स्वास्थ

स्वास्थ्य के प्रति सजग होते हुए भी क्यों पैदल नहीं चल पा रहे हैं भारतीय

  निष्ठा अनुश्री  फिटबिट ने 18 देशों पर एक अध्ययन किया जिसमें उन्होंने अपने उपयोगकर्ताओं के डाटा का प्रयोग किया। इसमें पाया गया कि औसत रूप से भारतीय जापान के बाद सबसे कम घंटों के लिए सोते हैं और अन्य देशों की तुलना में सबसे कम कदम ..

सबसे ताकतवर पोषण पूरक आहार है- सहजन (मुनगा)। इसकी जड़ से लेकर फूल, पत्ती, फल्ली, तना, गोंद हर चीज उपयोगी होती है।

आयुर्वेद में सहजन से तीन सौ रोगों का उपचार संभव है। सहजन के पौष्टिक गुणों की तुलना :- विटामिन सी- संतरे से सात गुना अधिक। विटामिन ए- गाजर से चार गुना अधिक। कैलशियम- दूध से चार गुना अधिक। पोटेशियम- केले से तीन गुना अधिक। प्रोटीन- दही की तुलना में तीन गुन..

जिंदगी भर बीमारियों से बचना है तो हर 20 दिन में साफ करें अपना लीवर.

लिवर शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है जो रक्त को शुद्ध करने और भोजन को पचाने में मदद करता है। इससे बने बाइल जूस से खाना पचाने में मदद मिलती है। लेकिन हमारी बुरी आदतों जैसे ज्‍यादा तले भुने खाना, एक्‍सरसाइज न करना, जरूरत से ज्यादा धूम्रपान करना और शर..

धूप लेने से ठीक हो सकता है ब्लड कैंसर, जानिए क्या कहते हैं शोध ।

धूप लेना सिर्फ ठंड से बचने या शरीर में गर्माहट लाने के लिए ही उपयोगी नहीं है, बल्कि इसके कुछ बेद अनमोल स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं। तनाव, अनिद्रा जैसी समस्याओं के अलावा अगर आप ब्लड कैंसर से बचना चाहते हैं, तो सूर्य का प्रकाश यानि धूप लेना आपके लिए अनिवार..

निरोगी काया जीवन का सबसे पहला सुख

भोपाल(विसंके). पहला सुख निरोगी काया। यदि आपका शरीर स्वस्थ नहीं है तो जीवन में आने वाला बड़े से बड़ा सुख आपको हल्का लगेगा और उस सुख का आपके जीवन में होना या न होना कुछ भी महत्व नहीं रखेगा। और दूसरी तरफ यदि आप निरोगी हैं तो जीवन में आने वाला बड़े से बड़ा दुख आप..

तुलसी के पत्तों को चबाना नहीं चाहिए, ये हैं तुलसी से मिलने वाले ढेरों फायदें

भोपाल(विसंके). अधिकांश हिंदू घरों में तुलसी का पौधा अनिवार्य रूप से लगाया जाता है। यह एक परंपरा है और बहुत पुराने समय से चली आ रही है। तुलसी को देवी का रूप माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार तुलसी के पत्तों का सेवन करने पर कई प्रकार की बीमारियों की रोकथाम ह..

संक्रामक बीमारी हैजा से बचाव, निदान और लक्षण

भोपाल(विसंके). हैजा एक संक्रामक बीमारी  है, जो आंतों को प्रभावित करती है और जिसमें पानी की तरह पतले दस्त लग जाते हैं। हैजा का इलाज समय रहते न किया जाए तो व्यक्ति में पानी की कमी  हो जाती है, जिससे व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। हैजा दूषित पानी पी..

जामुन है औषधीय गुणों से भरपूर

भोपाल(विसंके). बहुत से पेड़ ऐसे होते है जिसका हर हिस्सा बड़ा महत्वपूर्ण होता है ऐसा ही है जामुन का पेड़ जिसके पत्ते, फल, गुठली, छाल सभी बहुत उपयोगी होते है,जामुन का उपयोग हम फल के रूप में करते है परन्तु फल के साथ-साथ इसमे बहुत औषधीय गुण होते है.तो आईये जा..

अपने दैनिक जीवन में योग को अपनाये और उसके महत्त्व को समझे

भोपाल(विसंके). हर मानव की इच्छा स्वयं से और पर्यावरण से समरस होकर जीवित रहने की है। तथापि आधुनिक युग में अधिक शारीरिक और भावात्मक इच्छायें लगातार जीवन के अनेक क्षेत्रों पर भारी हो रही हैं। परिणामत: अधिकाधिक व्यक्ति खिंचाव, चिंता, अनिद्रा जैसे शारीरिक और म..

ताकि गर्मियाँ रहें सुहानी

वैसे तो भारत एक गर्म देश है. देश में अधिकांश हिस्से गर्म ही रहते हैं. लेकिन पंजाब एक ऐसा प्रांत है जहां सर्दियों में ठिठुरने के बाद गर्मियों में पसीने-पसीने भी होना पडता है. ऐसे में कुछ उपाय जो इन गर्मियों में भी आपको शीतलता प्रदान करेंगे:- गर्मियों मे..

रात 12 बजे मनाते हैं जन्मदिन तो हो जाएं सावधान

भोपाल(विसंके). एक अजीब सी प्रथा इन दिनों चल पड़ी है रात 12 बजे शुभकामनाएं देने और जन्मदिन मनाने की. लेकिन क्या आपको पता है भारतीय शास्त्र इसे गलत मानता है. आज हम आपको यही बताने जा रहे हैं अनिष्ट हो सकता है. आजकल किसी का जन्मदिन हो शादी का सालगिरह हो या फिर..

मोबाइल्स का स्वास्थ्य पर असर

रेडियो फ्रीक्वेंसी वेब नान आओनाइज़ेशन रेडिएशन है. जोकि एक्स-रे और अल्ट्रावायलेट रेडिएशन की तुलना में कम ताकतवर होते हैं. अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन रेडिएशन से दिमाग, सिर और गले में ट्यूमर हो सकता है या नहीं. इस संबंध में अमेरिकन केंसर सोसायटी शोध..

डायबिटीज महिलाओं के लिए ज्यादा घातक: डॉ. गुप्ता

भोपाल 18 नवंबर 2017। यूं तो टाइप 1 व टाइप 2 डायबिटीज के लक्षण पुरूषों एवं महिलाओं में समान होते हैं किंतु कुछ लक्षण और जटिलताएं केवल महिलाओं में पाई जाती हैं। डायबिटीज कभी भी, किसी को भी हो सकती है। इसका गरीबी या अमीरी से कोई नाता नहीं है। महिलाओं में य..

मधुमेह के उपचार का आयुर्वेदिक नुस्खा

मधुमेह आज के समय में सबसे बड़ी बीमारी है । प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद के अनुसार शरीर में सप्तधातुओं में से किसी धातु के क्षीण होने पर शरीर मधुमेह नामक बीमारी होती है । तो आइये आज जानते है सुगर रोगी को सुगर कंट्रोल करने के लिए आवश्यक नुश्खे के बार..