''कई बालगृहों में जोर-जबरदस्ती से किया जाता है कन्वर्जन''

''कई बालगृहों में जोर-जबरदस्ती से किया जाता है कन्वर्जन''

नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित एवं दुनिया के प्रख्यात बाल अधिकार कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी मानते हैं कि रांची के मिशनरीज ऑफ चैरिटी पर लगे आरोप बेहद गंभीर एवं आपराधिक हैं। अगर जांच में ये आरोप सत्य प्रमाणित होते हैं तो उस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी च

स्वामी विवेकानंद ने विश्व बंधुत्व का विचार सबके सम्मुख रखा था – डॉ. मनमोहन वैद्य

स्वामी विवेकानंद ने विश्व बंधुत्व का विचार सबके सम्मुख रखा था – डॉ. मनमोहन वैद्य

कांग्रेस अध्यक्ष श्री राहुल गांधी द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तुलना ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ के साथ करने पर संघ से परिचित और राष्ट्रीय विचार के लोगों आश्चर्य होना स्वाभाविक है. भारत के वामपंथी, माओवादी और क्षुद्र राजनीतिक स्वार्थ के लिए राष्ट

अभी-अभी

18 सितम्बर  बलिदान दिवस - महाराजा शंकर शाह और राजकुमार रघुनाथ शाह / कविता सुनाकर मृत्यु को गले लगाया

1857 ई. में जबलपुर में तैनात अंग्रेजों की 52वीं रेजिमेण्ट का कमाण्डर क्लार्क बहुत क्रूर था। वह छोटे राजाओं, जमीदारों एवं जनता को बहुत परेशान करता था। यह देखकर गोण्डवाना (वर्तमान जबलपुर) के राजा शंकरशाह ने उसके अत्याचारों का विरोध करने

  • भविष्य का भारत : ‘परं वैभवं नेतुमेतत् स्वराष्ट्रम्’ – लोकेन्द्र सिंह

    भविष्य का भारत : ‘परं वैभवं नेतुमेतत् स्वराष्ट्रम्’ – लोकेन्द्र सिंह

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तीन दिवसीय व्याख्यानमाला कार्यक्रम पर सबकी नजर है। देश में भी और देश के बाहर भी। सब जानना चाहते हैं कि दुनिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक संगठन आरएसएस ‘भविष्य का भारत’ को किस तरह देखता है? संघ का ‘भा..

    17 Sep 2018

  • सर्वसमावेशी संघ : समय के साथ आगे बढ़ता - आशीष अंशु

    सर्वसमावेशी संघ : समय के साथ आगे बढ़ता - आशीष अंशु

     भोपाल(विसंके). चन्द्रभान प्रसाद ने यह बात दलित समाज को लेकर कही थी। दलित चिन्तकों ने दलितों को जहां वे खड़े हैं, उससे बीस साल पीछे धकेल दिया है। दलित चिन्तक दलितों को लेकर इतने चिन्तित है कि उन्हें यकिन ही नहीं होता कि दलित आगे बढ़ रहा है। इस दुख मे

    17 Sep 2018

  • भविष्य का भारत और संघ - डॉ. मयंक चतुर्वेदी

    भविष्य का भारत और संघ - डॉ. मयंक चतुर्वेदी

    जब १९४७ में भारत आजाद हो गया उसके बाद हैदराबाद की जनता भी भारत में विलय चाहती थी. पर उनके आन्दोलन को निजाम ने अपनी निजी सेना रजाकार के द्वारा दबाना शुरू कर दिया. रजाकार एक निजी सेना (मिलिशिया) थी जो निजाम ओसमान अली खान के शासन को बनाए रखने तथा हैदराबाद को

    17 Sep 2018

  • ‘हिन्दीपन’ से मिलेगा हिंदी को सम्मान

    ‘हिन्दीपन’ से मिलेगा हिंदी को सम्मान

    भोपाल(विसंके). भाषा केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं है। बल्कि, इससे इतर भी बहुत कुछ है। भाषा की अपनी पहचान है और उस पहचान से उसे बोलने वाले की पहचान भी जुड़ी होती है। यही नहीं, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रत्येक भाषा का अपना संस्कार होता है। प्रत्येक व्

    15 Sep 2018

  • संघ का अंतिम लक्ष्य परम वैभवशाली भारत- नरेन्द्र सहगल

    संघ का अंतिम लक्ष्य परम वैभवशाली भारत- नरेन्द्र सहगल

    भोपाल(विसंके). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कल्पना में ‘परमवैभवशाली भारत’ ही भविष्य का भारत है। यही कल्पना स्वामी विवेकानन्द, स्वामी दयानन्द, स्वामी रामतीर्थ, महर्षि अरविंद, डॉक्टर हेडगेवार, सुभाष चन्द्र बोस,&n

    15 Sep 2018

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