आध्यात्म

मानव के कर्तव्य पंच महायज्ञ

भोपाल(विसंके). “यज्ञो वै श्रेष्ठतमं कर्म” अर्थात् प्रत्येक श्रेष्ठ कर्म यज्ञ कहलाता है अथवा यज्ञ करना सबसे श्रेष्ठ कर्म है । स्वामी दयानन्द जी ने वेदों के आधार पर कहा कि प्रत्येक मनुष्य को प्रतिदिन अपने जीवन में पाँच महायज्ञ जरूर करने चाहिए। ..

चार प्रमुख धामो में से एक बद्रीनाथ मन्दिर की संपूर्ण कथा।

भोपाल(विसंके). बद्रीनाथ मंदिर, जिसे बदरीनारायण मंदिर भी कहते हैं, अलकनंदा नदी के किनारे उत्तराखंड राज्य में स्थित है। यह मंदिर भगवान विष्णु के रूप बदरीनाथ को समर्पित है। यह हिन्दुओं के चार धाम में से एक धाम भी है। ऋषिकेश से यह २९४ किलोमीटर की दूरी पर उत्त..

वैदिक आश्रम व्यवस्था श्रेष्ठतम सामाजिक व्यवस्था

भोपाल(विसंके). ईश्वर का स्वभाव जीवों के सुख वा फल-भोग के लिए सृष्टि की रचना, पालन व प्रलय करना है। सृष्टि की रचना आदि का यह क्रम प्रवाह से अनादि है अर्थात् न तो कभी इसका आरम्भ हुआ और न कभी अन्त होगा, अर्थात् यह हमेशा चलता रहेगा। अपने इस स्वभाव के अनुसार ह..

वेद में चिकित्सा विज्ञान

भोपाल(विसंके). वेद ज्ञान का भण्डार है , वेद समस्त ज्ञान का स्रोत है । आर्य समाज के नियम में महर्षि दयानन्द जी ने वेद की महत्ता को प्रतिपादित करते हुए कहते हैं कि, वेद सब सत्य विद्याओं का पुस्तक है। वेद को सब सत्य विद्याओं का पुस्तक बता कर ऋषि ने अपनी यह म..

कठ उपनिषद में मृत्यु का भेद जानने के लिए यम के द्वार तक पहुंचने वाला नचिकेता सबसे पहला साधक जानते हैं नचिकेता के प्रश्न और यम के उत्तर के बारे में

भोपाल(विसंके). नचिकेता को दुनिया का पहला जिज्ञासु माना जाता है – कम से कम पहला महत्वपूर्ण जिज्ञासु। एक उपनिषद् भी उस से शुरू होता है। नचिकेता एक छोटा बालक था। उसके पिता ने एक यज्ञ करने की शपथ ली थी। यह एक ऐसा पवित्र अनुष्ठान था, जिसमें उन्हें अपनी स..

उपवास से होता है शरीर का शोधन

भोपाल(विसंके). संसार में अनेकों प्रकार की चिकित्सा पद्धतियाँ हैं। दो सौ वर्ष पूर्व हमारे देशवासी वैद्यक और हकीमी-दो चिकित्सा प्रणालियों का ही नाम सुनते थे। अंग्रेजी का शासन स्थापित हो जाने पर डाक्टरी (एलोपैथी) का नाम भी प्रसिद्ध हो गया। उसके पश्चात् होम्य..

शम्बूक वध - एक बहुत बड़ा झूठ

भोपाल(विसंके). इस पृथ्वी पर जिसे पुण्यभूमि की संज्ञा दी जा सकती है, वह देश है भारतवर्ष. यहाँ क्षमा, धैर्य, दया, शुद्धता आदि सद्वृत्तियों का निरन्तर विकास हुआ है. ये मानव जाति का कल्याण करने वाली सद्वृत्तियां हैं, यहाँ आध्यात्म और आत्मा के बारे खोज की गयी ..

भारतीय दर्शन से ही आएगी विश्व में शांति: दलाई लामा

भोपाल(विसंके).भारतीय दर्शन में सभी प्रश्नों के उत्तर समाहित हैं. पूरी दुनिया में शांति भारतीय दर्शन से ही संभव है. तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा ने यह बात नई दिल्ली में आयोजित ’विश्व शांति में भारत का योगदान’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में कही. उन्..

अमेरिकी पत्रिका का दावा-संस्कृत मंत्रों के उच्चारण से बढ़ती है याददाश्त

भोपाल(विसंके). एक्सपर्ट की इस टीम ने 42 वॉलंटियर्स को चुना, जिनमें 21 प्रशिक्षित वैदिक पंडित (22 साल) थे. इन लोगों ने 7 सालों तक शुक्ला यजुर्वेद के उच्चारण में पारंगत हासिल की थी. ये सभी पंडित दिल्ली के एक वैदिक स्कूल के थे. एक अमेरिकी पत्रिका में दावा क..

आध्यात्म क्या है ? - संत राजिंदर सिंह जी

आम तौर पर ऐसा माना जाता है कि अध्यात्म तर्क-बुद्धि औरविश्लेषण की क्षमता विकसित नहीं करता। हमें यह भी पढ़ाया जाता है कि अध्यात्म और विज्ञान में कोई समानता नहीं है। तोक्या अध्यात्म सिर्फ एक विश्वास है?मेरा मानना है कि अध्यात्म एक संपूर्ण विज्ञान है। विज्ञ..

सूर्य से ॐ की ध्वनि निकल रही है - ब्रजनंदन शर्मा

यह श्रद्धा और विश्वास की बात नहीं बल्कि शत प्रति सत्य और वैज्ञानिक शोध पर आधारित तथ्य है, जो हमारे ऋषिओं के हजारों साल पुराने कहे गए वचनों को प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त है, उन्होंने कहा था कि ब्रह्माण्ड की उत्पति के समय जो ध्वनि निक..