ..

29 मार्च 1857 - मंगल पांडे ने बैरकपुर छावनी में अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह का बिगुल बजाया

मंगल पांडे भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत थे. उनके द्वारा भड़काई गई क्रांति की ज्वाला से अंग्रेज़ शासन बुरी तरह हिल गया. हालाँकि अंग्रेजों ने इस क्रांति को दबा दिया पर मंगल पांडे की शहादत ने देश में जो क्रांति के बीज बोए उसने अंग्रेजी हुकुमत ..

28 मार्च - पुण्य तिथि / सेवा और समर्पण के साधक गुरु अंगद देव

सिख पन्थ के दूसरे गुरु अंगददेव का असली नाम ‘लहणा’ था। उनकी वाणी में जीवों पर दया, अहंकार का त्याग, मनुष्य मात्र से प्रेम, रोटी की चिन्ता छोड़कर परमात्मा की सुध लेने की बात कही गयी है। वे उन सब परीक्षाओं में सफल रहे, जिनमें गुरु नानक के पु..

27 मार्च - बलिदान दिवस / क्रान्तिवीर काशीराम, जिन्हें डाकू समझा गया

भारतीय स्वाधीनता संग्राम में अनेक ऐसे वीरों ने भी बलिदान दिया, जिन्हें गलत समझा गया। 1981 में ग्राम बड़ी मढ़ौली (अम्बाला, पंजाब) में पण्डित गंगाराम के घर में जन्मे काशीराम ऐसे ही क्रान्तिवीर थे, जिन्हें डाकू समझ कर  अपने देशवासियों ने ही मार डाला। श..

23 मार्च - बलिदान दिवस / वीर भगत सिंह, शिवराम हरि राजगुरु, सुखदेव थापर

भगत सिंह, शिवराम हरि राजगुरु, सुखदेव थापर  भारत के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने  देश की आज़ादी के लिए जिस साहस के साथ शक्तिशाली ब्रिटिश सरकार का मुक़ाबला किया, वह आज के युवकों के लिए एक बहुत बड़ा आदर्श है। इन्होंने..

22 मार्च - पुण्य तिथि / गीता प्रेस, गोरखपुर के संस्थापक भाई हनुमान प्रसाद पोद्दार

 खगोलशास्त्र का अर्थ है ग्रह, नक्षत्रों की स्थिति एवं गति के आधार पर पँचांग का निर्माण, जिससे शुभ कार्यों के लिए उचित मुहूर्त निकाला जा सके। इस क्षेत्र में भारत का लोहा दुनिया को मनवाने वाले वैज्ञानिक आर्यभट के समय में अंग्रेजी तिथियाँ प्रचलित नहीं..

21 मार्च - जन्मदिवस / विश्वविख्यात खगोलशास्त्री आर्यभट

खगोलशास्त्र का अर्थ है ग्रह, नक्षत्रों की स्थिति एवं गति के आधार पर पँचांग का निर्माण, जिससे शुभ कार्यों के लिए उचित मुहूर्त निकाला जा सके। इस क्षेत्र में भारत का लोहा दुनिया को मनवाने वाले वैज्ञानिक आर्यभट के समय में अंग्रेजी तिथियाँ प्रचलित नहीं थीं। अ..

20 मार्च - बलिदान दिवस / वीरता की प्रतिमूर्ति अवन्तीबाई लोधी

मण्डला (म.प्र.) के रामगढ़ राज्य की रानी अवन्तीबाई ने एक बार राजा विक्रमजीत सिंह से कहा कि उन्होंने स्वप्न में एक चील को आपका मुकुट ले जाते हुए देखा है। ऐसा लगता है कि कोई संकट आने वाला है। राजा ने कहा, हाँ, वह संकट अंग्रेजों की ओर से आ रहा है; पर मेरी रुच..

19 मार्च - पुण्यतिथि / क्रांतिवीर चारुचंद्र बोस

बंगाल के क्रांतिकारियों की निगाह में अलीपुर का सरकारी वकील आशुतोष विश्वास बहुत समय से खटक रहा था। देशभक्तों को पकड़वाने, उन पर झूठे मुकदमे लादने तथा फिर उन्हें कड़ी सजा दिलवाने में वह अपनी कानूनी बुद्धि का पूरा उपयोग कर रहा था। ब्रिटिश शासन के लिए वह एक प..

हताश आतंकी निर्दोष नागरिकों, महिलाओं को बना रहे निशाना

कश्मीर घाटी में सेना की कार्रवाई से आतंकी घबराए हुए और हताश हैं. घबराहट और हताशा के कारण कायरतापूर्ण कृत्यों को अंजाम दे रहे हैं. निराशा इस कदर हावी है कि आतंकी अपना अस्तित्व कायम रखने के लिए मासूम नागरिकों, महिलाओं को निशाना बना रहे हैं. इसी क्रम में आतं..

18 मार्च, 1928 - प्रकाशन तिथि / स्वाधीनता का गौरव ग्रन्थ ‘भारत में अंग्रेजी राज’

भारत की स्वतन्त्रता का श्रेय उन कुछ साहसी लेखकों को भी है, जिन्होंने प्राणों की चिन्ता किये बिना सत्य इतिहास लिखा। ऐसे ही एक लेखक थे पण्डित सुन्दरलाल, जिनकी पुस्तक ‘भारत में अंग्रेजी राज’ ने सत्याग्रह या बम-गोली द्वारा अंग्रेजों से ल..

17 मार्च, 1945 - बलिदान दिवस / आजाद हिन्द फौज के सेनानी लेफ्टिनेंट ज्ञानसिंह बिष्ट

द्वितीय विश्व युद्ध में अंग्रेजों एवं मित्र देशों की सामरिक शक्ति अधिक होने पर भी आजाद हिन्द फौज के सेनानी उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे थे। लेफ्टिनेंट ज्ञानसिंह बिष्ट भी ऐसे ही एक सेनानायक थे, जिन्होंने अपने से छह गुना बड़ी अंग्रेज टुकड़ी को भागने पर मजबूर कर..

16 मार्च - पुण्यतिथि / क्रांतिकारी गणेश दामोदर सावरकर (बाबा सावरकर)

प्रसिद्ध क्रांतिकारी विनायक दामोदर सावरकर के बड़े भाई गणेश दामोदर सावरकर (बाबा सावरकर) का जन्म 1879 ई. में महाराष्ट्र राज्य के नासिक नगर के निकट भागपुर नामक स्थान में हुआ था। नासिक में ही उनकी शिक्षा हुई। ..

15 मार्च - जन्म तिथि / कुश्ती को समर्पित पद्मश्री गुरु हनुमान

भारत में कुश्ती गांव-गांव में प्रचलित है। हर गांव में सुबह और शाम नवयुवक अखाड़े में व्यायाम करते मिल जाते हैं; पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की इसमें कोई पहचान नहीं थी। इस पहचान को दिलाने का श्रेय गुरु हनुमान को है। उनका असली नाम विजय पाल था; पर आगे चलकर ..

14 मार्च, 1823 - पेशावर पर भगवा फहराया

पेशावर पर बलपूर्वक कब्जा कर अफगानी अजीम खाँ की सेनाएँ नौशेहरा मैदान तक आ चुकी थीं। यह सुनकर महाराजा रणजीत सिंह ने हरिसिंह नलवा एवं दीवान कृपाराम के नेतृत्व में उनका मुकाबला करने को स्वराजी सैनिकों के जत्थे खैराबाद भेज दिये। महाराजा के साथ बाबा फूलासिंह अट..

13 मार्च 1940 - इतिहास स्मृति / “वीर उधम सिंह” जिन्होंने जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड का बदला लिया

अमर शहीद ऊधम सिंह ने 13 अप्रैल, 1919 ई. को पंजाब में हुए भीषण जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड के उत्तरदायी माइकल ओ’डायर की लंदन में गोली मारकर हत्या करके निर्दोष भारतीय लोगों की मौत का बदला लिया था। स्वतंत्रता..

12 मार्च - पुण्यतिथि / चंद्रशेखर आजाद के साथी डॉ. भगवानदास माहौर

देश की स्वतन्त्रता के लिए अपना सर्वस्व दाँव पर लगाने वाले डॉ. भगवानदास माहौर का जन्म 27 फरवरी, 1909 को ग्राम बडौनी (दतिया, मध्य प्रदेश) में हआ था। प्रारम्भिक शिक्षा गाँव में पूरी कर ये झाँसी आ गये। यहाँ चन्द्रशेखर आजाद के सम्पर्क में आकर 17 वर्ष की अवस्था..

11 मार्च - बलिदान दिवस / अमर बलिदानी छत्रपति सम्भाजी

भारत में हिन्दू धर्म की रक्षार्थ अनेक वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। छत्रपति शिवाजी के बड़े पुत्र सम्भाजी भी इस मणिमाला के एक गौरवपूर्ण मोती हैं। उनका जन्म 14 मई, 1657 को मां सोयराबाई की कोख से  हुआ था। तीन अपै्रल, 1680 को शिवाजी के देहान..

10 मार्च - इतिहास स्मृति / भारतीय बन्दियों का पहला दल अन्दमान पहुंचा

अन्दमान-निकोबार या काले पानी का नाम सुनते ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। यह वह स्थान है, जहाँ भारत के उन वीर स्वतन्त्रता सेनानियों को रखा जाता था, जिन्हें अंग्रेज शासन अपने लिए बहुत खतरनाक समझता था। इसी प्रकार अति गम्भीर अपराध करने वाले खूँखार अपराधियों को भ..

9 मार्च पुण्य तिथि / नारी संगठन को समर्पित सरस्वती ताई आप्टे

1925 में हिन्दू संगठन के लिए डा. हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्य प्रारम्भ किया। संघ की शाखा में पुरुष वर्ग के लोग ही आते थे। उन स्वयंसेवक परिवारों की महिलाएँ एवं लड़कियाँ डा. हेडगेवार जी से कहती थीं कि हिन्दू संगठन के लिए नारी वर्ग का भी योगद..

8 मार्च, 1535 - इतिहास स्मृति / चित्तौड़ का दूसरा जौहर

मेवाड़ के कीर्तिपुरुष महाराणा कुम्भा के वंश में पृथ्वीराज, संग्राम सिंह, भोजराज और रतनसिंह जैसे वीर योद्धा हुए। आम्बेर के युद्ध में राणा रतनसिंह ने वीरगति पाई। इसके बाद उनका छोटा भाई विक्रमादित्य राजा बना। उस समय मेवाड़ पर गुजरात के पठान राजा बहादुरशाह त..

जयंती विशेष: कलम के धनी देशभक्त साहित्यकार थे ‘अज्ञेय’

प्रसिद्ध साहित्यकार सच्चिदानंद हीरानंद वात्सयायन ‘अज्ञेय’ कलम के तो धनी थे ही साथ में देशभक्त भी थे। युवावस्था में उन्होंने भगतसिंह, चंद्रशेखर आजाद, भगवतीचरण बोहरा, सुखदेव आदि के साथ काम किया था। क्रांतिकारी जीवन में एक बार रावी नदी में काफी ऊ..

7 मार्च - इतिहास स्मृति / नीमड़ा का नरसंहार

अंग्रेजी शासन में देशवासी अंग्रेजों के साथ-साथ उनकी शह पर पलने वाले सामंतों के शोषण से भी त्रस्त थे। वनों और पर्वतों में रहने वाले सरल स्वभाव के निर्धन किसान, श्रमिक, वनवासी तथा गिरिवासी इस शोषण के सबसे अधिक शिकार होते थे। राजस्थान में गोविन्द गुरु ने धा..

6 मार्च - बलिदान दिवस / आजीवन धर्म प्रचारक पंडित लेखराज आर्य

हिन्दू धर्म के प्रति अनन्य निष्ठा रखकर धर्म प्रचार में अपना जीवन समर्पण करने वाले धर्मवीर पंडित लेखराम का जन्म अविभाजित भारत के ग्राम सैयदपुर (तहसील चकवाल, जिला झेलम, पंजाब) में मेहता तारासिंह के घर आठ चैत्र, वि0सं0 1915 को हुआ था। बाल्यकाल में उनका अध्यय..

5 मार्च - जन्म तिथि / क्रान्तिकारी सुशीला दीदी

सुशीला दीदी का जन्म पांच मार्च, 1905 को ग्राम दत्तोचूहड़ (वर्तमान पाकिस्तान) में हुआ था। जालंधर कन्या महाविद्यालय में पढ़ते हुए वे कुमारी लज्जावती और शन्नोदेवी के सम्पर्क में आयीं। इन दोनों ने सुशीला के मन में देशभक्ति की आग भर दी। शिक्षा पूर्ण कर वे कोलक..

3 मार्च - जन्म दिवस / कारगिल युद्ध मे अद्भुत पराक्रम के लिए परमवीर चक्र से सम्मानित संजय कुमार

परमवीर चक्र से सम्मानित राइफ़लमैन संजय कुमार को यह सम्मान सन 1999 में कारगिल युद्ध मे अद्भुत पराक्रम के लिए दिया गया ।  संजय कुमार का जन्म 3 मार्च, 1976 को विलासपुर हिमाचल प्रदेश क..

2 मार्च - जन्म दिवस / राष्ट्रवादी इतिहासकार पुरुषोत्तम नागेश ओक

श्री पुरुषोत्तम नागेश ओक का नाम राष्ट्रवादी इतिहासकारों में बहुत सम्मानित है। यद्यपि डिग्रीधारी इतिहासकार उन्हें मान्यता नहीं देते थे; क्योंकि उन्होंने इतिहास का विधिवत शिक्षण या अध्यापन नहीं किया था; पर उन्हें ऐसी दृष्टि प्राप्त थी, जिससे उन्होंने विश्व ..

1 मार्च - बलिदान दिवस / क्रान्तिवीर गोपीमोहन साहा

पुलिस अधिकारी टेगार्ट ने अपनी रणनीति से बंगाल के क्रान्तिकारी आन्दोलन को भारी नुकसान पहुँचाया। प्रमुख क्रान्तिकारी या तो फाँसी पर चढ़ा दिये गये थे या जेलों में सड़ रहे थे। उनमें से कई को तो कालेपानी भेज दिया गया था। ऐसे समय में भी बंगाल की वीरभूमि पर गोपी..

28 फरवरी - बलिदान दिवस / संबलपुर (उड़ीसा) के वीर क्रांतिकारी सुरेन्द्र साय

भारत में जब से ब्रिटिश लोगों ने आकर अपनी सत्ता स्थापित की, तब से ही उनका विरोध हर प्रान्त में होने लगा था। 1857 में यह संगठित रूप से प्रकट हुआ; पर इससे पूर्व अनेक ऐसे योद्धा थे, जिन्होंने अंग्रेजों की नाक में दम किये रखा। वीर सुरेन्द्र साय ऐसे ही एक क्रान..

27 फरवरी - बलिदान दिवस / आजाद ही जन्मा हुँ और मरते दम तक आजाद ही रहूँगा

भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के सेनानियों में चन्द्रशेखर आजाद का नाम सदा अग्रणी रहेगा। उनका जन्म 23 जुलाई, 1906 को ग्राम माबरा (झाबुआ, मध्य प्रदेश) में हुआ था। उनके पूर्वज गाँव बदरका (जिला उन्नाव, उत्तर प्रदेश) के निवासी थे; पर अकाल के कारण इनके पिता श्री स..

पुण्य तिथि विशेष:राष्ट्र के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर सावरकर

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें हम सब वीर सावरकर कहते हैं वह बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। सशस्त्र क्रांतिकार्य के साथ—साथ पत्रकारिता, कविता, इतिहास, अस्पृश्यता निवारण, समाज सुधार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का प्रचार प्रसार करने में उनका बड़ा योगदान था। सावरकर का हिंदुत्व धर्म पर नहीं अपितु हिंदुस्थान राष्ट्र के आधार पर था । इसलिए 26 फरवरी 1966 को उनके निधन के बाद एक लेख में लंदन टाइम्स ने उन्हें ‘पहला हिंदू राष्ट्रवादी’ करार दिया था। उनका विश्वास था, भारत की स्वतंत्रता युद्धभूमि ..

25 फरवरी 1728 - बाजीराव पेशवा (प्रथम) / पालखेड़ का ऐतिहासिक संग्राम

द्वितीय विश्व युद्ध के प्रसिद्ध सेनानायक फील्ड मार्शल मांटगुमरी ने युद्धशास्त्र पर आधारित अपनी पुस्तक ‘ए कन्साइस हिस्ट्री ऑफ़ वारफेयर’ में  विश्व के सात प्रमुख युद्धों की चर्चा की है। इसमें एक युद्ध पालखेड़ (कर्नाटक) का है, जिसमें 27..

21 फरवरी, 1826 - बलिदान दिवस / कित्तूर की रानी चेन्नमा

उत्तर भारत में जो स्थान स्वतंत्रता संग्राम के संदर्भ में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का है, कर्नाटक में वही स्थान कित्तूर की रानी चेन्नम्मा का है। चेन्नम्मा ने लक्ष्मीबाई से पहले हीअंग्रेज़ों की सत्ता को सशस्त्र चुनौती दी थी और अंग्रेज़ों की सेना को उनके साम..

21 फरवरी/जन्मदिवस-महाप्राण सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’

महाकवि सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ का जन्म 21 फरवरी, 1896 (वसंत पंचमी) को हुआ था। यह परिवार उत्तर प्रदेश में उन्नाव के बैसवारा क्षेत्र में ग्राम गढ़ाकोला का मूल निवासी था; पर इन दिनों इनके पिता बंगाल में महिषादल के राजा के पास पुलिस अधिकारी..

20 फरवरी - जन्म दिवस / हिमालय पुत्र डा. नित्यानन्द

देवतात्मा हिमालय ने पर्यटकों तथा अध्यात्म प्रेमियों को सदा अपनी ओर खींचा है; पर 20 फरवरी, 1926 को आगरा (उ.प्र.) में जन्मे डा. नित्यानन्द ने हिमालय को सेवाकार्य के लिए अपनी गतिविधियों का केन्द्र बनाया। आगरा में 1940 में विभाग प्रचारक श्री नरहरि नारायण ने उ..

19 फ़रवरी - संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती

महान संत गुरु रविदास जी का जन्म उत्तरप्रदेश के वाराणसी शहर के गोबर्धनपुर गाव में हुआ था इनके पिता संतो़ख दास जी जूते बनाने का काम करते थे रविदास जी को बचपन से ही साधू संतो के प्रभाव में रहना अच्छा लगता था जिसके कारण इनके व्यवहार में भक्ति की भावना बचपन से..

19 फरवरी/जन्मदिवस-तपस्वी जीवन श्री गुरुजी

संघ के संस्थापक डा. हेडगेवार ने अपने देहान्त से पूर्व जिनके समर्थ कन्धों पर संघ का भार सौंपा, वे थे श्री माधवराव गोलवलकर, जिन्हें सब प्रेम से श्री गुरुजी कहकर पुकारते हैं। माधव का जन्म 19 फरवरी, 1906 (विजया एकादशी) को नागपुर में अपने मामा के घर हुआ था। ..

18 फऱवरी / जयंती – श्री रामकृष्ण परमहंस

श्री रामकृष्ण परमहंस का जन्म फागुन शुक्ल 2, विक्रमी सम्वत् 1893 (18 फरवरी, 1836) को कोलकाता के समीप ग्राम कामारपुकुर में हुआ था. पिता श्री खुदीराम चट्टोपाध्याय एवं माता श्रीमती चन्द्रादेवी ने अपने पुत्र का नाम गदाधर रखा था. सब उन्हें स्नेहवश ‘गदाई..

17 फरवरी/बलिदान दिवस-सह्याद्रि का शेर वासुदेव बलवंत फड़के

बात 1870 की है। एक युवक तेजी से अपने गाँव की ओर भागा जा रहा था। उसके मुँह से माँ-माँ....शब्द निकल रहे थे; पर दुर्भाग्य कि उसे माँ के दर्शन नहीं हो सके। उसका मन रो उठा। लानत है ऐसी नौकरी पर, जो उसे अपनी माँ के अन्तिम दर्शन के लिए भी छुट्टी न मिल सकी।&nbs..

15 फरवरी/जन्म दिवस-कूर्मांचल केसरी बद्रीदत्त पाण्डेय

उत्तरांचल राज्य मुख्यतः दो पर्वतीय क्षेत्रों, गढ़वाल और कुमाऊं से मिल कर बना है। कुमाऊं को प्राचीन समय से कूर्मांचल कहा जाता है। यहां के प्रसिद्ध स्वाधीनता सेनानी श्री बद्रीदत्त पांडेय का जन्म 15 फरवरी, 1882 को हरिद्वार के प्रसिद्ध वैद्य श्री विनायक दत्..

14 फरवरी/जन्म दिवस-स्वतंत्रता के साधक बाबा गंगादास

1857 के भारत के स्वाधीनता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाने वाले बाबा गंगादास का जन्म 14 फरवरी, 1823 (वसंत पंचमी) को गंगा के तट पर बसे प्राचीन तीर्थ गढ़मुक्तेश्वर (उ.प्र.) के पास रसूलपुर ग्राम में हुआ था। इनके पिता चौधरी सुखीराम तथा माता श्रीमती दाखादेई थी..

12 फरवरी - बलिदान दिवस / पूर्वांचल के महान क्रान्तिवीर शम्भुधन फूंगलो

भारत में सब ओर स्वतन्त्रता के लिए प्राण देने वाले वीर हुए हैं। ग्राम लंकर (उत्तर कछार, असम) में शम्भुधन फूंगलो का जन्म फागुन पूर्णिमा, 1850 ई0 में हुआ। डिमासा जाति की कासादीं इनकी माता तथा देप्रेन्दाओ फूंगलो पिता थे। शम्भुधन के पिता काम की तलाश में घूमते ..

पुण्यतिथि – 11 फरवरी, 1968 / एकात्म मानववाद के प्रणेता “पंडित दीनदयाल उपाध्याय”

सुविधाओं में पलकर कोई भी सफलता पा सकता है; पर अभावों के बीच रहकर शिखरों को छूना बहुत कठिन है। 25 सितम्बर, 1916 को जयपुर से अजमेर मार्ग पर स्थित ग्राम धनकिया में अपने नाना पंडित चुन्नीलाल शुक्ल के घर जन्मे पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऐसी ही विभूति थे। दीनदयाल ..

8 फरवरी, 1899 / चाफेकर बन्धु द्वारा देशद्रोही मुखबिरों का वध

देश की स्वाधीनता के लिए जिसने भी त्याग और बलिदान दिया, वह धन्य है; पर जिस घर के सब सदस्य फांसी चढ़ गये, वह परिवार सदा के लिए पूज्य है। चाफेकर बन्धुओं का परिवार ऐसा ही था। 1897 में पुणे में भयंकर प्लेग फैल गया। इस बीमारी को नष्ट करने के बहाने से वहां का प..

7 फ़रवरी 1942 - पुण्यतिथि / महान क्रन्तिकारी शचींद्रनाथ सान्याल

स्वतंत्रता संग्रामी सचिंदर नाथ सान्याल ऐेसे सेनानी थे, जिन्होंने देश के लिए अपने जीवन के 20 साल ब्रिटिश जेलों में गुजार दिए। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान भी उनको डिफेंस ऑफ इंडिया रुल्ज के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। वह सुलतानपुर की जेल में भी रहे। काकोरी ..

युवा क्रांतिकारी बसंत कुमार बिस्वास

युवा क्रांतिकारी, देशप्रेमी बसंत कुमार बिस्वास ने महज 20 वर्ष की अल्पायु में ही देश के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दी. अंग्रेजी हुकुमत के पसीने छुड़ाने वाले बिस्वास ने अपनी जान हथेली पर रखकर वायसराय लोर्ड होर्डिंग पर बम फेंका था. 06 फरवरी 1895 को पश्चिम बंग..

6 फ़रवरी, 1948 - बलिदान दिवस / परमवीर चक्र नायक यदुनाथ सिंह

परमवीर चक्र से सम्मानित नायक यदुनाथ सिंह का जन्म 21 नवम्बर 1916 को शाहजहाँपुर (उत्तर प्रदेश) के गाँव खजूरी में हुआ था। 21 नवम्बर 1941 को यदुनाथ सिंह ने फौज में प्रवेश किया। उन्हें राजपूत रेजिमेंट में लिया ..

1 फरवरी-पुण्य-तिथि/व्यवस्था के विशेषज्ञ जयप्रकाश जी

  श्री जयप्रकाश जी का जन्म 1924 में मवाना (जिला मेरठ, उ.प्र.) में श्रीमती चंद्राकली की गोद में हुआ था। उनके पिता श्री भगवत प्रसाद रस्तोगी सरकारी सेवा में थे। जयप्रकाश जी से तीन बड़े भाई और भी थे। घर में पुश्तैनी रूप से कपड़े का व्यापार होता था। जय..

31 जनवरी, 1922 - जन्म दिवस / प्रथम परमवीर चक्र सम्मानित मेजर सोमनाथ शर्मा

आज कश्मीर का जो हिस्सा भारत के पास है, उसका श्रेय जिन वीरों को है, उनमें से मेजर सोमनाथ शर्मा का नाम अग्रणी है। 31 जनवरी, 1922 को ग्राम डाढ (जिला धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश) में मेजर जनरल अमरनाथ शर्मा के घर में सोमनाथ का जन्म हुआ। इनके गाँव से कुछ दूरी पर ही..

30 जनवरी 1528 - बलिदान दिवस / महान सेनानी राणा सांगा

राणा सांगा का पूरा नाम महाराणा संग्रामसिंह था.  उनका जन्म  12 अप्रैल, 1484  को मालवा, राजस्थान मे हुआ था. राणा सांगा सिसोदिया (सूर्यवंशी राजपूत) राजवंशी थे. राणा सांगा ने विदेशी आक्रमणकारियों के विरुद्ध सभी राजपूतों को एकजुट किया।..