विद्या भारती पूरे देश मे  विद्यार्थियों को संस्कार युक्त शिक्षा देने का कार्य कर रही है-हितानंद शर्मा

विद्या भारती पूरे देश मे विद्यार्थियों को संस्कार युक्त शिक्षा देने का कार्य कर रही है-हितानंद शर्मा

भोपाल (विसंकें) l विद्या भारती मध्यभारत प्रान्त के ग्रामीण सरस्वती शिशु मंदिर कुंडाली जिला रायसेन  के भवन का लोकार्पण  श्री रामपाल राजपूत पीडब्ल्यूडी मंत्री मध्य प्रदेश शासन ,श्री एल गणेशन राज्य सभा सांसद , श्री हितानंद शर्मा प्रांतीय संगठ

पत्रकारों को व्यवहार में पारदर्शिता और नैतिकता का मापदंड अपनाना चाहिये – दत्तात्रेय होसबले जी

पत्रकारों को व्यवहार में पारदर्शिता और नैतिकता का मापदंड अपनाना चाहिये – दत्तात्रेय होसबले जी

मुंबई (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले जी ने कहा कि समाज को कैसा होने की शिक्षा देने वाले पत्रकारों (मीडिया) को देखने, बोलने और लिखने को लेकर आत्मपरीक्षण करना चाहिए. पत्रकारों को अपने व्यवहार में पारदर्शिता रखनी चाहि

  • नारद मुनि की पत्रकारिता और मानवीयता का दृष्टीकोण- परेश उपाध्याय

    नारद मुनि की पत्रकारिता और मानवीयता का दृष्टीकोण- परेश उपाध्याय

    आधुनिक मीडिया को देखकर कई बार लगता है कि यह अपने पारंपरिक स्वरूप से निरंतर भटकता जा रहा है। बात चाहे मानवीयता से जुड़े मुद्दों की हो या फिर समाज की ज्वलंत समस्याओं की, इन सभी को लेकर मीडिया की कम होती संवेदनशीलता स्पष्ट दिखाई देती है। ऐसे में हमारी भारतीय परंपराओं में संचार के माध्यम से समाज को संकट से बचाने वाले देवऋषि नारद का स्वतः ही स्मरण हो जाता है। एक तरफ जहां वर्तमान मीडिया अच्छे और खराब आतंकवाद सहित असली और नकली राष्ट्रवाद पर चर्चा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर नारद जी का संचार एवं पत्रकारिता का

    12 May 2017

  • विश्व भर के मुस्लिमों को राह दिखाएगा हिंदुस्तानी मुस्लिम

    विश्व भर के मुस्लिमों को राह दिखाएगा हिंदुस्तानी मुस्लिम

    जैसे जैसे तीन तलाक के संदर्भ में नई नई बातें सुनने को मिल रहीं हैं और मुस्लिम व गैर मुस्लिम विश्व में तीन तलाक को लेकर लोग मुखर होते जा रहें हैं. वस्तुतः व्हाट्सएप्प पर तलाक, sms से तलाक, पोस्टकार्ड से तलाक इन विषयों के समाज के सामनें खुलते जाने से यह स्वाभाविक भी है. किन्तु खेद यह है कि जैसे जैसे मुस्लिम महिला जगत में तीन तलाक को लेकर सड़क पर आने की बात क्रियान्वित होती जा रही है वैसे वैसे ही मुस्लिम ला बोर्ड के कर्ता धर्ता अधिक कट्टर रूख अपनाते जा रहें हैं. कभी वह कहता है कि डेढ़ वर्ष में तीन तलाक को समाप्त

    06 May 2017

  • दर्शन, काव्य और तीर्थाटन के माध्यम से एक विखंडित राष्ट्र को एकजुट करने वाले आदि शंकराचार्य !

    दर्शन, काव्य और तीर्थाटन के माध्यम से एक विखंडित राष्ट्र को एकजुट करने वाले आदि शंकराचार्य !

    आदि शंकराचार्य  शंकर को देखने समझने के दो द्रष्टिकोण हैं | एक तो तथाकथित आधुनिक बौद्धिक वर्ग और दूसरा उनका परंपरागत अनुयायी वर्ग | दोनों वर्ग अपनी अपनी महत्वाकांक्षाओं से दूषित है तथा अपना वर्चस्व पसंद करते हैं | कुछ लोग जो मानते हैं कि इतिहास ही वास्तविकता है, और पौराणिक कथाएं मिथक हैं, झूठी हैं, वे आद्य शंकराचार्य के अद्वैतवाद के खिलाफ हो जाते हैं: “ब्रह्म सत्यम, जगत मिथ्या”, अर्थात यह दुनिया, उसके समस्त वैज्ञानिक निष्कर्ष, जिन्हें हम अनिवार्य आवश्यकता मानते हैं, और यहाँ तक कि हमारा

    04 May 2017

  • आधुनिकता का पर्याय कपड़े नहीं-अनुपमा श्रीवास्तव

    आधुनिकता का पर्याय कपड़े नहीं-अनुपमा श्रीवास्तव

    किस तरह हम अपने सोच और कर्मों से अधिक कपड़ों से अपना परिचय देने लगे l कपडे तो आवश्यक हैं ही, अच्छी वेशभूषा का महत्त्व भी कम नहीं, लेकिन आज जिस तरह सब आकर ‘कपडा केन्द्रित’ हो गया है l हर दिन फैशन की अंधी दौड़ ने हमारे दिमाग और विवेक को जिस तरह

    01 May 2017

  • भारत में नक्सलवाद : विचारधारा से विवेकशून्यता तक-शुभ्रता मिश्रा

    भारत में नक्सलवाद : विचारधारा से विवेकशून्यता तक-शुभ्रता मिश्रा

    सुकमा में हाल ही में हुए एक और नक्सली हमले और भारत के जवानों की शहादत की मार्मिक वेदना एक बार फिर सदियों पहले के उस भारत में ले जाती है, जब कभी ब्रिटिश सरकार के अधीन वाले परतंत्र भारत में जंगलों के प्राकृतिक संसाधनों पर अपने अधिकार के लिए एक आदिवासी योद्ध

    29 Apr 2017

E-विचार एवं समन्वय सेवा और संवाद
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