केरल की हिंसा वामपंथियों की राजनीति का हिस्सा - जे. नंदकुमार

केरल की हिंसा वामपंथियों की राजनीति का हिस्सा - जे. नंदकुमार

गत कई वर्षों से केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं राष्ट्रवादी विचारधारा के कार्यकर्ताओं की हत्या की जा रही है| इन घटनाओं की पार्श्वभूमि, वैचारिक संघर्ष, राज्य सरकार एवं पुलिस की भूमिका तथा संघ का इ

पत्थरबाजों का समर्थन करने से बाज आएं नेता-लोकेन्द्र सिंह

पत्थरबाजों का समर्थन करने से बाज आएं नेता-लोकेन्द्र सिंह

सेना के जवानों की पिटाई और उनके साथ बदसलूकी का वीडियो सामने आया, तब देश के ज्यादातर लोग खामोश थे। भारत और भारतीय सेना के लिए जिनके मन में सम्मान है, सिर्फ उन्हीं महानुभावों को वीडियो में अमानवीय हरकतें देखकर दु:ख हुआ। उन्होंने अपने-अपने ढंग से सेना के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट भी कीं। क्रिकेट में भारत का झंडा बुलंद करने वाले खिलाड़ी वीरेन्द्र सहभाग और गौतम गंभीर ने बहुत ही कठोर प्रतिक्रिया दीं। जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ के जवानों पर पत्थरबाजों ने जिस तरह लात-घूसे बरसाये, उसे देखकर निश्चिय ही देश के नागरिको

आज की अभिव्यक्ति

"ऐसी कोई भी राष्ट्रीय आकांक्षा नहीं है, जो संगठन द्वारा प्राप्त न होती हो। हम लोग हमेशा राष्ट्रीयता की दृष्टि से ही विचार करते हैं। चौबिसों घंटे वही राष्ट्रीयता के विचार हमारे मनों मे गूंजते  रहे, इसी लिये संघ का नाम राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ रखा गया ह

  • भारी पड़ेगी चाल-ज्ञानेन्द्र बरतरिया

    भारी पड़ेगी चाल-ज्ञानेन्द्र बरतरिया

    'मैं पाकिस्तान में भारत का जासूस था'— मोहनलाल भास्कर की यह आत्मकथा हम में से कई लोगों ने पढ़ी होगी। इस आत्मकथा का एक वाकया ध्यान देने लायक है। मोहनलाल भास्कर को जब पाकिस्तान में ट्रेन से एक शहर से दूसरे शहर ले जाया जा रहा था, तो हर स्टेशन पर भारी

    18 Apr 2017

  • समता का विकल्प नहीं, भीमराव अंबेडकर का अमर वाक्य यथार्थ में बदला-भरतचन्द्र नायक

    समता का विकल्प नहीं, भीमराव अंबेडकर का अमर वाक्य यथार्थ में बदला-भरतचन्द्र नायक

    संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान निमात्री समिति में 1949 में अपने भाषण में बताया था कि भारतीय संविधान के निर्माण में भले दो वर्ष ग्यारह माह सत्रह दिन लगे। लेकिन संविधान सभा की 11 बैठकें हुई और इन सत्रों में 6 सत्रों में संविधान के उद्देश्य, मूलभूत अधिकार, संघ की शक्तियों, राज्यों के अधिकार पर विचार के अलावा अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति, जनजातियों के हित में बनी समितियों की अनुशंसाओं पर समग्रता से विचार हुआ। शेष सत्रों में संविधान पर समग्र विचार होने के साथ 165 दिनों में फैले 11 सत्रों में कार्य

    14 Apr 2017

  • बाबासाहेब – एक अनुकरणीय व्यक्तित्व

    बाबासाहेब – एक अनुकरणीय व्यक्तित्व

    हिन्दू समाहित जाति व्यवस्था को लेकर बोधिसत्व बाबा साहेब का जिस प्रकार का मुखर विरोध रहा वह किसी से छुपा नहीं है और यह विरोध उनकें द्वारा एक दीर्घ रचना संसार के रूप में प्रकट हुआ है. जाति व्यवस्था को ही लेकर महात्मा गांधी से उनका विरोध भी सर्व विदित है. किन्तु एक वाक्य है उनकें 1916 में लिखे शोध निबंध का जो न केवल उनकें कृतित्व का बोधवाक्य था अपितु जाति व्यवस्था के प्रति उनकें विरोध के पीछे छिपे रचनात्मक, सकारात्मक और विचारात्मक स्वरूप को आमूल प्रकट करता है. उन्होंने उस शोध निबंध के बोध वाक्य के रूप में लिखा

    14 Apr 2017

  • क्या पांच वक्त का नमाजी कट्टर मुस्लिम भी आरएसएस का स्वयंसेवक बन सकता हैं?

    क्या पांच वक्त का नमाजी कट्टर मुस्लिम भी आरएसएस का स्वयंसेवक बन सकता हैं?

    अभी अभी विगत दिनों हुए उत्तर प्रदेश राज्य विधानसभा के चुनाव ने कई लोगों की आँखें खोल दीं । आम धारणा के विपरीत, कई मुसलमानों ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पक्ष में मतदान किया। इसमें महत्वपूर्ण योगदान रहा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवको

    13 Apr 2017

  • सर्वसमावेशी है हिन्दू राष्ट्र की अवधारणा-प्रवीण गुगनानी

    सर्वसमावेशी है हिन्दू राष्ट्र की अवधारणा-प्रवीण गुगनानी

    हाल ही में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिन्दू राष्ट्र की अवधारणा को सही बताया तो पुरे देश में जैसे एक वैचारिक द्वन्द छिड़ गयाl वस्तुतः यह कथन(हिन्दू राष्ट्र), यह व्यक्ति(योगी) और यह समय(जबकि देश अपने मूल विचार की ओर लौटने की यात्रा प्रारंभ कर चुका है) तीनों ही बड़े सटीक हैंl भारत भूमि पर विधर्मियों के आक्रमणों, कब्जे व अकूत संख्या में किये गए धर्मांतरण के बाद से ही हिंदू राष्ट्र की पुनर्स्थापना का विचार इस देश के नागरिकों में जन्म ले चुका था किंतु देश, काल व परिस्थिति के अनुसार इस कल्पना का आ

    12 Apr 2017

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