"मीडिया द्वारा फैलाया जा रहा है भ्रम"

मीडिया में पिछले 24 घंटों के दौरान आरक्षण को लेकर राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ की अवधारणा के बारे में जो भ्रम फैलाया जा रहा है वह मीडिया के पेशे से ही घिन पैदा करने वाला है। यह कतई जरूरी नहीं कि संघ की बातों, विचारों या अवधारणाओं से सहमत हुआ जाए, ले

भारत की विशेषता का आधार है दर्शन एवं चिंतन - डॉ मनमोहन वैद्य जी

भारत की विशेषता का आधार है दर्शन एवं चिंतन - डॉ मनमोहन वैद्य जी

रायपुर । दिनांक 16 जनवरी, सोमवार को पत्रकारिता विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय द्वारा महंत घासीदास संग्रहालय सभागार में आयोजित किया गया । इसमें मुख्य अतिथि और वक्ता के रुप में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ. मनमोहन वैद्य उपस्तिथ थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति प्रो. डॉ. मानसिंह परमार  ने की। कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ हुई जिसमें शिवानी अग्रवाल ने

हिंदु आध्यात्मिक एवं सेवा मेले की तैयारियों के तहत हिपा में हुई विशेष संगोष्ठी

दो फरवरी से लगने जा रहे हरियाणा हिंदु आध्यात्मिक एवं सेवा मेले के तहत -महिलाओं को बढ़ावा- विषय पर हिपा संस्थान में रखी गई संगोष्ठी में प्रदेश के अनेक विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलरों व प्रोफेसरों ने तीन घंटे से अधिक तक महिलाओं की स्थिति पर मंथन किया। जिसमें पाया कि धीरे-धीरे महिलाओं की स्थिति में सुधार आ रहा है। पहले के मुकाबले महिलाएं अब ज्यादा आत्मनिर्भर हो रही है। मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद दिल्ली की एडिशनल एडवोकेट जनरल मोनिका अरोड़ा ने भी माना कामकाजी महिलाओं की स्थिति पहले के मुकाबले मजबूत हुई है और

  • मध्‍यप्रदेश में प्राचीन भवनों के संरक्षण की अनुपम पहल : डॉ मयंक चतुर्वेदी

    मध्‍यप्रदेश में प्राचीन भवनों के संरक्षण की अनुपम पहल : डॉ मयंक चतुर्वेदी

    संस्‍कृति एवं परंपरा के कभी जागृत नमूने रहे भवन आज भले ही अपने वैभव से दूर होकर अनेक स्‍थानों पर टूटे-फूटे स्‍मारकों में तब्‍दील हो गए हों, किंतु वे हैं तो हमारे अतीत का दिग्‍दर्शन करानेवाले आधार स्‍तम्‍भ ही हैं । इसलिए उन्‍हें उनके प्राचीन गौरवपूर्ण स्‍वरूप में वापस लाकर उनसे निरंतर प्रेरणा प्राप्‍त करते रहना हम सभी का दायित्‍व बनता है। इन दिनों इस दिशा में मध्‍यप्रदेश की सरकार जिस तरह से प्रयत्‍न कर रही है और स्‍वयं मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

    21 Jan 2017

  • बहुमूल्य जीवन का उपहार व्यर्थ के दिखावे से श्रेष्ठ नहीं बनता-प्रदीप कुमार सिंह पाल

    बहुमूल्य जीवन का उपहार व्यर्थ के दिखावे से श्रेष्ठ नहीं बनता-प्रदीप कुमार सिंह पाल

    इस संसार में हर व्यक्ति के अन्दर स्वयं को अधिक श्रेष्ठ ,अधिक सुन्दर ,कुछ विशेष ,सबसे हटकर प्रदर्शित करने का एक गुण छुपा हुआ है l इसे महत्वपूर्ण दिखने का शौक भी कह सकते हैं l इस कारण हर व्यक्ति इसी कोशिश में लगा रहता है कि कैसे वह सबकी नज़रों में ऊपर चढ़ जाये l दूसरों की नज़रों में अच्छा दिखने के लिए ,अपनी छवि बनाने के लिए यदि व्यक्ति को अनैतिक कार्य भी करना पड़ता है ,तो वह उसे करने से नहीं कतराता l इस तरह के किये गए अनैतिक कार्यों से वह अपने भविष्य के धरातल पर कांटे बोता रहता है ,लेकिन उसे यह पता ही नहीं होता क

    17 Jan 2017

  • “तस्वीर की जगह गांधी विचार पर बहस होनी चाहिए”-लोकेन्द्र सिंह

    “तस्वीर की जगह गांधी विचार पर बहस होनी चाहिए”-लोकेन्द्र सिंह

    कैलेंडर और डायरी पर महात्मा गांधी की जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर से उत्पन्न विवाद बेवजह है। यह इसलिए,क्योंकि भारत में इस बात की कल्पना ही नहीं की जा सकती है कि किसी कागज के टुकड़े पर चित्र प्रकाशित नहीं होने से गांधीजी के व्यक्तित्व पर पर्दा पड़ जाएगा। यह तर्क तो हास्यास्पद ही है कि गांधीजी के चित्र की जगह प्रधानमंत्री का चित्र इसलिए प्रकाशित किया गया है, ताकि गांधी की जगह मोदी ले सकें। गांधीजी की जगह वास्तव में कोई नहीं ले सकता। आश्चर्य की बात यह है कि गांधीजी के चित्र को लेकर सबसे अधिक चि

    16 Jan 2017

  • “कुटुंब,राष्ट्रीयता व सामजिक मर्यादाएं”-विनोद बंसल

    “कुटुंब,राष्ट्रीयता व सामजिक मर्यादाएं”-विनोद बंसल

    किसी भी देश या समाज की उन्नति उसके नागरिकों की सोच व व्यवहार पर निर्भर करती है l भारतीय परिप्रेक्ष्य में परिवार या कुटुंब का महत्व सदा से ही रहा है l सृष्टि की उत्पत्ति से लेकर आज तक जितने भी महापुरुष या दिव्यात्मएं इस पुण्य भूमि पर जन्मी वे किसी न किसी

    13 Jan 2017

  • युवा भारत हेतु प्रेरणा स्त्रोत: शिकागो संभाषण - प्रवीण गुगनानी

    युवा भारत हेतु प्रेरणा स्त्रोत: शिकागो संभाषण - प्रवीण गुगनानी

    प्रवीण गुगनानी  भारतीय युवाओं पर ईश्वर की कितना कृपा है यह केवल इस बात से समझा जा सकता है कि ईश्वर ने हमें प्रेरणा देनें हेतु भारत भू पर स्वामी विवेकानंद जैसे महापुरुष को जन्म दिया !! आज भारत सम्पूर्ण विश्व में सर्वाधिक युवा जनसंख्या वाला राष्ट्र है, अतः इस युवा भारत में स्वामी विवेकानंद का महत्त्व और अधिक बढ़ जाता है. आवश्यकता केवल इस बात की है कि आज की युवा पीढ़ी स्वामी विवेकानंद को संपूर्णतः पढ़े, उन्हें समझे, उनके अनुरूप ढले व उनके पद चिन्हों पर चलने का प्रयास करे. यदि आज भारतीय युवा स

    11 Jan 2017

E-विचार एवं समन्वय सेवा और संवाद
जागरण पत्रिका