मध्य भारत

अभाविप-तरूणाई नुक्कड़ नाटक समूह ने नुक्कड़ के माध्यम से उठाया educational terrorism का मुद्दा

राजधानी स्थित स्टूडेन्ट और मीडिया हब ज्योति टॉकिज पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद-तरूणाई नुक्कड़ नाटक समूह द्वारा educational terrorism  का मुददा उठाया गया । भोपाल (विसंकें) l अभाविप. अपने स्थापना वर्ष से ही छात्रों की समस्याओं को उजागर करता रहा है..

राष्ट्रवाद को समझने से पहले राष्ट्र को समझें-डॉ गुलरेज शेख

भोपाल में पाञ्चजन्य पाठक सम्मेलन का हुआ आयोजन, लेखक गुजरेज शेख ने राष्ट्र, राष्ट्रवाद और राष्ट्रवादी पत्रकारिता पर दिया व्याख्यान विसंकें(भोपाल) l यह हमारा सौभाग्य है कि राष्ट्रवादी पत्रकारिता के विषय पर हम चर्चा कर पा रहें हैं l राष्ट्रवादी ..

राष्ट्रीय हित का प्रहरी है पांचजन्य : लोकेन्द्र सिंह

बनखेड़ी में 'पांचजन्य पाठक सम्मलेन' का आयोजन विसंकें (भोपाल ) l पत्रकारिता जगत में प्रारम्भ से ही कम्युनिस्टों का वर्चस्व होने के कारण राष्ट्रीय विचार की अनदेखी की गयी । एक पक्षीय और असंतुलित पत्रकारिता के कारण न केवल राष्ट्रवाद के प्रति घृणा का वातावरण बनाया गया, बल्कि राष्ट्र के मूल स्वाभाव को भी चोट पहुंचाई गयी। जबकि पांचजन्य ने सदैव प्रहरी की भूमिका में रहकर राष्ट्रीय हितों की रक्षा की है और राष्ट्रीय पत्रकारिता की परंपरा को बढ़ाया है। यह विचार लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता लोकेन्द्र सिंह ने ..

‘‘मातृछाया‘‘ में आयोजित हुए संस्कारों को पोषित करते कार्यक्रम

विसंकें (भोपाल) l मोहक रांगोली एवं सुन्दर सज्जित मातृछाया परिसर में बड़ी संख्या में उपस्थित होकर शहर के गणमान्य नागरिकों नें नन्हें नन्हें सही शिशुओं साथ संस्कारों को बढ़ाने वाला कार्यक्रम मनाया। मातृछाया एवं सेवा भारती महिला मंडल द्वारा आयोजित प्रति वर्ष..

संघ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने में विश्वास करता है – जे. नंद कुमार जी

भोपाल (विसंकें) l केरल में मार्क्सवादियों द्वारा लगातार हो रही हत्या के विरोध में पूरे देश में 01 से 03 मार्च के बीच विभिन्न मंचों, संगठनों द्वारा धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है, इसी क्रम में 01 मार्च को उज्जैन में जन अधिकार समिति द्वारा आक्रोश सभा..

केरल में माकपा ने देवभूमि को कत्लखाना बना दिया : जे. नंदकुमार

केरल में माकपा गुंडों द्वारा राष्ट्रवादी कार्यकर्ताओं की हत्या के विरोध में मानव अधिकार मंच का धरना भोपाल(विसंकें) 02 मार्च 2017 l पिछले 8 महीनों में केरल में मार्क्सवादियों की सरकार आने के बाद पौने दो लाख अपराधिक मामले पंजीकृत हुए हैं l इनमे से अधिकां..

शिवपुरी संघ गाथा

पृष्ठभूमि - आगरा मुम्बई राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित, सुरम्य प्राकृतिक छटा के लिये विख्यात शिवपुरी आज़ादी के पूर्व तत्कालीन ग्वालियर रियासत की ग्रीष्म कालीन राजधानी थी ! नाम के अनुरूप भगवान शंकर के अनेक प्राचीन मंदिरों को अपने अंचल में समेटे&..

विदिशा विभाग संघ गाथा 

पृष्ठभूमि - वेत्रवती नदी के किनारे स्थित विदिशा का वर्णन भारतीय इतिहास में एक स्वतंत्र, संपन्न व शक्तिशाली राज्य के रूप में मिलता है ! विक्रमादित्य की पत्नी महारानी ध्रुव देवी एवं अपनी विद्वत्ता के लिये प्रसिद्ध गल्हण विदिशा के ही थे !इस जिले के रावण&nbs..

राजगढ़ संघ गाथा

मध्य प्रदेश बनने के पूर्व राजगढ़ अनेक देसी रियासतों में बंटा हुआ था, जिनमें प्रमुख थी - नरसिंहगढ़, राजगढ़, खिलचीपुर तथा होलकर रियासत | संघ कार्य योजना में प्रथक विभाग बनने के पूर्व तक राजगढ़ जिला उज्जैन विभाग में समाहित था | प्रथक विभाग बनने पर उज्जैन विभा..

मुरैना संघगाथा

पृष्ठभूमि – चम्बल नदी मुरैना की उत्तरी और पूर्वी सीमा को राजस्थान से प्रथक करती है ! इसके उत्तरी पूर्वी सीमा का छोटा सा भाग, उसेदघाट पर उत्तर प्रदेश को स्पर्श करता है ! इसके पूर्व में भिंड तो दक्षिण में ग्वालियर तथा शिवपुरी जिले हैं ! एसा कहा जाता ..

भोपाल संघ गाथा

पृष्ठभूमि – देश की स्वतन्त्रता के पूर्व भोपाल एक नबाबी रियासत थी | इसमें सीहोर व रायसेन दो जिले थे | भोपाल नाम का कोई जिला तो दूर कोई तहसील भी नही थी | उस समय वह सीहोर जिले की हुजूर तहसील का एक नगर मात्र था | चारों ओर घने जंगल के बीच एक प..

नर्मदापुर संघ गाथा

पृष्ठभूमि सतपुडा की तराई में नर्मदा नदी के दक्षिण तट पर बसा हुआ है होशंगावाद जिला ! देश को आजादी मिलने व् राज्यों के पुनर्गठन होने के बाद यह नवनिर्मित मध्य प्रदेश का अंग बना ! परम पावन नर्मदा के तट पर स्थित होने के कारण इसका धार्मिक महत्व भी है ! नर्मदा ..

ग्वालियर संघ गाथा

ग्वालियर संघ गाथा पृष्ठभूमि - आज़ादी के पूर्व ग्वालियर विभाग देसी रियासत के अधीन होने के कारण यहाँ कांग्रेस का काम सार्वजनिक सभा के नाम से चलता था | उसी के माध्यम से स्वतन्त्रता प्राप्ति के अखिल भारतीय आन्दोलन से यहाँ की जनता जुड़ पाई..

स्वदेशी सांस्कृतिक चिन्तन मात्र से एकाकीपन होता है दूर – स्वामी अवधेशानन्द गिरी

जोधपुर (विसंकें). महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी जी ने कहा कि भारत के पौराणिक साहित्य एवं उनके मौलिक तत्वों से परिपूर्ण स्वदेशी संस्कृति के चिन्तन मात्र से मनुष्य का एकाकीपन दूर होता है. समय बड़ा बलवान है और इस समय की अनुभूति हमें करनी चाहिए. प्रत्य..