जिलाधिकारी चंद्रमणि नारायण ने महाप्रभु जगन्नाथ को दान कर दी अपनी सारी संपत्ति

जिलाधिकारी चंद्रमणि नारायण ने महाप्रभु जगन्नाथ को दान कर दी अपनी सारी संपत्ति

भुवनेश्वर (विसंकें). राज्य की पहली महिला जिलाधिकारी चंद्रमणि नारायण स्वामी का निधन उनके भुवनेश्वर स्थित आवास पर हुआ. वे 81 वर्ष की थीं. उन्होंने अपनी वसीयत मे महाप्रभु श्री जगन्नाथ को अपनी सारी संपत्ति दान कर दी. वर्ष 1964 में, उन्होंने पहले पुरी के उप

बीज की ताकत है समर्पण : सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत

बीज की ताकत है समर्पण : सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत

    प्रख्यात पत्रकार एवं चिंतक मामाजी माणिकचंद्र वाजपेयी के जन्मशताब्दी वर्ष का समापन समारोह दिल्ली में आयोजित, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर,पूर्व राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी और वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय भी रहे उपस्थित भोप..

पाकिस्तान में जबरन धर्म परिवर्तन जारी

पाकिस्तान में लंबे समय से अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार और जबरन धर्म परिवर्तन के मामलों पर अब पाक संसद ने भी मुहर लगा दी है. पाक की संसदीय समिति ने स्वीकार किया है कि सरकार धार्मिक अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा करने में पूरी तरह असफ

  • वनवास में रहे प्रभु श्री राम वनवासीयों के ज़्यादा क़रीबी थे

    वनवास में रहे प्रभु श्री राम वनवासीयों के ज़्यादा क़रीबी थे

     प्रहलाद सबनानी   यह एक एतिहासिक तथ्य है कि प्रभु श्री राम ने लंका पर चढ़ाई करने के उद्देश्य से अपनी  सेना वनवासियों एवं वानरों की सहायता से ही बनाई थी। केवट, छबरी, आदि के उद्धार सम्बंधी कहानियाँ तो हम सब जानते हैं। परंतु, जब व

    22 Oct 2020

  • भारत और भारतीयता को प्राथमिकता मिल रही

    भारत और भारतीयता को प्राथमिकता मिल रही

    पश्चिमी आधुनिकता और भारतीयता के द्वंद ने लंबे समय तक भारतीय ज्ञान पद्धति को प्रभावित किया   अनंत विजय    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने अपने एक भाषण में कहा कि ‘किसान क्षेत्र के हित के लिए काम करने वाला हमारा स

    21 Oct 2020

  • संघ के स्वयंसेवक आज भारत के कोने-कोने में देश-प्रेम, समाज-सेवा, हिन्दू-जागरण और राष्ट्रीय चेतना की अलख जगा रहे हैं

    संघ के स्वयंसेवक आज भारत के कोने-कोने में देश-प्रेम, समाज-सेवा, हिन्दू-जागरण और राष्ट्रीय चेतना की अलख जगा रहे हैं

    विजयादशमी – संघ स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में विशेष नरेंद्र सहगल वर्तमान राजनीतिक परिवर्तन के फलस्वरूप हमारा भारत ‘नए भारत’ के गौरवशाली स्वरूप की और बढ़ रहा है. गत् 1200 वर्षों की परतंत्रता के कालखण्ड में भारत और भारतीयता क

    21 Oct 2020

  • खिलाफत आंदोलन - मोपला जिहाद-डॉ. श्रीरंग गोडबोले

    खिलाफत आंदोलन - मोपला जिहाद-डॉ. श्रीरंग गोडबोले

    खिलाफत आंदोलन के बीच हिंसा की कई घटनायें हुईं. खिलाफत आंदोलन के दौरान 1919-1922 के बीच मुस्लिम दंगों की अनुमानित सूची इस प्रकार है (गांधी एंड अनार्की, सर सी शंकरन नायर, टैगोर एंड कंपनी मद्रास, 1922, पृ. 250, 251): नेल्लोर (22 सितंबर 1919), मुथुपेट, तंजा

    10 Oct 2020

  • लोकनायक के वारिसों से कुछ सवाल तो बनते ही है..

    लोकनायक के वारिसों से कुछ सवाल तो बनते ही है..

      डॉ अजय खेमरिया      आजादी के स्वर्णिम आंदोलन के बाद जिस महान नेता को देश ने लोकनायक के रूप में स्वीकार किया उस जयप्रकाश नारायण यानी जेपी के बिना आजाद भारत का कोई भी राजनीतिक विमर्श पूर्ण नही होता है।समकालीन राजनीति में नेतृत्व करने वाली पूरी पीढ़ी वस्तुतः जेपी की छतरी से निकलकर ही स्थापित हुई है ,जो आज पक्ष विपक्ष की भूमिकाओं में है।जेपी के महान व्यक्तित्व को लोग कैसे स्मरण में रखना चाहेंगे यह निर्धारित करने की जबाबदेही असल मे उनके राजनीतिक चेलों की ही थी। जेपी का मूल्यांकन उनके वारिस

    10 Oct 2020

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