आज की अभिव्यक्ति

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आपको अपने अंदर से बाहर की तरफ विकसित होना पड़ेगा। कोई भी आपको यह नहीं सिखा सकता, और न ही कोई आपको आध्यात्मिक बना सकता है। आपकी अपनी अंतरात्मा के अलावा आपका कोई शिक्षक नहीं है -स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

जिस शिक्षा से हम अपना जीवन निर्माण कर सके, मनुष्य बन सके, चरित्र गठन कर सके और विचारो का सामंजस्य कर सके। वही वास्तव में शिक्षा कहलाने योग्य है-स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

एक राष्ट्र लोगों का एक समूह होता है जो एक लक्ष्य’,’एक आदर्श’,’एक मिशन’ के साथ जीते हैं और एक विशेष भूभाग को अपनी मातृभूमि के रूप में देखते हैं. यदि आदर्श या मातृभूमि  दोनों में से किसी का भी लोप हो तो एक राष्ट्र संभव न..

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हिन्दू समाज में तरुण  पीढी को हाथ में लेकर उसके ऊपर संस्कार डालने चाहिए-डॉ हेडगेवार..

आज की अभियक्ति

पढ़ने के लिए जरूरी है एकाग्रता, एकाग्रता के लिए जरूरी है ध्यान।ध्यान से ही हम इन्द्रियों पर संयम रखकर एकाग्रता प्राप्त कर सकते है-स्वामी विवेकानंद..

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"विद्या" सबसे अनमोल 'धन' है; इसके आने मात्र से ही सिर्फ अपना ही नही अपितु पूरे समाज का कल्याण होता है।" ~ इश्वर चन्द्र विद्यासागर..

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आदर्श, अनुशासन, मर्यादा, परिश्रम, ईमानदारी और उच्च मानवीय मूल्यों के बिना किसी का जीवन महान नहीं बन सकता-स्वामी विवेकानंद..

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शक्ति अनर्गल व्यवहार में व्यय न हो बल्कि अच्छी तरह विनियमित कार्रवाई में निहित होनी चाहिए- पं. दीनदयाल उपाध्याय..

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अगर आप ईश्वर को अपने भीतर और दूसरे वन्य जीवो में नहीं देख पाते, तो आप ईश्वर को कही नहीं पा सकते-स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

जब स्वभाव को धर्म के सिद्धांतों के अनुसार बदला जाता है, तो हमें संस्कृति और सभ्यता प्राप्त होते हैं-पंडित दीनदयाल उपाध्याय    ..

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दुसरो के कल्याण से बढ कर, दूसरा और कोई नेक काम और धर्म नही होता।" - इश्वर चन्द्र विद्यासागर..

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जगत को जिस वस्तु की आवश्यकता होती है वह है चरित्र। संसार को ऐसे लोग चाहिए जिनका जीवन स्वार्थहीन ज्वलंत प्रेम का उदाहरण है। वह प्रेम एक -एक शब्द को वज्र के समान प्रतिभाशाली बना देगा।..

आज की अभियक्ति

हिन्दुस्थान के साथ जिसके सारे हित संबंध जुड़े हैं, जो इस देश को भारत माता कह कर अति पवित्र दृष्टि से देखता है तथा जिसका देश के बाहर कोई अन्य आधार नहीं है, ऐसा महान धर्म और संस्कृति से एकसूत्र में गुंथा हुआ हिन्दू समाज ही यहाँ का राष्ट्रीय समाज है-प.पू. केशवराव बलिराम हेडगेवार..

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धर्म एक  बहुत व्यापक अवधारणा है जो समाज को बनाए रखने के जीवन के सभी पहलुओं से संबंधित है - पंडित दीनदयाल उपाध्याय..

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प्रसन्नता अनमोल खजाना है छोटी -छोटी बातों पर उसे लूटने न दे-स्वामी विवेकानंद..

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पूर्ण प्रभावी संस्कार किये बिना देशभक्ति का स्थायी स्वरूप निर्माण होना संभव नहीं है तथा इस प्रकार की स्थिति का निर्माण होने तक सामाजिक व्यवहार में प्रमाणिकता भी संभव नहीं - डॉ केशवराव बलिराम हेडगेवार..

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आज्ञा देने की क्षमता प्राप्त करने से पहले प्रत्येक व्यक्ति को आज्ञा का पालन करना सीखना चाहिए-स्वामी विवेकानंद..

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जीवन में नि:स्वार्थ भावना आये बिना खरा अनुशासन निर्माण नहीं होता-केशवराव बलिराम हेडगेवार..

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मानवीय और राष्ट्रीय दोनों तरह से, यह आवश्यक हो गया है कि हम भारतीय संस्कृति के सिद्धांतों के बारे में सोचें- पं. दीनदयाल उपाध्याय..

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कामनाएं समुद्र की भांति अतृप्त है, पूर्ति का प्रयास करने पर उनका कोलाहल और बढ़ता है- स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

पश्चिमी विज्ञान और पश्चिमी जीवन शैली दो अलग अलग चीजें हैं. चूँकि पश्चिमी विज्ञान सार्वभौमिक है और हमें आगे बढ़ने के लिए इसे अपनाना चाहिए, लेकिन  पश्चिमी जीवनशैली  और मूल्यों के सन्दर्भ में यह सच नहीं है-पं. दीनदयाल उपाध्याय  ..

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जीवन का रहस्य केवल आनंद नहीं है बल्कि अनुभव के माध्यम से सीखना है-स्वामी विवेकानंद..

आज के अभिव्यक्ति

कुछ  सच्चे , इमानदार  और  उर्जावान  पुरुष  और  महिलाएं ; जितना  कोई  भीड़ एक  सदी  में  कर  सकती  है  उससे  अधिक  एक  वर्ष  में  कर  सकते  हैं- स्वा..

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भारत में नैतिकता के सिद्धांतों को धर्म के रूप में माना जाता है – यानि जीवन के नियम-पं. दीनदयाल उपाध्याय..

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जीवन में नि:स्वार्थ भावना आये बिना खरा अनुशासन निर्माण नहीं होता- डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार..

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मनुष्य कितना भी बड़ा क्यों न बन जाए उसे हमेशा अपना अतीत याद करते रहना चाहिए -ईश्वरचंद विद्यासागर..

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हमारी राष्ट्रीयता का आधार भारत माता हैं, केवल भारत ही नहीं l माता शब्द हटा दीजिये तो भारत केवल जमीन का टुकड़ा मात्र बनकर रह जायेगा-पं. दीनदयाल उपाध्याय..

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यह  भगवान  से  प्रेम  का  बंधन  वास्तव  में ऐसा है  जो  आत्मा को बांधता  नहीं है  बल्कि  प्रभावी  ढंग  से  उसके  सारे  बंधन  तोड़ देता  है-स्वामी विवेकानंद..

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आकांक्षा , अज्ञानता , और  असमानता  – यह  बंधन  की  त्रिमूर्तियां  हैं-स्वामी विवेकानंद..

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मस्तिष्क   की  शक्तियां  सूर्य  की  किरणों  के समान हैं।  जब  वो केन्द्रित  होती हैं, चमक  उठती हैं-स्वामी विवेकानंद..

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जो  अग्नि  हमें  गर्मी  देती  है  , हमें  नष्ट   भी  कर  सकती  है ; यह  अग्नि  का दोष  नहीं  है-स्वामी विवेकानंद..

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सच्ची सफलता और आनंद का सबसे बड़ा रहस्य यह है : वह पुरुष या स्त्री जो बदले में कुछ नहीं मांगता , पूर्ण रूप से निस्स्वार्थ व्यक्ति , सबसे सफल है - स्वामी विवेकानंद..

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सबसे  बड़ा  धर्म  है  अपने  स्वभाव  के  प्रति  सच्चे  होना । स्वयं पर विश्वास करो - स्वामी विवेकानंद..

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प्रेम  विस्तार  है , स्वार्थ  संकुचन  है।  इसलिए  प्रेम  जीवन  का सिद्धांत  है। वह जो  प्रेम  करता  है  जीता  है , वह  जो  स्वार्थी  है मर  रहा  है। &nbs..

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किसी  चीज  से  डरो मत।  तुम  अद्भुत  काम  करोगे।  यह  निर्भयता ही  है  जो  क्षण  भर  में  परम  आनंद  लाती  है-स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

स्वतंत्र  होने  का  साहस  करो। जहाँ  तक  तुम्हारे  विचार  जाते  हैं वहां  तक  जाने का  साहस  करो , और  उन्हें  अपने  जीवन  में उतारने  का  साहस  करो-स्वा..

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किसी  दिन , जब  आपके  सामने  कोई   समस्या  ना  आये  – आप सुनिश्चित हो  सकते  हैं  कि  आप  गलत  मार्ग  पर  चल  रहे हैं-स्वामी विवेकानंद..

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पहले हर अच्छी बात का मज़ाक बनता है, फिर उसका विरोध होता है, और फिर उसे स्वीकार कर लिया जाता है - स्वामी विवेकानंद..

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भला  हम  भगवान  को  खोजने  कहाँ  जा  सकते  हैं  अगर  उसे अपने  ह्रदय  और हर एक  जीवित  प्राणी  में  नहीं  देख  सकते -स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

जब  कोई  विचार  अनन्य   रूप  से  मस्तिष्क   पर  अधिकार  कर  लेता  है  तब  वह  वास्तविक  भौतिक  या  मानसिक  अवस्था  में  परिवर्तित  हो  जाता &nb..

आज की अभिव्यक्ति

जब  कोई  विचार  अनन्य   रूप  से  मस्तिष्क   पर  अधिकार  कर  लेता  है  तब  वह  वास्तविक  भौतिक  या  मानसिक  अवस्था  में  परिवर्तित  हो  जाता &nb..

आज की abhivyakti

वेदान्त  कोई  पाप  नहीं  जानता , वो  केवल  त्रुटी  जानता  है।  और वेदान्त कहता है  कि  सबसे  बड़ी  त्रुटी  यह कहना  है  कि तुम कमजोर  हो , तुम  पापी  हो , एक  तुच्छ  प्राणी हो , और  तुम्हारे पास  कोई  शक्ति  नहीं  है  और  तुम  ये  वो  नहीं  कर  सकते-स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

जिस  क्षण  मैंने  यह  जान  लिया  कि  भगवान  हर एक  मानव शरीर  रुपी  मंदिर में  विराजमान  हैं , जिस  क्षण  मैं  हर  व्यक्ति  के  सामने  श्रद्धा  से &..

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बाहरी  स्वभाव  केवल  अंदरूनी   स्वभाव  का  बड़ा  रूप  है-स्वामी विवेकानंद..

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हम जितना ज्यादा बाहर जायें और दूसरों का भला करें, हमारा ह्रदय उतना ही शुद्ध होगा , और परमात्मा उसमे बसेंगे-स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

यदि  स्वयं  में  विश्वास  करना  और  अधिक  विस्तार  से  पढाया और  अभ्यास कराया   गया  होता  , तो  मुझे  यकीन  है  कि बुराइयों  और  दुःख  का  एक  ..

आज के अभिव्यक्ति

भगवान् की  एक  परम प्रिय  के  रूप  में  पूजा  की  जानी  चाहिए , इस  या  अगले जीवन  की  सभी  चीजों  से  बढ़कर-स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

यह जीवन अल्पकालीन है, संसार की विलासिता क्षणिक है, लेकिन जो दुसरो के लिए जीते है, वे वास्तव में जीते है-स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

यह जीवन अल्पकालीन है, संसार की विलासिता क्षणिक है, लेकिन जो दुसरो के लिए जीते है, वे वास्तव में जीते है।..

आज की अभिव्यक्ति

जिस दिन आपके सामने कोई समस्या न आये – आप यकीन कर सकते है की आप गलत रस्ते पर सफर कर रहे है-स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

विश्व एक व्यायामशाला है जहाँ हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं-स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

स्वामीविश्व एक व्यायामशाला है  जहाँ हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं- विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

सत्य को हज़ार तरीकों से बताया जा सकता है, फिर भी हर एक सत्य ही होगा-स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

जब तक आप खुद पे विश्वास नहीं करते तब तक आप भागवान पे विश्वास नहीं कर सकते-स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

हम वो हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है, इसलिए इस बात का ध्यान रखिये कि आप क्या सोचते हैं।  शब्द गौण हैं. विचार रहते हैं, वे दूर तक यात्रा करते हैं-स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

उस व्यक्ति ने अमरत्त्व प्राप्त कर लिया है, जो किसी  सांसारिक वस्तु से व्याकुल नहीं होता-स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

अगर धन दूसरों की भलाई  करने में मदद करे, तो इसका कुछ मूल्य है, अन्यथा, ये सिर्फ बुराई का एक ढेर है, और इससे जितना जल्दी छुटकारा मिल जाये उतना बेहतर है-स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

कभी मत सोचिये कि आत्मा के लिए कुछ असंभव है l ऐसा सोचना सबसे बड़ा विधर्म है l अगर कोई  पाप है, तो वो यही है- ये कहना कि तुम निर्बल  हो या अन्य निर्बल हैं -स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

किसी की निंदा ना करें. अगर आप मदद के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं, तो ज़रुर बढाएं.अगर नहीं बढ़ा सकते, तो अपने हाथ जोड़िये, अपने भाइयों को आशीर्वाद दीजिये, और उन्हें उनके मार्ग पे जाने दीजिये-स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

जिस तरह से विभिन्न स्रोतों से उत्पन्न  धाराएँ अपना जल समुद्र में मिला देती हैं ,उसी प्रकार मनुष्य द्वारा चुना हर मार्ग, चाहे अच्छा हो या बुरा भगवान तक  जाता है-स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

उठो मेरे शेरो, इस भ्रम को मिटा दो कि तुम निर्बल हो , तुम एक अमर आत्मा हो, स्वच्छंद जीव हो, धन्य हो, सनातन हो , तुम तत्व  नहीं हो , ना ही शरीर हो , तत्व तुम्हारा सेवक है तुम तत्व के सेवक नहीं हो-स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाये-स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

आकांक्षा , अज्ञानता , और  असमानता  – यह  बंधन  की  त्रिमूर्तियां  हैं-स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

एक  समय  में  एक  काम  करो , और  ऐसा  करते  समय  अपनी  पूरी  आत्मा उसमे  डाल  दो  और  बाकी  सब  कुछ  भूल  जाओ-स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

उस व्यक्ति ने अमरत्व प्राप्त कर लिया है, जो किसी सांसारिक वस्तु से व्याकुल नहीं होता-स्वामी विवेकानंद..

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  धर्म एक बहुत व्यापक विचार है जो समाज को बनाये रखने के सभी पहलुओं से सम्बंधित है-पंडित दीनदयाल उपाध्याय..

आज की अभिव्यक्ति

जिस दिन आपके सामने कोई समस्या न आये – आप यकीन कर सकते है की आप गलत रस्ते पर सफर कर रहे है-स्वामी विवेकानंद..

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"कोई मनुष्य अगर बङा बनना चाहता है, तो छोटे से छोटा काम भी करे, क्यूंकि स्वावलम्बी ही श्रेष्ठ होते है।" -इश्वर चन्द्र विद्यासागर..

आज की अभिव्यक्ति

विविधता में एकता और विभिन्न रूपों में एकता की अभिव्यक्ति भारतीय संस्कृति की विचारधारा में रची- बसी हुई है-पंडित दीनदयाल उपाध्याय..

आज की अभिव्यक्ति

हम वो हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है, इसलिए इस बात का ध्यान रखिये कि आप क्या सोचते हैं. शब्द गौण हैं. विचार रहते हैं, वे दूर तक यात्रा करते हैं-स्वामी विवेकानंद..

Todays expression

जिस शिक्षा से हम अपना जीवन निर्माण कर सके, मनुष्य बन सके, चरित्र गठन कर सके और विचारो का सामंजस्य कर सके। वही वास्तव में शिक्षा कहलाने योग्य है-स्वामी विवेकानंद  ..

आज की अभिव्यक्ति

प्रेम  विस्तार  है , स्वार्थ  संकुचन  है।  इसलिए  प्रेम  जीवन  का  सिद्धांत  है। वह जो  प्रेम  करता  है  जीता  है , वह  जो  स्वार्थी  है  मर  रहा &nbs..

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बीज की एक इकाई विभिन्न रूपों में प्रकट होती है – जड़ें, तना, शाखाएं, पत्तियां, फूल और फल. इन सबके रंग और गुण अलग-अलग होते हैं. फिर भी बीज के द्वारा हम इन सबके एकत्व के रिश्ते को पहचान लेते हैं-पंडित दीनदयाल उपाध्याय ..

आज की अभिव्यक्ति

हम जितना ज्यादा बाहर जायें और दूसरों का भला करें, हमारा ह्रदय उतना ही शुद्ध होगा, और परमात्मा उसमे बसेंगे-स्वामी विवेकानंद ..

आज की अभिव्यक्ति

"संसार मे सफल और सुखी वही लोग हैं, जिनके अन्दर “विनय” हो और विनय विद्या से ही आती है।”-ईश्वरचन्द्र विद्यासागर ..

आज की अभिव्यक्ति'

“विद्या” सबसे अनमोल ‘धन’ है, इसके आने मात्र से ही सिर्फ अपना ही नही अपितु पूरे समाज का कल्याण होता है”-इश्वरचन्द्र विद्यासागर ..

आज की अभिव्यक्ति

जीवन में विविधता और बहुलता है लेकिन हमने हमेशा उनके पीछे छिपी एकता को खोजने का प्रयास किया है-पंडित दीनदयाल उपाध्याय ..

आज की अभिव्यक्ति

उठो मेरे शेरो, इस भ्रम को मिटा दो कि तुम निर्बल हो, तुम एक अमर आत्मा हो, स्वच्छंद जीव हो, धन्य हो, सनातन हो, तुम तत्व नहीं हो, ना ही शरीर हो, तत्व तुम्हारा सेवक है तुम तत्व के सेवक नहीं हो-स्वामी विवेकानंद ..

आज की अभिव्यक्ति

अपने हित से पहले देश और समाज के हित को देखना विवेक युक्त सच्चे नागरिक का कर्त्तव्य होता है - ईश्वरचंद्र विद्यासागर ..

आज की अभिव्यक्ति

शिक्षा एक निवेश है. एक शिक्षित व्यक्ति वास्तव में समाज की सेवा करेगा-पंडित दीनदयाल उपाध्याय ..

आज की अभिव्यक्ति

किसी की निंदा ना करें. अगर आप मदद के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं, तो ज़रुर बढाएं.अगर नहीं बढ़ा सकते, तो अपने हाथ जोड़िये, अपने भाइयों को आशीर्वाद दीजिये, और उन्हें उनके मार्ग पे जाने दीजिये-स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

जिंदगी का रास्ता बना बनाया नहीं मिलता है, स्वयं को बनाना पड़ता है, जिसने जैसा मार्ग बनाया उसे वैसी ही मंज़िल मिलती है-स्वामी विवेकानंद ..

आज की अभिव्यक्ति

जिस समय जिस काम के लिए प्रतिज्ञा करो, ठीक उसी समय पर उसे करना ही चाहिये, नहीं तो लोगो का विश्वास उठ जाता है-स्वामी विवेकानंद..

TODAY'S EXPRESSION

 यह  भगवान  से  प्रेम  का  बंधन  वास्तव  में ऐसा है  जो  आत्मा  को  बांधता  नहीं है  बल्कि  प्रभावी  ढंग  से  उसके  सारे  बंधन  तोड़  देता  ..

आज की अभिव्यक्ति

किसी दिन, जब आपके सामने कोई समस्या ना आये – आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं.-स्वामी विवेकानंद ..

आज की अभिव्यक्ति

जीवन में विविधता और बहुलता है फिर भी हमने हमेशा उनके पीछे एकता की खोज करने का प्रयास किया है-पंडित दीनदयाल उपाध्याय..

आज की अभिव्यक्ति

अगर धन दूसरों की भलाई  करने में मदद करे, तो इसका कुछ मूल्य है, अन्यथा, ये सिर्फ बुराई का एक ढेर है, और इससे जितना जल्दी छुटकारा मिल जाये उतना बेहतर है -स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

जिंदगी में हमें बने बनाए रास्ते नहीं मिलते हैं, जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए हमें खुद अपने रास्ते बनाने पड़ते हैं-स्वामी विवेकानंद..

Today's Expression

खड़े हो जाओ, और हिम्मत करके अपनी सारी ज़िम्मेदारी खुद ले लो. यह तय करो कि अब से अपनी असफलता के लिए किसी और को दोषी नहीं ठहराओगे. न किसी और के भरोसे कोई काम करने की सोचोगे…. तभी तुम अपने भाग्य निर्माण खुद कर पाओगे और तुम्हारा भविष्य तभी उज्ज्वल होगा. ..

आज की अभिव्यक्ति

लोग तुम्हारी प्रशंसा करें या आलोचना, तुम्हारे पास धन हो या नहीं हो, तुम्हारी मृत्यु आज हो या बड़े समय बाद हो, तुम्हें पथभ्रष्ट कभी नहीं होना चाहिए.-स्वामी विवेकानंद..

आज की अभिव्यक्ति

बीज की एक इकाई विभिन्न रूपों में प्रकट होती है – जड़ें, तना, शाखाएं, पत्तियां, फूल और फल. इन सबके रंग और गुण अलग-अलग होते हैं. फिर भी बीज के द्वारा हम इन सबके एकत्व के रिश्ते को पहचान लेते हैं-पंडित दीनदयाल उपाध्याय  ..

आज की अभिव्यक्ति

जब तक जीवित हो तब तक अपने और दूसरों के अनुभवों से सीखते रहना चाहिए. क्योंकि अनुभव सबसे बड़ा गुरु होता है...