शुद्धता के अनुरागी : उस्ताद असद अली खां

शुद्धता के अनुरागी : उस्ताद असद अली खां

आजकल संगीत में सब ओर मिलावट (फ्यूजन) का जोर है। कई तरह के देशी और विदेशी वाद्य एक साथ मंच पर स्थान पा रहे हैं। कभी-कभी तो शास्त्रीय और विदेशी शैलियों को मिलाकर बने कार्यक्रम को देख और सुनकर सच्चे संगीत प्रेमी सिर पीट लेते हैं। एक ओर कान फाड़ने वाला विदे

भगवान अय्यप्पा की पवित्र वन भूमि को कब्जाने का षड्यंत्र

भगवान अय्यप्पा की पवित्र वन भूमि को कब्जाने का षड्यंत्र

  केरल में कम्युनिस्ट सरकार और ईसाई चर्च की मिलीभगत से शबरीमला मंदिर से जुड़े ‘पवित्र वनों’ पर अतिक्रमण करने का षड्यंत्र चल रहा है. केरल में इस स्थान को ‘पूनकवनम’ कहा जाता है. मलयालम समाचार पत्र जन्मभूमि के एक समाचार के अन

अभी-अभी

सदा प्रसन्न वीरेन्द्र भटनागर

कुछ लोग हर परिस्थिति में प्रसन्न रहकर सबको प्रसन्न रखते हैं। श्री वीरेन्द्र भटनागर ऐसे ही एक प्रचारक थे। उनके पिता श्री ज्ञानेन्द्र स्वरूप भटनागर लखनऊ के मुख्य डाकपाल कार्यालय में काम करते थे। किसी विवाह कार्यक्रम में वे परिवार सहित मथुरा आये थे। वहीं 1

  • आखिर साध्वी जी से परहेज़ क्यों है ?- डॉ. नीलम महेंद्र

    आखिर साध्वी जी से परहेज़ क्यों है ?- डॉ. नीलम महेंद्र

    साध्वी का विरोध करने वाले इस तथ्य को भी नजरअंदाज नहीं कर  सकते कि अगर साध्वी प्रज्ञा को अदालत ने आरोप मुक्त नहीं किया है तो इन 8 सालों में वो दोषी भी नहीं सिद्ध हुई। बल्कि ऐसे कोई सुबूत ही नहीं पाए गए जिससे उन पर मकोका लगे जिसके अंतर्गत उनक

    23 Apr 2019

  • जनता की अदालत में फैसला अभी बाकी है

    जनता की अदालत में फैसला अभी बाकी है

    कुछ समय पहले अमेरिका के एक शिखर के बेस बॉल खिलाड़ी जो कि वहाँ के लोगों के दिल में सितारा हैसियत रखते थे, उन पर अपनी पत्नी की हत्या का आरोप लगा। लेकिन परिस्थिति जन्य साक्ष्य के आभाव में वो अदालत से बरी कर दिए गए जबकि जज पूरी तरह आश्वस्त थे कि

    18 Apr 2019

  • देश-द्रोहियों के मताधिकार?

    देश-द्रोहियों के मताधिकार?

    चुनाव नजदीक आते ही विविध राजनैतिक दलों व नेताओं में वाकयुद्ध प्रारम्भ हो जाता है। एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते हुए अनेक बार, शब्दों की सीमाएं, न सिर्फ संसदीय मर्यादाएं बल्कि, सामान्य आचार संहिता का भी उल्लंघन कर जाती हैं। राजनैतिक दलों के सिद्धांतों,..

    17 Apr 2019

  • चपरासी से राष्ट्रपति तक सब चौकीदार ही चौकीदार - नरेन्द्र सहगल

    चपरासी से राष्ट्रपति तक सब चौकीदार ही चौकीदार - नरेन्द्र सहगल

    एक ऊंचे विशालकाय पेड़ पर शहद से लबालब भरा हुआ मधुमक्खियों का एक बहुत बड़ा छत्ता लटक रहा था। एक अनाड़ी और अधकचरे दिमाग वाले बच्चे के मुंह में शहद की लार टपकने लगी। उसने अपनी औकात देखे बिना ही मधुमक्खियों की चौकीदारी में सुरक्षित शहद के उस छत्ते पर एक पत्थर दे

    28 Mar 2019

  • संघ की प्रतिनिधि सभा, भाग- 4 : संघ साधना का शंखनाद- राष्ट्रहित सर्वोपरि - नरेन्द्र सहगल

    संघ की प्रतिनिधि सभा, भाग- 4 : संघ साधना का शंखनाद- राष्ट्रहित सर्वोपरि - नरेन्द्र सहगल

    अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में पारित सर्वसम्मत प्रस्ताव मात्र खानापूर्ति की श्रेणी में नहीं आते। एक क्रमबद्ध प्रक्रिया और गहरे विचारमंथन के पश्चात पारित किए जाने वाले इन प्रस्तावों में जनसत्ता और राजसत्ता दोनों के लिए दिशानिर्देश निहित होता है। ये प्रस्ताव

    11 Mar 2019

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