लोकसंस्कृति

ग्यारसपुर में स्थित है, हिन्दू, बौद्ध, तथा जैन धर्म परंपरा को एक साथ दर्शाता मध्यकालीन युग का प्राचीन माला देवी मंदिर

भोपाल(विसंके). विदिशा का ग्यारसपुर विकासखंड में एक पहाड़ी ढलान पर ऐतिहासिक मालादेवी मंदिर स्थित है। घाटी के कोने में स्थित यह मंदिर एक आभूषण की तरह दिखाई देता है। यह चट्टान को काट कर बनाए गए मंदिर की तरह लगता है। यहां आकर पहाड़ी से शानदार दृश्य ही नहीं द..

यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साईट में शामिल है, प्राचीन निर्माण कला का अद्भुत कोणार्क मंदिर

भोपाल(विसंके). कोणार्क का सूर्य मंदिर पुरी के उत्तर पूर्वी किनारे पर समुद्र तट के क़रीब निर्मित है.कोणार्क शब्द, कोण और अर्क शब्दों के मेल से बना है। अर्क का अर्थ होता है सूर्य जबकि कोण से अभिप्राय कोने या किनारे से है। कोणार्क का सूर्य मंदिर पुरी के उत्त..

आजादी के बाद की सोमनाथ गाथा - जूनागढ़ और सरदार पटेल

भोपाल(विसंके). आजादी के बाद जूनागढ़ रियासत का नबाब महाबत खां चाहता था कि उसकी रियासत का विलय पाकिस्तान के साथ हो | अपने प्रमुख सलाहकार व प्रधान मंत्री एस.एन. भुट्टो (बेनजीर भुट्टो के दादा) की सलाह पर उसने पाकिस्तान को यह सूचना भी लिख भेजी कि जूनागढ़ रियासत ..

सिंहोनिया, मुरेना का ककन मठ शिव मंदिर - शौर्यगाथा का प्रतीक, साथ ही अद्भुत प्रेम कहानी भी |

भोपाल(विसंके). कम ही लोग जानते हैं कि सोमनाथ विध्वंश करने वाला गजनी का लुटेरा सुलतान महमूद, ग्वालियर के किले को नहीं जीत पाया था और ना ही इस अंचल के किसी देवस्थल को स्पर्श कर सका था | बाम इतिहासकारों ने लिखा कि वह राजपूत राजा से ढाई सौ हाथी नजराना लेकर ..

अजंता और एलोरा की गुफाएं क्यों प्रसिद्द हैं. ?

भोपाल(विसंके). हम में से अधिकतर लोगों ने अजंता और एलोरा की गुफाओं के बारे में सुना ही होगा. ये गुफाएं चट्टानों में से काटे गए. अपने मंदिरों के लिए प्रसिद्द हैं. अजंता की गुफाएं अजंता गाँव के पास हैं, जो महाराष्ट्र राज्य में औरंगाबाद नामक स्थान के उत्तर मे..

बागपत में खुदाई के दौरान महाभारत काल के प्राचीन रथ और कब्रों के ताबूत मिले

भोपाल(विसंके). उत्तर प्रदेश के बागपत में आर्कियॉलजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) को 4000 साल पुरानी सभ्यता के अवशेष मिले हैं. खेत की जमीन से महज दस सेंटीमीटर नीचे मिली कांस्य युगीन सभ्यता के बारे में जानकारों का कहना है कि यह सभ्यता मेसोपोटामिया जैसी समृद्..

बिहार में हैं नालन्दा विश्वविद्यालय से भी पुराना विश्वविद्यालय

भोपाल(विसंके). कुछ साल पहले तक यह जगह झाड़ियों से पटा हुआ एक बड़ा टीला थी. गंदगी इतनी होती थी कि इधर से गुजरना मुहाल. लेकिन दिसंबर, 2014 में बिहार के नालंदा जिले के एकंगरसराय प्रखंड में तेल्हाड़ा गांव के दक्षिण-पश्चिम में स्थित इस टीले की खुदाई में ऐसे कई ..

कुम्भ को यूनेस्को ने दी सांस्कृतिक धरोहर की मान्यता

काशी (विसंके). हिन्दुओ के धार्मिक आस्था के केंद्र कुम्भ मेले को यूनेस्को की सांस्कृतिक सूची में शामिल किया गया है | इस उपलब्धि पर संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने ट्वीट में कहा, हमारे लिए यह गर्व का क्षण है कि पावन कुम्भ मेले को यूनेस्को द्वारा मानवता की अ..