वनवासियों के मित्र : मोरुभाऊ केतकर

वनवासियों के मित्र : मोरुभाऊ केतकर

वनवासियों के मित्र : मोरुभाऊ केतकर इस समय वनवासी कल्याण आश्रम का काम देश के हर वनवासी जिले में विद्यमान है। उसके माध्यम से हजारों विद्यालय और छात्रावास चल रहे हैं; पर जब यह काम प्रारम्भ हुआ, तब अनेक कठिनाइयां थीं। उन सबमें धैर्य, पर..

अनशनव्रती : यतीन्द्रनाथ दास

अनशनव्रती : यतीन्द्रनाथ दास

अनशनव्रती : यतीन्द्रनाथ दास यतीन्द्रनाथ दास का जन्म 27 अक्तूबर, 1904 को कोलकाता में हुआ था। 16 वर्ष की अवस्था में ही वे असहयोग आंदोलन में दो बार जेल गये थे। इसके बाद वे क्रांतिकारी दल में शामिल हो गये। शचीन्द्रनाथ सान्याल से

दक्षिण के सेनापति यादवराव जोशी

दक्षिण के सेनापति यादवराव जोशी दक्षिण भारत में संघ कार्य का विस्तार करने वाले श्री यादव कृष्ण जोशी का जन्म अनंत चतुर्दशी (3 सितम्बर, 1914) को नागपुर के एक वेदपाठी परिवार में हुआ था। वे अपने माता-पिता के एकमात्र पुत्र थे। उनके पिता श्री क

  • नगर सेठ अमरचन्द बांठिया को फांसी

    नगर सेठ अमरचन्द बांठिया को फांसी

    स्वाधीनता समर के अमर सेनानी सेठ अमरचन्द मूलतः बीकानेर (राजस्थान) के निवासी थे। वे अपने पिता श्री अबीर चन्द बाँठिया के साथ व्यापार के लिए ग्वालियर आकर बस गये थे। जैन मत के अनुयायी अमरचन्द जी ने अपने व्यापार में परिश्रम, ईमानदारी एवं सज्जनता के

    22 Jun 2019

  • आखिर साध्वी जी से परहेज़ क्यों है ?- डॉ. नीलम महेंद्र

    आखिर साध्वी जी से परहेज़ क्यों है ?- डॉ. नीलम महेंद्र

    साध्वी का विरोध करने वाले इस तथ्य को भी नजरअंदाज नहीं कर  सकते कि अगर साध्वी प्रज्ञा को अदालत ने आरोप मुक्त नहीं किया है तो इन 8 सालों में वो दोषी भी नहीं सिद्ध हुई। बल्कि ऐसे कोई सुबूत ही नहीं पाए गए जिससे उन पर मकोका लगे जिसके अंतर्गत उनक

    23 Apr 2019

  • जनता की अदालत में फैसला अभी बाकी है

    जनता की अदालत में फैसला अभी बाकी है

    कुछ समय पहले अमेरिका के एक शिखर के बेस बॉल खिलाड़ी जो कि वहाँ के लोगों के दिल में सितारा हैसियत रखते थे, उन पर अपनी पत्नी की हत्या का आरोप लगा। लेकिन परिस्थिति जन्य साक्ष्य के आभाव में वो अदालत से बरी कर दिए गए जबकि जज पूरी तरह आश्वस्त थे कि

    18 Apr 2019

  • देश-द्रोहियों के मताधिकार?

    देश-द्रोहियों के मताधिकार?

    चुनाव नजदीक आते ही विविध राजनैतिक दलों व नेताओं में वाकयुद्ध प्रारम्भ हो जाता है। एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते हुए अनेक बार, शब्दों की सीमाएं, न सिर्फ संसदीय मर्यादाएं बल्कि, सामान्य आचार संहिता का भी उल्लंघन कर जाती हैं। राजनैतिक दलों के सिद्धांतों,..

    17 Apr 2019

  • चपरासी से राष्ट्रपति तक सब चौकीदार ही चौकीदार - नरेन्द्र सहगल

    चपरासी से राष्ट्रपति तक सब चौकीदार ही चौकीदार - नरेन्द्र सहगल

    एक ऊंचे विशालकाय पेड़ पर शहद से लबालब भरा हुआ मधुमक्खियों का एक बहुत बड़ा छत्ता लटक रहा था। एक अनाड़ी और अधकचरे दिमाग वाले बच्चे के मुंह में शहद की लार टपकने लगी। उसने अपनी औकात देखे बिना ही मधुमक्खियों की चौकीदारी में सुरक्षित शहद के उस छत्ते पर एक पत्थर दे

    28 Mar 2019

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