''कई बालगृहों में जोर-जबरदस्ती से किया जाता है कन्वर्जन''

''कई बालगृहों में जोर-जबरदस्ती से किया जाता है कन्वर्जन''

नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित एवं दुनिया के प्रख्यात बाल अधिकार कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी मानते हैं कि रांची के मिशनरीज ऑफ चैरिटी पर लगे आरोप बेहद गंभीर एवं आपराधिक हैं। अगर जांच में ये आरोप सत्य प्रमाणित होते हैं तो उस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी च

चर्च द्वारा धर्मांतरण व अन्य दुष्कृत्यों की जांच हेतु आयोग बने – विहिप

चर्च द्वारा धर्मांतरण व अन्य दुष्कृत्यों की जांच हेतु आयोग बने – विहिप

नई दिल्ली. विश्व हिन्दू परिषद् ने कहा कि चर्च व उसके द्वारा संचालित तथाकथित सेवा कार्य धर्मांतरण ही नहीं, अपितु कई प्रकार के अवैधानिक-अनैतिक कृत्यों के केंद्र बन चुके हैं. इन कुकर्मों का अनेक बार भंडाफोड़ होने के बावजूद प्रचार तन्त्र व प्रशासन में इनकी गहर

अभी-अभी

पेड़ हमारे जीवन का अभिन्न अंग  है

भोपाल(विसंके). भारतीय किसान समाज में पशु तथा पेड़-इन दोनों को जीवन का अभिन्न अंग माना जाता था। गाय-भैंस-बैल को चारा दिये बगैर, या वृक्ष को पानी पिलाये बगैर, गृहस्वामी या स्वामिनी स्वयं न पानी पीते थे न भोजन करते थे।इन मूक प्राणियों के प्रति हमारे आत्मीयता

  • आधुनिक विचारों में हमारे कुछ मौलिक विचार कहीं खो गए – डॉ. नीलम महेंद्र

    आधुनिक विचारों में हमारे कुछ मौलिक विचार कहीं खो गए – डॉ. नीलम महेंद्र

    भोपाल(विसंके). नारी, स्त्री, महिला वनिता, चाहे जिस नाम से पुकारो नारी तो एक ही है। ईश्वर की वो रचना जिसे उसने सृजन की शक्ति दी है, ईश्वर की वो कल्पना जिसमें प्रेम त्याग सहनशीलता सेवा और करुणा जैसे भावों  से भरा ह्रदय  है। जो  शरीर से भले ही

    18 Jul 2018

  • पर्यावरणीय चिंता की आवश्यकता - रीतेश दुबे

    पर्यावरणीय चिंता की आवश्यकता - रीतेश दुबे

    भोपाल(विसंके). पिछले कई वर्षों से मानसून की भविष्यवाणियां सटीक नहीं बैठ पा रही जहां बारिश हो रही है वहां लगातार बाढ जैसे हालात बन रहे है और जहाँ पानी नहीं गिर रहा है वहां सूखे का अंदेशा है। कुछ बरस पहले तक जुलाई माह के पहले पखवाड़े में देश भर में मानसून छा

    18 Jul 2018

  • झूठ के पांव नहीं होते, सोशल मीडिया ने अफवाहों को पंख दिये - भरतचन्द्र नायक

    झूठ के पांव नहीं होते, सोशल मीडिया ने अफवाहों को पंख दिये - भरतचन्द्र नायक

    सोशल मीडिया हब बनाने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव ने विपक्ष को विचलित कर दिया है। सर्वोच्च न्यायाल ने इसी तरह की एक यात्रिका विचार के लिए स्वीकृति करते हुए यह कहकर कि सरकार की मंशा निगरानी राज स्थापित करने की लगती है। इसे बहस का मुद्दा बना दिया है। लोकतंत्

    17 Jul 2018

  • सजा का फैसला भीड़ के हाथों में मत जाने दीजिये – गिरीश उपाध्याय

    सजा का फैसला भीड़ के हाथों में मत जाने दीजिये – गिरीश उपाध्याय

    भोपाल(विसंके). हमारे भोपाल में शनिवार को फिर वही हुआ जिसके बारे में मैंने 4 जुलाई को लिखा था। 12 दिन पुराने उस कॉलम में मैंने कहा था कि ‘’सोशल मीडिया पर लोकतंत्र को भीड़ तंत्र में बदला जा रहा है। अब वहां से फतवे जारी होते हैं और देखते ही देखते

    16 Jul 2018

  • विवादित बयान इत्तेफाक या साज़िश -डॉ. नीलम महेंद्र

    विवादित बयान इत्तेफाक या साज़िश -डॉ. नीलम महेंद्र

    भोपाल(विसंके). वैसे तो शशि थरूर और विवादों का नाता कोई नया नहीं है। अपने आचरण और बयानों से वे विवादों को लगातार आमन्त्रित करते आएँ हैं। चाहे जुलाई 2009 में भारत पाक के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और युसुफ रजा गिलानी के बीच हुई बातचीत के बाद जारी संय

    16 Jul 2018

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