राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पाँच परम पूज्यनीय सरसंघचालकों के व्यक्तित्व एवं कर्तृत्व पर केंद्रित पुस्तकों का लोकापर्ण कार्यक्रम संपन्न

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पाँच परम पूज्यनीय सरसंघचालकों के व्यक्तित्व एवं कर्तृत्व पर केंद्रित पुस्तकों का लोकापर्ण कार्यक्रम संपन्न

10 अक्टूबर , लखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पाँच परम पूजनीय सरसंघचालकों के व्यक्तित्व एवं कर्तृत्व पर केंद्रित पुस्तकों ‘ हमारे डॉ. हेडगेवार जी ’, ‘ हमारे श्रीगुरुजी ’, ‘ हमारे बालासाहेब देवरस ’, ‘ हमारे रज्जू

देशभर से हज़ारों विद्यार्थी 11 नवम्बर को तिरुवनंतपुरम में वामपंथी हिंसा के विरुद्ध आवाज़ उठाएंगे – अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद

देशभर से हज़ारों विद्यार्थी 11 नवम्बर को तिरुवनंतपुरम में वामपंथी हिंसा के विरुद्ध आवाज़ उठाएंगे – अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद

केरल में कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा लगातार एबीवीपी और संघ के कार्यकर्ताओं पर हो रही हिंसा के विरुद्ध एबीवीपी ने 11 नवम्बर को केरल की राजधानी में एक महारैली “चलो केरल” का आह्वान किया है – एबीवीपी अपने शहीद कार्यकर्ताओं के लिए न्याय की मा

अपने हुनर से मुसीबतों को हराया

भोपाल (विसंकें) l आज हम आपका परिचय एक ऐसी कलाकार से कराने जा रहे हैं जिन्होंने अपनी ज़िन्दगी में आई सारी परेशानियों का बड़ी ही बहादुरी से सामना किया उस कलाकार का नाम क्षमा कुलश्रेष्ठ l क्षमा एक चित्रकार हैं और उन्होंने चित्रकला को अपना जीवन बना लिया है l

  • सज्जनशक्ति को जगाने का 'जामवन्ती' प्रयास-लोकेन्द्र सिंह

    सज्जनशक्ति को जगाने का 'जामवन्ती' प्रयास-लोकेन्द्र सिंह

    विजयादशमी उत्सव के उद्बोधन में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि निर्भयतापूर्वक सज्जनशक्ति को आगे आना होगा, समाज को निर्भय, सजग और प्रबुद्ध बनना होगा विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए विजयादशमी उत्सव का बहुत महत्त्व है। वर्ष 1925 में विजयादशमी के अवसर पर ही संघ की स्थापना स्वतंत्रतासेनानी डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी। विजयादशमी के अवसर पर होने वाला सरसंघचालक का उद्बोधन देश-दुनिया में भारतवंदना में रत स्वयंसेवकों के लिए पाथेय का काम करता है। इस उद्बोधन से संघ की वर्तमा

    30 Sep 2017

  • भारत के विश्‍व गौरव को स्‍वानुभूत करने के साथ आत्‍ममंथन का वक्‍त : डॉ. मयंक चतुर्वेदी

    भारत के विश्‍व गौरव को स्‍वानुभूत करने के साथ आत्‍ममंथन का वक्‍त : डॉ. मयंक चतुर्वेदी

    देश दशहरा मना रहा है। वैसे भी यह दिन असत्‍य पर सत्‍य और आत्‍मबल की विजय का प्रतीक है। यह पर्व यह भी सीख देता है कि आप के समक्ष परिस्‍थ‍ितियां कितनी भी प्र‍तिकूल क्‍यों न हो, यदि मार्ग आपने सही चुना है, जिसमें पुरुषार्थ के साथ तेस्‍विता और सत्‍य है तो अंतत: सफलता आपको ही मिलेगी। श्रीराम ने जिस तरह से विपरीत परिस्‍थ‍ितियों के दौरान भी जैसा साहस दिखाया और कम संसाधन होने एवं रावण जैसी प्रशिक्षित सेना के अभाव में भी युद्ध को अपने पक्ष में कर लिया था, देखाजाए तो वैसी ही

    30 Sep 2017

  • हवन का महत्व

    हवन का महत्व

    फ़्रांस के ट्रेले नामक वैज्ञानिक ने हवन पर रिसर्च की। जिसमे उन्हें पता चला की हवन मुख्यतः आम की लकड़ी पर किया जाता है। जब आम की लकड़ी जलती है तो फ़ॉर्मिक एल्डिहाइड नामक गैस उत्पन्न होती है जो की खतरनाक बैक्टीरिया और जीवाणुओ को मारती है तथा वातावरण को शुद्द करती है। इस रिसर्च के बाद ही वैज्ञानिकों को इस गैस और इसे बनाने का तरीका पता चला। गुड़ को जलाने पर भी ये गैस उत्पन्न होती है। (२) टौटीक नामक वैज्ञानिक ने हवन पर की गयी अपनी रिसर्च में ये पाया की यदि आधे घंटे हवन में बैठा जाये अथवा हवन के धुएं से शरीर का सम्पर

    29 Sep 2017

  • ममता सरकार के तुष्टीकरण को न्यायालय ने दिखाया आईना-लोकेन्द्र सिंह

    ममता सरकार के तुष्टीकरण को न्यायालय ने दिखाया आईना-लोकेन्द्र सिंह

    माननीय न्यायालय में एक बार फिर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तुष्टीकरण की नीति का सच सामने आ गया। ममता बनर्जी समाज को धर्म के नाम पर बाँट कर राजनीति करने वाले उन लोगों/दलों में शामिल हैं, जो अपने व्यवहार और राजनीतिक निर्णयों से घोर सांप्रदायिक हैं लेकिन, तब भी तथाकथित 'सेकुलर जमात' की झंडाबरदार हैं। मुहर्रम का जुलूस निकालने के लिए दुर्गा प्रतिमा विसर्जन पर प्रतिबंध लगाना, क्या यह सांप्रदायिक निर्णय नहीं था? क्या तृणमूल कांग्रेस सरकार के इस फैसले में तुष्टीकरण और वोटबैंक की बदबू नहीं आती? क्या य

    23 Sep 2017

  • देश पर कम होता ऋण भार : डॉ. मयंक चतुर्वेदी

    देश पर कम होता ऋण भार : डॉ. मयंक चतुर्वेदी

    ऋण को विकास के लिए जितना अधिक अपरिहार्य माना गया है, उतना ही लगातार इससे डूबे रहने को जनमानस में घोर विपत्‍ति‍कारक स्‍वीकार्य किया गया है। भारत पर आज दुनियाभर का कितना कर्ज है, यह जानकर जितनी अधिक चिंता होती है, वहीं इन दिनों

    16 Sep 2017

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